January 26, 2019

राम मंदिर का हल 24 घंटे में ??

राम मंदिर का हल 24 घंटे में ??

ज्यों ज्यों चुनाव नजदीक आ रहे हैं राम मंदिर का मुद्दा दिन पर दिन जोर पकड़ता जा रहा है ।


उत्तर पदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से समाचार चैनल इंडिया टीवी ने जब पूछा कि वह आयोध्या मसले का समाधान बातचीत से करेंगे या डंडे से तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, "इसे हमारे हवाले कर देना चाहिए और 24 घंटे के भीतर इसका समाधान हो जाएगा । "


योगी आदित्यनाथ ने कहा कि " मैं अदालत से विवाद का निपटारा जल्द करने की अपील करूंगा । इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने 30 सितंबर 2010 को भूमि बंटवारे के मसले पर आदेश नहीं दिया, बल्कि यह भी स्वीकार किया कि बाबरी ढांचा हिंदू मंदिर या स्मारक को नष्ट करके खड़ा किया गया था । भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने उच्च न्यायालय के आदेश पर खुदाई की और अपनी रिपोर्ट में स्वीकार किया कि बाबरी के ढांचे का निर्माण हिंदू मंदिर या स्मारक को नष्ट करके किया गया था। टाइटल का विवाद अनावश्यक रूप से जोड़कर अयोध्या विवाद को लंबा खींचा जा रहा है । हम सर्वोच्च न्यायालय से लाखों लोगों की संतुष्टि के लिए जल्द से जल्द न्याय देने की अपील करते हैं । ताकि अनावश्यक विलंब होने से संस्थानों से लोगों का भरोसा न उठ जाए । "


उनसे जब पूछा गया कि केंद्र सरकार ने अध्यादेश क्यों नहीं लाई तो उन्होंने कहा " यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था, और संसद में विचाराधीन मसलों पर बहस नहीं हो सकती है ।"


इससे पहले भी आ चुके हैं कई दिग्गजों के बयान :-


राम मंदिर मुद्दे  पर  बाबा रामदेव ने कहा था कि यदि न्यायालय के निर्णय में देर हुई तो संसद में  इसका बिल आएगा।


इससे पहले आरएसएस ने भी सरकार से मांग की थी कि वह संसद में कानून बनाकर जमीन का अधिग्रहण करे और मंदिर बनाने का रास्ता साफ करे ।


बाबा रामदेव ने कहा था कि राम जन्मभूमि पर राम मंदिर नहीं बनेगा तो किसका बनेगा?  संतो और रामभक्तों ने संकल्प किया है अब राम मंदिर में और देर नहीं चाहिए ।


जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष राम विलास वेदांती का दावा किया था  कि राम मंदिर का निर्माण दिसंबर में शुरू हो जाएगा जो न हो सका ।


इसके पूर्व  भी संघ की ओर से भैया जोशी ने प्रेस कांन्फ्रेंस की थी और कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो राम मंदिर के लिए 1992 जैसा आंदोलन करेंगे ।


और अब योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि "जहां तक लोगों के धैर्य और भरोसे की बात है तो अनावश्यक विलंब से संकट पैदा हो रहा है । मैं चाहता हूं कि अदालत को अपना फैसला शीघ्र देना चाहिए। अगर वह ऐसा करने में असमर्थ हैं तो वह मसला हमें सौंप दें , हम राम जन्मभूमि विवाद का समाधान 24 घंटे के भीतर कर देंगे, हम 25 घंटे नहीं लेंगे । - सोर्स - NDTV


गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में सुनवाई को बार बार टाल दिया जाता है और हाल फिलहाल कोर्ट से इस संबंध में जल्द ही निर्णय की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती ।


हालांकि विपक्ष के अनुसार राम मंदिर के मुद्दे को चुनाव की वजह से ज्यादा हवा दी जा रही है , पूर्ण बहुमत और यूपी सहित कई राज्यों में भाजपा सरकार होने के बाबजूद सिर्फ चुनावी समय में  राम मंदिर की बात सिर्फ वोट की राजनीति है ।







वायरल प्रेरक लघु कथा2 - अनजान लेखक

वायरल प्रेरक लघु कथा2 - अनजान लेखक
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टीचर ने सीटी बजाई और स्कूल के मैदान पर 50 छोटे छोटे बालक-बालिकाएँ दौड़ पड़े।
सबका एक लक्ष्य। मैदान के छोर पर पहुँचकर पुनः वापस लौट आना।

प्रथम तीन को पुरस्कार। इन तीन में से कम से कम एक स्थान प्राप्त करने की सारी भागदौड़।

सभी बच्चों के मम्मी-पापा भी उपस्थित थे तो, उत्साह जरा ज्यादा ही था।

मैदान के छोर पर पहुँचकर बच्चे जब वापसी के लिए दौड़े तो पालकों में " और तेज...और तेज... " का तेज स्वर उठा। प्रथम तीन बच्चों ने आनंद से अपने अपने माता पिता की ओर हाथ लहराए।

चौथे और पाँचवे अधिक परेशान थे, कुछ के तो माता पिता भी नाराज दिख रहे थे।

उनके भी बाद वाले बच्चे, ईनाम तो मिलना नहीं सोचकर, दौड़ना छोड़कर चलने भी लग गए थे।

शीघ्र ही दौड़ खत्म हुई और 5 नंबर पर आई वो छोटी सी बच्ची नाराज चेहरा लिए अपने पापा की ओर दौड़ गयी।

