October 23, 2018

सिंहासन बत्तीसी

सिंहासन बत्तीसी

एक दिन राजा भोज को दरबार मे खबर मिलती है कि एक साधारण सा चरवाहा अपने न्याय के लिए दिन प्रतिदिन विख्यात होता जा रहा है ।





लोगों ने बताया कि वो बालक एकदम जाहिल और अनपढ़ है तथा भैंस बकरियाँ चराने का काम करता है।





तब राजा भोज को सच जानने की इच्छा हुई और उन्होंने पता लगाने को गुप्तचर भेजे तो पता चला कि वह चरवाहा सारे फ़ैसले एक मिट्टी के टीले पर चढ़कर करता है।





राजा भोज की जिज्ञासा बढ़ी और उन्होंने खुद भेष बदलकर उस चरवाहे को आत्मविश्वास से एक जटिल मामले में फैसला करते देखा।





उन्होंने चरवाहे से मिलकर उसकी इस क्षमता के बारे में पूछा तो चरवाहे ने बताया कि उसमें यह शक्ति मिट्टी के इस टीले पर बैठने के बाद स्वत: ही आती है ।





राजा भोज ने सोचविचार कर टीले को खुदवाकर देखने का फैसला किया। खुदाई में एक राजसिंहासन मिट्टी में दबा दिखा।





इसमें बत्तीस पुतलियाँ लगी थीं तथा कीमती रत्न जड़े हुए थे। सिंहासन को उठाकर महल लाया गया तथा शुभ मुहूर्त में राजा का बैठना निश्चित किया गया।





जैसे ही राजा भोज ने बैठने का प्रयास किया सारी पुतलियाँ राजा का उपहास कर खिलखिलाने लगीं ।





कारण पूछने पर सारी पुतलियाँ बोली कि यह सिंहासन राजा विक्रमादित्य का है, इस पर बैठने वाला उनकी तरह योग्य, पराक्रमी, दानवीर तथा विवेकशील होना चाहिए।





ज्यादा पूछने पर एक-एक कर सभी 32 पुतलियों ने महाराजा विक्रमादित्य की कहानी सुनाना शुरू किया ।





यही सिंहासन बत्तीसी ३२ कथाओं का संग्रह मानी जाती है ।










October 19, 2018

और कट गए कई लोग एक साथ

और कट गए कई लोग एक साथ

अमृतसर में हुआ भयंकर ट्रेन हादसा


अमृतसर में रावण दहन देख रहे लोग अचानक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई और 75 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।

जबकि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा दिल दहलादेने वाला है और 100 से अधिक की मौत की आशंका और लगभग उतने ही घायल हुए हैं ।

वायरल हुई वीडियो से साफ समझ आ रहा है कि ट्रेन के हॉर्न की आवाज रावण दहन की आतिशबाजी में सुनाई नहीं दी लोग रेलवे लाइन पर खड़े होकर आतिशबाजी देखते रहे ।

ये है वायरल वीडियो:

[video width="640" height="352" mp4="http://www.dekhoyaar.com/wp-content/uploads/2018/10/VID-20181019-WA0213.mp4"][/video]

 

हादसे के बाद भयंकर चीख पुकार मच गई और हर तरफ मृत शरीर और घायल लोग दिखाई पड़ रहे थे ।

कृपया नीचे दिए गए वीडियो को कमजोर दिल के लोग न देंखें

[video width="640" height="352" mp4="http://www.dekhoyaar.com/wp-content/uploads/2018/10/VID-20181019-WA0212.mp4"][/video]

 

October 18, 2018

नहीं रहे एन डी तिवारी

नहीं रहे एन डी तिवारी
तीन बार मुख्यमंत्री रहे एन डी तिवारी जी अब इस दुनियाँ में नहीं रहे उनका निधन हो गया है।


कुछ समय से उनकी तबीयत खराब थी । उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती भी किया गया था ।  आज ही उनका जन्मदिन भी है ।


वह अकेले राजनेता थे जो दो राज्यों के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उत्तर प्रदेश के विभाजन के बाद वे उत्तरांचल के भी मुख्यमंत्री बने।


एनडी तिवारी पहली बार 1952 में विधायक बने।


एनडी तिवारी पहली बार 1976 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने ।


वे पाँच बार विधायक रहे और तीन बार यूपी के सीएम


1980 में इंदिरा गांधी शाशन में न उन्हें योजना मंत्री बनाया गया  उसके बाद में वित्त, विदेश जैसे कई बड़े मंत्रालय संभाले ।


2002 में उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बन एनडी तिवारी ने इतिहास रच दिया और दो राज्यों के मुख्यमंत्री बनने वाले इकलौते राजनेता बन गए ।


2007 में एनडी तिवारी आंध्र प्रदेश के राज्यपाल भी बने ।


2009 में एक सेक्स स्कैंडल में फंसने व एक तेलगू चैनल ने तीन लड़कियों के साथ उनकी तस्वीर वायरल होने के बाद उन्हें राज्यपाल पद से इस्तीफा देना पड़ा ।


नारायण दत्त तिवारी का जन्म 1925 में नैनीताल जिले के बलूती गांव में हुआ था।


तिवारी के पिता पूर्णानंद तिवारी वन विभाग में अधिकारी थे।


 नारायण दत्त तिवारी की शुरुआती शिक्षा हल्द्वानी, बरेली और नैनीताल में हुई।


इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उन्होंने राजनीतिशास्त्र में एमए किया। इसी विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री भी हासिल की।



1951-52 में उत्तर प्रदेश के पहले विधानसभा चुनाव में तिवारी ने नैनीताल (उत्तर) सीट से सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर हिस्सा लिया और  चुनाव जीत गए ।


कांग्रेस के साथ तिवारी का रिश्ता 1963 से शुरू हुआ।


1965 में वह कांग्रेस के टिकट पर काशीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुने गए और पहली बार मंत्रिपरिषद में उन्हें जगह मिली।


राजीव गांधी की हत्या के बाद प्रधानमंत्री के तौर पर उनकी दावेदारी की चर्चा भी हुई।


बाद में तिवारी आंध्रप्रदेश के राज्यपाल बनाए गए लेकिन यहां उनका कार्यकाल बेहद विवादास्पद रहा।

बंद हो जाएगा मोबाइल नंबर ?