पापा ने आगे बढ़कर अपनी बेटी को गोद में उठा लिया और बोले : " वेल डन बच्चा, वेल डन....चलो चलकर कहीं, आइसक्रीम खाते हैं। कौनसी आइसक्रीम खाएगी हमारी बिटिया रानी ? "

" लेकिन पापा, मेरा नंबर कहाँ आया ? " बच्ची ने आश्चर्य से पूछा।

" आया है बेटा, पहला नंबर आया है तुम्हारा। "

" ऐंसे कैसे पापा, मेरा तो 5 वाँ नंबर आया ना ? " बच्ची बोली।

" अरे बेटा, तुम्हारे पीछे कितने बच्चे थे ? "

थोड़ा जोड़ घटाकर वो बोली : " 45 बच्चे। "

" इसका मतलब उन 45 बच्चों से आगे तुम पहली थीं, इसीलिए तुम्हें आइसक्रीम का ईनाम। "

" और मेरे आगे आए 4 बच्चे ? " परेशान सी बच्ची बोली।

" इस बार उनसे हमारा कॉम्पिटीशन नहीं था। "

" क्यों ? "

" क्योंकि उन्होंने अधिक तैयारी की हुई थी। अब हम भी फिर से बढ़िया प्रेक्टिस करेंगे। अगली बार तुम 48 में फर्स्ट आओगी और फिर उसके बाद 50 में प्रथम रहोगी। "

" ऐंसा हो सकता है पापा ? "

" हाँ बेटा, ऐंसा ही होता है। "

" तब तो अगली बार ही खूब तेज दौड़कर पहली आ जाउँगी। " बच्ची बड़े उत्साह से बोली।

" इतनी जल्दी क्यों बेटा ? पैरों को मजबूत होने दो, और हमें खुद से आगे निकलना है, दूसरों से नहीं। "

पापा का कहा बेटी को बहुत अच्छे से तो समझा नहीं लेकिन फिर भी वो बड़े विश्वास से बोली : " जैसा आप कहें, पापा। "

" अरे अब आइसक्रीम तो बताओ ? " पापा मुस्कुराते हुए बोले।

तब एक नए आनंद से भरी, 45 बच्चों में प्रथम के आत्मविश्वास से जगमग, पापा की गोद में शान से हँसती बेटी बोली : " मुझे बटरस्कॉच आइसक्रीम चाहिए। "

*क्या इस बार अपने बच्चो के रिजल्ट के समय हम सभी माता पिता का व्यवहार कुछ ऐसा होना चाहिए ....विचार जरूर करे और सभी माता पिता तक जरुर पहुचाये
🙏

भारत रत्न 2019

भारत रत्न 2019
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीन नामचीन हस्तियों को भारत रत्न देने की घोषणा की ।

इनमें पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी , दूसरे डॉ. भूपेन हजारिका और तीसरे नानाजी देशमुख को भारत रत्न दिया गया है ।

सामाजिक कार्यकर्ता और संघ विचारक नानाजी देशमुख और प्रख्यात संगीतकार भूपेन हजारिका को मरणोपरांत इस सम्मान से सम्मानित किया गया है।

प्रणब दा ने ट्वीट में लिखा, 'भारत के लोगों के प्रति विनम्रता और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मैं इस महान सम्मान को स्वीकार करता हूं, देशवासियों ने मुझे शुभकामनाएं दीं, मैंने हमेशा कहा है और मैं दोहराता हूं कि मैंने अपने महान देश के लोगों को जितना दिया है, उससे अधिक मुझे मिला है ।

क्या है भारत रत्न सम्मान :


1954 में इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान की शुरुआत की गई थी। इसकी स्थापना तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई।
भारत रत्न सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है । इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है ।

अब तक मिले भारत रत्न :


अब तक सी राजगोपालाचारी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, चन्द्रशेखर वेंकटरमन, भगवान दास, एम विश्वेश्वरैया, जवाहर लाल नेहरू, गोविन्द बल्लभ पन्त, धोंडो केशव कर्वे, बिधान चंद्र रॉय, पुरुषोत्तम दास टंडन, राजेंद्र प्रसाद, जाकिर हुसैन, पांडुरंग वामन काणे, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, वीवी गिरि, के. कामराज, मदर टेरेसा, विनोबा भावे, ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान, एम जी रामचन्द्रन, बी आर अम्बेडकर, नेल्सन मंडेला, राजीव गांधी, वल्लभ भाई पटेल, मोरारजी देसाई, अबुल कलाम आजाद, जे आर डी टाटा, सत्यजित राय, गुलजारी लाल नंदा, अरुणा आसफ अली, ए पी जे अब्दुल कलाम, एम एस सुब्बुलक्ष्मी, चिदम्बरम सुब्रमण्यम, जयप्रकाश नारायण, अमर्त्य सेन, गोपीनाथ बोरदोलोई, रवि शंकर, लता मंगेशकर, बिस्मिल्लाह खान, भीमसेन जोशी, सी एन आर राव, सचिन तेंदुलकर ,अटल बिहारी वाजपेयी, महामना मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न दिया गया है ।
इस वर्ष जिन्हें मिला यह उच्च सम्मान उनमें

प्रणव मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति रह चुके हैं । उन्होंने 25 जुलाई 2012 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी, वह इस पद पर 25 जुलाई 2017 तक रहे । 1984 में प्रणव मुखर्जी वित्तमंत्री रह चुके थे। वे 1995 से लेकर 1996 तक विदेश मंत्री रह चुके हैं ।

नानाजी देशमुख समाजसेवी और भारतीय जनसंघ के नेता थे, जनता पार्टी की सरकार में उन्हें मोरारजी देसाई मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था मगर उन्होंने यह कहकर मंत्रिपद ठुकरा दिया कि 60 वर्ष से अधिक की उम्र के लोग सरकार से बाहर रहकर समाजसेवा का कार्य करें ।
उन्होंने दीन दयाल उपाध्याय शोध संस्थान के तहत तमाम समाजसेवा से जुड़े कार्यों को विस्तार दिया । अटल विहारी वाजपेयी की सरकार में उन्हें भारत सरकार ने पद्मविभूषण से सम्मानित किया था । नानाजी देशमुख ने संघ में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है ।

भूपेन हजारिका ऐसे बिरले कलाकारों में रहे जो कि खुद गीत लिखते थे, संगीत देते थे और उसे गाते भी थे। भूपेन हजारिका के गीतों ने लाखों को दीवाना बनाया। उन्होंने कई गीतों को जादुई आवाज दी ।

January 24, 2019

प्रियंका में दिखती है इंदिरा की छवि ?

प्रियंका में दिखती है इंदिरा की छवि ?
प्रियंका गाँधी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गाँधी की बेटी है।

उनकी दादी इंदिरा गाँधी और नाना जवाहर लाल नेहरू भी भारत के प्रधानमंत्री रहे हैं।

उनके दादा फिरोज़ गाँधी एक संसद सदस्य थे और उनके परनाना, मोतीलाल नेहरु भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महत्वपूर्ण नेता थे।

उनकी शादी रॉबर्ट वाड्रा से हुई, जिसके बाद उनका नाम प्रियंका वाड्रा हो गया ।

प्रियंका के दो बच्चे हैं । बेटे का नाम रेहान और बेटी का नाम मिराया हैं।

लोग उनमें दादी इंदिरा गांधी की छवि देखते हैं । सभी का मानना है कि प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को फायदा होगा ।

प्रियंका गांधी अपने अच्छे व्यक्तित्तव से मतदाताओं को अपने पक्ष में कर सकती है । उनके कई गुण उनकी दादी इंदिरा से मेल खाते है ।

पहले भी प्रियंका गांधी की वजह से कई चुनाव में काँग्रेस को बड़ा फायदा मिला है । प्रियंका गांधी का युवाओं के बीच बहुत बड़ा नाम है और वे हर सभा मे जनता के आकर्षण का केंद्र रहती हैं ।

वे अपनी माँ सोनिया और भाई राहुल के लिए राजनीति में न आकर बाहर से ही प्रचार करती रही हैं उन्होंने अपनी माँ और भाई के निर्वाचन क्षेत्रों रायबरेली और अमेठी में नियमित रूप से दौरा और प्रचार किया, बीबीसी के एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि राजनीति शक्तिशाली नहीं है, बल्कि जनता अधिक महत्वपूर्ण है और मैं उनकी सेवा राजनीति से बाहर रहकर भी कर सकती हूँ।

प्रियंका का प्रचार और संवाद का तरीका बिल्कुल अपनी दादी इंदिरा गाँधी से मेल खाता है ।

निर्वाचन क्षेत्र अमेठी में चुनाव के समय एक लोकप्रिय नारा है अमेठी का डंका, बिटिया प्रियंका ।

प्रियंका अपनी माँ की राजनीतिक सलाहकार की तरह चुनावों में काम करती रही हैं ।

2004 के भारतीय आम चुनाव में, वह अपनी माँ की चुनाव अभियान प्रबंधक थी और अपने भाई राहुल गाँधी के चुनाव प्रबंधन में मदद की।
एक प्रेस वार्ता में इन्ही चुनावों के दौरान उन्होंने कहा कि "राजनीति का मतलब जनता की सेवा करना है और मैं वह पहले से ही कर रही हूँ।"

गौरतलब है कि कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को पार्टी महासचिव बनाकर पूर्व उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी है ।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि हम कांग्रेस की विचारधारा के लिए लड़ रहे हैं, हम उत्तर प्रदेश की रा
जनीति को बदलना चाहते हैं , प्रियंका और ज्योतिरादित्य को मैनें यूपी दो महीने के लिए नहीं भेजा है, मैंने उन्हें मिशन दिया है कि वह पार्टी की सच्ची विचारधारा, गरीबों और कमजोरों की विचारधारा को आगे बढ़ाए , मुझे भरोसा है कि दोनों अच्छे से काम करेंगे ।

January 23, 2019

वित्तमंत्री का अतिरिक्त प्रभार पीयूष गोयल को

वित्तमंत्री का अतिरिक्त प्रभार पीयूष गोयल को

केंद्र सरकार में रेल और कोयला मंत्री पीयूष गोयल को बुधवार को जेटली की अनुपस्थिति में वित्त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।





वित्त मंत्री अरुण जेटली तबियत खराब होने के कारण इस वक़्त 'नियमित चेकअप' के लिए अमरीका में है ।





जेटली की अनुपस्थिति में एक फ़रवरी को मोदी सरकार अंतरिम बजट पेश करेगी ।


पिछले साल अप्रैल में वित्त मंत्री अरुण जेटली किडनी की समस्या के कारण दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती हुए थे जहाँ उनकी किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी ।


मीडिया सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का मंगलवार को न्यूयॉर्क के एक अस्पताल में आपरेशन हुआ बताया गया । चिकित्सकों ने जेटली को दो सप्ताह आराम करने की सलाह दी हैं। वे 13 जनवरी को अमेरिका गए थे।





राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ''अरुण जेटली के अस्वस्थ होने के कारण वित्त मंत्रालय और कॉपोरेटअफ़ेयर्स मामले का कार्यभार पीयूष गोयल संभालेंगे । इस दौरान अरुण जेटली मिनिस्टर विद्आउट पोर्टफ़ोलियो होंगे. ''





रेलवे मंत्री होने के साथ-साथ पीयूष गोयल कोयला मंत्री भी हैं. वे महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं ।





पीयूष गोयल के पिता वेद प्रकाश गोयल अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में शिपिंग मंत्री थे ।


अब जेटली की अनुपस्थिति में अतिरिक्त प्रभार संभालते हुए पीयूष गोयल 1 फरबरी को अंतरिम बजट संसद में पेश करेंगे ।




चलेगी कांग्रेस की आंधी, आ गई हैं प्रियंका गांधी

चलेगी कांग्रेस की आंधी, आ गई हैं प्रियंका गांधी
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने एक बड़ा दांव चला है ।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा भी सक्रिय राजनीति में उतर गई हैं ।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को बुधवार को पार्टी महासचिव बनाया है।

ज्योतिरादित्य को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी है और प्रियंका को पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभार सौंपा है।

राहुल गांधी ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश की राजनीति को बदलना चाहते हैं, कांग्रेस की विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम नए महा सचिव करेंगे ।

राहुल ने ये भी कहा कि हमारी मायावती और अखिलेश जी से कोई भी दुश्मनी नहीं है, मैं मायावती जी और अखिलेश जी का आदर करता हूं । हम कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के लिए लड़ रहे हैं ।

प्रियंका और ज्योतिरादित्य को मैनें यूपी दो महीने के लिए नहीं भेजा है, मैंने उन्हें मिशन दिया है कि वह पार्टी की सच्ची विचारधारा, गरीबों और कमजोरों की विचारधारा को आगे बढ़ाए. भरोसा है कि दोनों अच्छे से काम करेंगे।

इस फैसले से यूपी में नई तरह की राजनीति आएगी और इससे यूपी में नया उत्साह आएगा ।

मेरी बहन जो बहुत कर्मठ है कि वह अब वह मेरे साथ काम करेंगी । ज्योतिरादित्य भी बहुत डायनेमिक नेता है ।

ये भी हैं कुछ फेर बदल :--


पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल को संगठन महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है वे कर्नाटक के प्रभारी की भूमिका भी निभाते रहेंगे।
संगठन महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे अशोक गहलोत के राजस्थान का मुख्यमंत्री बनने के बाद वेणुगोपाल की नियुक्ति की गई है।

उत्तर प्रदेश के लिए प्रभारी-महासचिव की भूमिका निभा रहे गुलाम नबी आजाद को अब हरियाणा की जिम्मेदारी दी गयी है।

उक्त फैसले के बाद विभिन्न नेताओं की अलग अलग प्रतिक्रिया आईं ---


दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का यह फैसला बड़ा दांव साबित हो सकता है, इससे काँग्रेस को फायदा होगा प्रियंका भले ही सक्रिय राजनीति में अब आई हों लेकिन उनके पास राजनीति का लंबा अनुभव है ।

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि इस फैसले से सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी की नाकामी को मान लिया गया है और कांग्रेस एक परिवार की पार्टी है।

रॉबर्ड वाड्रा ने कांग्रेस के इस फैसले पर खुशी जताई । उन्होंने कहा कि मैं जिंदगी के हर मोड़ पर तुम्हारे साथ हूं ।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी पार्टी में कोई भी निर्णय इस बात के लिए नहीं होता कि एक व्यक्ति या एक परिवार क्या चाहता है, जबकि देश में ज्यादातर केस में कहा जाता है कि परिवार ही पार्टी है।

प्रशांत किशोर ने प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने के लिए शुभकामना और बधाई दी है।  किशोर ने ट्वीट संदेश में कहा है कि राजनीति में सबसे अधिक प्रतीक्षित एंट्रियों में से एक चेहरे का प्रवेश हो ही गया है।

राजद के नेता तेजस्वी यादव ने प्रियंका को सक्रिय राजनीति में आने पर बधाई दी और इसे कांग्रेस अध्यक्ष का अच्छा फैसला बताया।

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी प्रियंका गांधी को शुभकामना देते हुए इसे कांग्रेस के परिवारवाद की संज्ञा दी।

रेलमंत्री पीयुष गोयल ने कहा कि मोदी सरकार ने गरीबों के लिए रिजर्वेशन दिया है, लेकिन कांग्रेस पार्टी में केवल एक परिवार के लिए रिजर्वेशन है।

सोशल मीडिया पर भी छा गईं प्रियंका


ट्विटर, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी प्रियंका गांधी को लेकर बहस छिड़ गई है।

भाजपा समर्थक कांग्रेस में  परिवार वाद का जहां आरोप लगा रहे है । कोंग्रेसियो में उत्साह नजर आ रहा है ।

शोशल मीडिया यूजर्स प्रियंका गांधी के राजनीति में आने के बाद भाजपा की राह को मुश्किल मानने लगे हैं।

फेसबुक में प्रियंका गांधी पर पोस्ट का तूफान आया हुआ है ।

अब चलेगी कांग्रेस की आंधी, आ गई हैं प्रियंका गांधी।

मीडिया में भी प्रियंका ही छाई रहीं 


टीवी चैनल पर भी प्रियंका गांधी को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
बनारस में प्रवासी भारतीय दिवस मीडिया में खास तवज्जो नहीं पा सका और प्रधानमंत्री के भाषण को भी प्रमुखता नहीं मिल पाई।

 

दादी और पिता की तरह दिखने वाली , बहुत ही सटीक टिप्पणी करने वाली प्रियंका गांधी क्या राजनीति के नए आयाम खड़ा कर पाएंगी ? इसका जबाब वक्त ही देगा ।

काम की परख

काम की परख
हर व्यक्ति जो कार्य करता है वो यही समझता है कि वो जो काम कर रहा है उससे बेहतर इस काम को कोई नहीं कर सकता ।

पर कुछ बिरले लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने काम को परखने के लिए विभिन्न तरीके अपनाते हैं ।

ऐसे लोगों को काम कहीं भी तुरंत ही मिल भी जाता है और उनकी सराहना भी होती है ।

आजकल शोशल मीडिया पर फैली हुई ये छोटी सी कहानी पढ़कर देखिए , बेहतरीन लगेगी --

एक छोटा बच्चा एक बड़ी दुकान पर लगे टेलीफोन
बूथ पर जाता हैं और मालिक से छुट्टे पैसे लेकर एक नंबर डायल करता हैं|

दुकान का मालिक उस लड़के को ध्यान से देखते हुए उसकी बातचीत पर ध्यान
देता हैं

लड़का- मैडम क्या आप मुझे अपने बगीचे की साफ़ सफाई का काम देंगी?
औरत- (दूसरी तरफ से) नहीं, मैंने एक दुसरे लड़के को अपने बगीचे का काम
देखने के लिए रख लिया हैं|

लड़का- मैडम मैं आपके बगीचे का काम उस लड़के से आधे वेतन में करने
को तैयार हूँ!
औरत- मगर जो लड़का मेरे बगीचे का काम कर रहा हैं उससे मैं पूरी तरह संतुष्ट हूँ|

लड़का- ( और ज्यादा विनती करते हुए) मैडम मैं आपके घर की सफाई भी फ्री में कर दिया करूँगा!!
औरत- माफ़ करना मुझे फिर भी जरुरत नहीं हैं धन्यवाद|

लड़के के चेहरे पर एक मुस्कान उभरी और उसने फोन का रिसीवर रख दिया|

दुकान का मालिक जो छोटे लड़के की बात बहुत ध्यान से सुन रहा था वह लड़के के पास आया और बोला- " बेटा मैं तुम्हारी लगन और व्यवहार से बहुत खुश हूँ,
मैं तुम्हे अपने स्टोर में नौकरी दे सकता हूँ"

लड़का- नहीं सर मुझे जॉब की जरुरत नहीं हैं आपका धन्यवाद|

दुकान मालिक- (आश्चर्य से) अरे अभी तो तुम उस लेडी से जॉब के लिए इतनी विनती कर रहे थे !!

लड़का- नहीं सर, मैं अपना काम ठीक से कर रहा हूँ की नहीं बस मैं ये चेक कर रहा था, मैं जिससे बात कर रहा था, उन्ही के यहाँ पर जॉब करता हूँ|

*"This is called Self Appraisal"
"आप अपना बेहतर दीजिये, फिर देखिये सारी दुनिया आपकी प्रशंसा करेगी...

January 22, 2019

क्या वाकई हुई EVM हैक ?

क्या वाकई हुई EVM हैक ?
अमेरिका में एक साइबर मास्टर ने सोमवार को दावा किया कि भारत में 2014 के आम चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिये ‘धांधली’ हुई थी ।

सैयद शूजा ने दावा किया है कि भारत में 2014 के आम चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) हैक की गई थी।

उसका दावा है कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है, चुनाव आयोग ने उनके इस दावे को खारिज कर दिया है ।

अमेरिकन साइबर एक्सपर्ट शूजा उस टीम के सदस्य रहे हैं जिन्होंने भारत की ईवीएम को डिजाइन किया था।

शूजा ने सोमवार को लंदन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और ईवीएम हैकिंग से जुड़ी कई बातें बताईं ।

शूजा ने एक चौंकाने वाला दावा यह किया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की हत्या हुई थी न कि दुर्घटना क्योंकि उन्हें ईवीएम हैकिंग की जानकारी थी।

बीजेपी और आम आदमी पार्टी ने इस दावे को खारिज कर दिया लेकिन कांग्रेस ने कहा कि ये आरोप बेहद गंभीर हैं, काँग्रेस के कपिल सिब्बल प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद बताए गए ।

लंदन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सैयद शुजा ने दावा किया कि अपनी टीम के कुछ सदस्यों के मारे जाने के बाद वह भारत से भाग गए क्योंकि उन्हें देश में अपनी जान को खतरा था ।

इसीलिए वह स्काइप के जरिये चेहरा ढंक कर सामने आए ।

शुजा ने कहा रिलायंस जियो ने कम फ्रीक्वेंसी के सिग्नल पाने में बीजेपी की मदद की थी ताकि ईवीएम मशीनों को हैक किया जा सके।

जबकि जियो की सेवाएं सितंबर 2016 में शुरू हुई थीं ।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी कहा कि कांग्रेस पार्टी के इशारे पर इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया

शूजा का दावा है कि गौरी लंकेश की भी हत्या हुई क्योंकि वे ईवीएम हैकिंग पर खबर करने वाली थीं।

शूजा ने कहा कि रिलायंस कंपनी के पास डेटा ट्रांसमिट के लिए नेटवर्क है और इसका फायदा बीजेपी को मिला ।

उसने कहा कि 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में डेटा ट्रांसमिशन को रोक दिया गया, तभी आप इतनी सीटें जीत गई, अन्यथा वो हार जाती ।

शूजा ने कहा कि गोपीनाथ मुंडे की हत्या इसलिए हुई क्योंकि उन्हें हैकिंग की जानकारी थी।

ईवीएम हैकिंग के दावे सच हैं या झूठ नहीं कहा जा सकता हालांकि चुनाव आयोग ने इसे सिरे से खारिज किया है ।

जबकि काँग्रेस पार्टी मानती है कि ये संभव है और भाजपा कहती है ये गलत है ।

फिलहाल तो चुनाव आयोग पर भरोसा ही एक मात्र चारा है ।

January 13, 2019

क्या है सपा बसपा गेस्ट हाउस काण्ड

क्या है सपा बसपा गेस्ट हाउस काण्ड

क्यों आता है बार बार गेस्ट हाउस काण्ड का जिक्र ?


जब भी मायावती सपा के नजदीक जाती हैं गेस्ट हाउस कांड का जिक्र होने लगता है , आखिर क्या था गेस्ट हाउस काण्ड ? आइए जानते हैं

सन 1993 में उत्तरप्रदेश के विधान सभा चुनाव में सपा बसपा ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा था ।
जिसके बाद मुलायम सिंह यादव यूपी के मुख्यमंत्री बने।

सहयोगी दल होने के नाते सरकार में मायावती का भी पूरा पूरा हस्तक्षेप था ।

मगर 1995 में मायावती ने मुलायम के खिलाफ कई बयान दिए और फिर तालमेल सही न बैठ पाने पर बसपा ने गठबंधन तोड़ने की घोषणा कर दी। अब मुलायम सिंह अल्पमत हो गए।

2 जून 1995 के दिन लखनऊ के मीराबाई स्टेट गेस्ट हाउस में मायावती यहां कमरा नंबर 1 में रुकी हुई थीं। वे बसपा विधायकों के साथ गेस्ट हाउस में बैठक कर रही थीं ।

गेस्ट हाउस में बैठक की खबर व सत्ता छिनने की खबर से
सैकड़ों सपा कार्यकर्ताओं ने गेस्ट हाउस पहुँच सबको घेर लिया और हथियारों से लैस लोगों ने मायावती को गंदी गालियों समेत जाति सूचक शब्द कहे। इतना ही नहीं बसपा के कार्यकर्ताओं सहित विधायकों पर भी हमला कर दिया था।

हालाँकि भीड़ देख बसपा विधायकों ने दरवाजे बंद किए पर उनको भी तोड़ डाला गया ।

कहा जाता है इस समय मे ब्रह्मदत्त द्विवेदी और लाल जी टंडन ने मायावती की मदद कर उन्हें गेस्टहाउस से निकलवाया ।

केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं की मदद से 3 जून 1995 को मायावती को उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बनाया गया ।

इससे पहले भाजपा को रोकने के लिए सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव और बसपा सुप्रीमो कांशीराम ने गठबंधन किया था। 1993 में बसपा का गठन हुए तब नौ वर्ष ही हुए थे। मुलायम सिंह यादव ने चंद्रशेखर से नाता तोड़कर नई नई
समाजवादी पार्टी का गठन किया था।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा ने 264 सीटों पर चुनाव लड़ा था और बसपा ने 164 सीटों पर। सपा को 109 सीटों पर जीत मिली जबकि बसपा को 67 पर। भाजपा को 177 सीटों पर जीत मिली थी।

एक साल होते-होते पार्टी टकराव सार्वजनिक होने लगे और 2 जून 1995 को स्टेट गेस्ट हाउस कांड ने दोनों का गठबंधन तोड़ दिया और मुलायम सरकार गिर गई थी।

January 12, 2019

लोहड़ी पंजाब का मुख्य त्यौहार

लोहड़ी पंजाब का मुख्य त्यौहार

लोहड़ी कब और कैसे मनाते हैं ? 


लोहड़ी पंजाबियों का एक प्रसिद्ध त्योहार है। यह मकर संक्रान्ति से एक दिन पहले 13 जनवरी को हर वर्ष मनाया जाता है। मकर संक्रान्ति की पूर्वसंध्या पर आग जलाकर मय परिवार दोस्त यार इसे मनाते हैं।

लोहड़ी का त्यौहार पंजाबियों तथा हरियाणवी लोगो का प्रमुख त्यौहार माना जाता है। लोहड़ी का यह त्यौहार पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू कश्मीर और हिमाचल में धूमधाम से मनाया जाता हैं।

लोहड़ी पौष माह की अंतिम रात को एवम मकर संक्राति की सुबह तक मनाया जाता हैं लोहड़ी पंजाब प्रान्त के मुख्य त्यौहारों में से एक हैं जिन्हें पंजाबी बड़े जोरो शोरो से मनाते हैं।

लोहड़ी मनाने का तरीका


रात्रि में खुले स्थान में परिवार और आस-पड़ोस के लोग मिलकर आग के किनारे घेरा बना कर बैठते हैं। इस समय रेवड़ी, मूंगफली, लाई आदि खाए जाते हैं।

लोहड़ी पर पहले से ही लकड़ी और उपले इकट्ठे करते हैं। लोहड़ी के दिन या उससे पूर्व बाजारों में दुकानदारों तथा पथिकों से 'मोहमाया' या महामाई के नाम से पैसे माँगते हैं इनसे लकड़ी एवं रेवड़ी खरीदते हैं।

फिर उन्हें चौराहे या मुहल्ले के किसी खुले स्थान पर रखकर आग जलाई जाती है। सभी लोग अग्नि के चारों ओर परिक्रमा करते है।

रात को सभी अपनों के साथ मिलकर इस अलाव के आस पास बैठते हैं. कई गीत गाते हैं, खेल खेलते हैं, आपसी गिले शिक्वे भूल एक दुसरे को गले लगाते हैं और लोहड़ी की बधाई देते हैं।

रेवड़ी अग्नि को भेंट किए जाते हैं तथा ये ही चीजें प्रसाद के रूप में सभी उपस्थित लोगों को बाँटी जाती हैं। कई जगह घर लौटते समय 'लोहड़ी' में से दो चार दहकते कोयले, प्रसाद के रूप में, घर पर लाने की प्रथा भी है।

लोहड़ी पंजाबियों के विशेष त्यौहार हैं जिसे वे धूमधाम से मनाते हैं नाच, गाना और ढोल तो पंजाबियों की शान होते हैं और इसके बिना इनके त्यौहार अधूरे हैं।

लोहड़ी में गजक, रेवड़ी, मुंगफली आदि खाई जाती हैं और इन्ही के पकवान भी बनाये जाते हैं. इसमें विशेषरूप से सरसों का साग और मक्का की रोटी बनाई जाती हैं और खाई एवम प्यार से अपनों को खिलाई जाती हैं ।

लोहड़ी से संबद्ध प्रागैतिहासिक गाथाएँ


1. सती से जुडी कहानी


पुराणों के आधार पर इसे सती के त्याग के रूप में मनाया जाता हैं कथानुसार जब प्रजापति दक्ष ने अपनी पुत्री सती के पति महादेव शिव का तिरस्कार किया था और अपने जामाता को यज्ञ में शामिल ना करने से उनकी पुत्री ने अपनी आपको को अग्नि में समर्पित कर दिया था।

यज्ञ के समय अपने जामाता शिव का भाग न निकालने का दक्ष प्रजापति का प्रायश्चित्त ही इसमें दिखाई पड़ता है।

दक्ष प्रजापति की पुत्री सती के योगाग्नि-दहन की याद में ही यह अग्नि जलाई जाती है। इस अवसर पर विवाहिता पुत्रियों को माँ के घर से 'त्योहार'  भेजा जाता है। जिसमें गिफ्ट फल और खान पान व सर्दी के कपडे आदि शामिल होते हैं ।

2.  दुल्ला भट्टी की कहानी

लोहड़ी को दुल्ला भट्टी की एक कहानी से भी जोड़ा जाता हैं। लोहड़ी की सभी गानों को दुल्ला भट्टी से ही जुड़ा तथा यह भी कह सकते हैं कि लोहड़ी के गानों का केंद्र बिंदु दुल्ला भट्टी को ही बनाया जाता हैं।

दुल्ला भट्टी पंजाब प्रान्त का सरदार था उसे पंजाब के नायक की उपाधि से सम्मानित किया गया था उन दिनों संदलबार नामक एक जगह थी जहाँ लड़कियों को गुलामी के लिए बल पूर्वक अमीर लोगों को बेच जाता था  यह जगह अब पाकिस्तान का हिस्सा हैं ।

तब दुल्ला भट्टी ने इस का विरोध किया और एक योजना के तहत लड़कियों को मुक्त भी करवाया और उनकी शादी की हिन्दू लडको से भी करवाई।

उनके शादी के सभी व्यवस्था भी उसी ने करवाई। उनकी शादी करवाकर उन्हें सम्मानित जीवन दिया। इस विजय के दिन को लोहड़ी के गीतों में गाया जाता हैं और दुल्ला भट्टी को याद किया जाता हैं।

3. कहा जाता है कि संत कबीर की पत्नी लोई की याद में यह पर्व मनाया जाता है।

4. लोहड़ी पर फसल का सीजन


वैसाखी त्योहार की तरह लोहड़ी का सबंध भी पंजाब के गांव, फसल और मौसम से है। लोहड़ी तक रबी की फसल कटकर घर आ जाती है। इस समय किसानों के लिए भी उल्लास का समय माना जाता हैं खेतों में अनाज लहलहाने लगते हैं और मोसम सुहाना सा लगता हैं।

 

विदेशों में भी मनती है लोहड़ी


विदेशों में भी लोहड़ी धूमधाम से मनाई जाती है जिन देशों मे पंजाबी ज्यादातर रहते हैं वहां लोहड़ी मनाई जाती हैं खासतौर पर कनाडा में लोहड़ी का रंग बहुत सजता हैं।

लड़के आग के पास भांगड़ा करते हैं, वहीं लड़कियां और महिलाएं गिद्दा करती हैं। सभी रिश्तेदार एक साथ मिलकर डांस करते हुए बहुत धूम-धाम से लोहड़ी का जश्न मनाते हैं। कई जगहों पर लोहड़ी को तिलोड़ी भी कहा जाता है।

 

January 08, 2019

कैसे और किसे मिलेगा सवर्ण गरीब आरक्षण

कैसे और किसे मिलेगा सवर्ण गरीब आरक्षण
कैसे और किसे मिल सकेगा सवर्ण गरीब 10% आरक्षण

ब्राह्मण, वैश्य, ठाकुर, राजपूत, जाट सहित कई जातियों व मुस्लिम और ईसाई भी होंगे शामिल ।

आरक्षण प्राप्त करने के लिए निम्न शर्तो को पूर्ण करना होगा

1.आरक्षण का लाभ लेने के लिए जाति प्रमाणपत्र और आय प्रमाण पत्र भी देना होगा।

2. सालाना 8 लाख आमदनी या 5 एकड़ से कम खेती वाले सामान्य वर्ग को भी आरक्षण सुविधा दी जाएगी ।

3. इसमें सामान्य हिन्दू सवर्ण के अलावा गरीब ईसाइयों और मुस्लिमों को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा ।

4. आरक्षण का लाभ लेने के लिए नगर निकाय क्षेत्र में 1000 वर्ग फुट या इससे ज्यादा क्षेत्रफल का फ्लैट नहीं होना चाहिए और गैर-अधिसूचित क्षेत्रों में 200 यार्ड से ज्यादा का फ्लैट नहीं होना चाहिए ।

सामान्य गरीब आरक्षण बिल आज लोकसभा में पेश हुआ ।

सपा बसपा कॉंग्रेस सहित सभी पार्टियों ने समर्थन किया है ।

हालाँकि असदुद्दीन ओवैसी ने आर्थिक आधार पर आरक्षण का विरोध किया है।

चुनाव में होगा मोदी को फायदा

हालांकि गरीब सवर्णों को आरक्षण की बात काफी सालों से हो रही थी मगर लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले मोदी सरकार ने बड़ा चुनावी दांव चला है ।

एससी/एसटीए एक्ट में संंशोधन बिल लाकर अपने सवर्ण वोट बैंक की नाराजगी से 3 राज्य हार चुकी भाजपा के पास यही एक तरीका सवर्ण आकर्षण का था ।

इस बिल के विरोध में कोई भी मुख्य दल नहीं गया , कांग्रेस और मायावती भी इस बिल के समर्थन किया । सिर्फ ओवैसी ने ही इसे गलत करार दिया है ।

हालांकि गरीब सवर्णों को 10% आरक्षण की खबर के बाद विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं ।

जो लोग शुरू से ही आरक्षण विरोधी हैं वो इसे साफ तौर पर एक लॉलीपॉप मान रहे हैं जो नोटा की वजह से दी गई है ।

भाजपा के अपने कुछ सवर्ण समर्थक लोग जो कल तक आरक्षण के खिलाफ थे वे पलटी मारने लगे और मोदी जी की तारीफ और प्रचार में जुट गए ।

शोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है भारत 100 फीसद आरक्षण की ओर से लेकर , वोट के लिए देश की प्रतिभाओं के साथ नाइंसाफी जैसी पोस्ट भी आ रही हैं ।

आइए जानें आरक्षण पर क्या है ख़बर :

केंद्रीय कैबिनेट ने आर्थिक आरक्षण के बिल को सोमवार को हुई बैठक में मंजूरी दे दी ।

इसके बाद मंगलवार को लोकसभा में पेश किया गया ।

कांग्रेस, सपा और बसपा सहित कई विपक्षी दलों ने इस बिल का समर्थन किया है ।

संसद का शीतकालीन सत्र आठ जनवरी को खत्म हो रहा था, लेकिन माना जा रहा है कि इस बिल के लिए राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ा दी गई ।

सरकार ने ये क़दम बीजेपी से नाराज़ चल रहे सवर्णों के एक बड़े धड़े को लुभाने के लिए उठाया है ।

तीन राज्यों में ओबीसी और एससी-एसटी एक्ट पर उठाए गए कदमों से भाजपा को सवर्णों की नाराजगी का अंदाजा नहीं था ।

भाजपा को तीन राज्यों के नतीजों के बाद लगा कि सवर्णों को साथ लेकर चलना जरूरी है अतः अब ये 10% के आरक्षण की घोषणा सवर्णों को रिझाने के लिए है 2019 लोकसभा चुनाव निकट है

गरीब सवर्णों को आरक्षण

गरीब सवर्णों को आरक्षण
गरीब सवर्णों को 10% आरक्षण की खबर के बाद विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं ।

जो लोग शुरू से ही आरक्षण विरोधी हैं वो इसे साफ तौर पर एक लॉलीपॉप मान रहे हैं जो नोटा की वजह से दी गई है ।

भाजपा के अपने कुछ सवर्ण समर्थक लोग जो कल तक आरक्षण के खिलाफ थे वे पलटी मारने लगे और मोदी जी की तारीफ और प्रचार में जुट गए ।

शोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है भारत 100 फीसद आरक्षण की ओर से लेकर , वोट के लिए देश की प्रतिभाओं के साथ नाइंसाफी जैसी पोस्ट भी आ रही हैं ।

आइए जानें आरक्षण पर क्या है ख़बर :


केंद्रीय कैबिनेट ने आर्थिक आरक्षण के बिल को सोमवार को हुई बैठक में मंजूरी दे दी ।

इसके बाद मंगलवार को लोकसभा में पेश किया गया ।

कांग्रेस, सपा और बसपा सहित कई विपक्षी दलों ने इस बिल का समर्थन किया है ।

संसद का शीतकालीन सत्र आठ जनवरी को खत्म हो रहा था, लेकिन माना जा रहा है कि इस बिल के लिए राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ा दी गई ।

सरकार ने ये क़दम बीजेपी से नाराज़ चल रहे सवर्णों के एक बड़े धड़े को लुभाने के लिए उठाया है ।

तीन राज्यों में ओबीसी और एससी-एसटी एक्ट पर उठाए गए कदमों से भाजपा को सवर्णों की नाराजगी का अंदाजा नहीं था ।

भाजपा को तीन राज्यों के नतीजों के बाद लगा कि सवर्णों को साथ लेकर चलना जरूरी है अतः अब ये 10% के आरक्षण की घोषणा सवर्णों को रिझाने के लिए है 2019 लोकसभा चुनाव निकट है ।