बंद हो जाएगा मोबाइल नंबर ?
क्या आपने आधार नंबर के जरिए नया मोबाइल नंबर लिया है ?

क्या अपने पुराने नंबर पर सिर्फ आधार की जानकारी अपडेट कराई है अन्य दस्तावेज नहीं ?

तो अब आपका नंबर बंद हो सकता है। ये नया खतरा आधार से जुड़ी केवाईसी को लेकर है।

खबर के मुताबिक, जिन ग्राहकों ने टेलीकॉम कंपनियों को आधार के साथ कोई दूसरा दस्तावेज नहीं दिया है, उनका नंबर बंद हो सकता है।

क्यों होगा बंद ?


 

सुप्रीम कोर्ट  ने आधार मामले में सुनवाई करते हुए कहा था कि मोबाइल कंपनियां ग्राहकों से आधार नंबर नहीं मांग सकती हैं।

कोर्ट के आदेश के बाद टेलीकॉम कंपनियों को ग्राहकों के आधार से संबंधित डेटा को हटाना होगा।

इसलिए आपके द्वारा कोई दूसरा वैध्य दस्तावेज जमा न कराने पर आधार की जानकारी हटी तो आपका मोबाइल नंबर बंद हो जाएगा।

ग्राहकों को परेशानी ना हो इसलिए टेलीकॉम विभाग इस मुद्दे पर विचार कर रहा है। और मामले में बीच का समाधान निकालने के लिए कोशिश की जा रही है।

कहीं अफवाह तो नहीं ?


इन वायरल हो रही खबरों के बाद दूरसंचार विभाग और यूआईडीएआई की तरफ से संयुक्त बयान जारी किया गया है जिसमें बताया गया है कि मीडिया में चल रही मोबाइल नंबर बंद होने की खबरें पूरी तरह झूठी और काल्पनिक हैं।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई)  के मुताबिक केवल मार्च 2018 में ही देश में करीब 1.67 करोड़ नए उपभोक्ता जुड़े l

जिनमें एयरटेल, आइडिया, रिलायंस जियो, और वोडाफोन के ही 90 प्रतिशत ग्राहक हैं। डाटा के मुताबिक मार्च 2018 तक करीब 99 करोड़ एक्टिव यूजर्स थे ।

दलबदल शुरू

दलबदल शुरू
जब दलबदल की ख़बरें बढ़ने लगें समझ लीजिए चुनाव आ रहे हैं l

चुनाव सिर पर आने के बाद दलबदल प्रक्रिया जोर पकड़ने लगी है l

एक तरफ गोवा में दो विधायकों ने कोंग्रेस को तो दूसरी ओर राजस्थान में एक विधायक ने भाजपा को जबरदस्त झटका दिया है l

भाजपा से कांग्रेस में गए:


बाड़मेर की शिव विधानसभा से 2013 में भाजपा के टिकट पर विधायक बने  भाजपा के संस्थापक सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री पुराने भाजपा नेता जसवन्त सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह ने कांग्रेस ज्वाइन कर ली है।

(जसवंत सिंह दिल्ली स्थित अपने आवास के बाथरूम में फिसल कर  गिर गए थे। उनके सिर में आई गंभीर चोट के कारण वे तब से कोमा में हैं।)

मानवेंद्र ने 22 सितंबर को स्वाभिमान रैली की थी । इसी रैली में उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। मानवेन्द्र ने रैली में कहा था- कमल का फूल, हमारी भूल।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में मानवेंद्र, उनकी पत्नी चित्रा और भाई भूपेंद्र सिंह कांग्रेस में शामिल हुए।  

लोकसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बाद क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद भाजपा ने मानवेन्द्र के पिता जसवंत सिंह को पार्टी से निकाल दिया था।

राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट ने मानवेंद्र को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई।

इस दौरान राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

भाजपा से तवज्जो ना मिलने को मानवेंद्र के कांग्रेस में शामिल होने की बड़ी वजह बताया जा रहा है।

एससीएसटी एक्ट पर राजपूत समाज और राज्य की भाजपा सरकार के बीच मतभेद भी सामने आए।

राजस्थान में राजपूत समाज भाजपा का परम्परागत वोट बैंक रहा है। लेकिन, मानवेन्द्र के कांग्रेस में आने से भाजपा को नुकसान हो सकता है।

पिछले विधानसभा चुनाव में राजपूत और जाट समाज ने भाजपा के पक्ष में वोट डाले थे।

कांग्रेस से भाजपा में गए:


उधर गोवा कोंग्रेस के दो विधायकों दयानंद सोप्ते और सुभाष शिरोडकर ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर कांग्रेस  पार्टी और गोवा विधानसभा से इस्तीफा दे दिया ।

दोनों नेता दयानंद सोप्ते और सुभाष शिरोडकर भाजपा में शामिल हो गए हैं।

यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। इससे कांग्रेस का राज्य की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा खत्म हो गया है।

चुनाव आते आते और भी कई नेताओं के इधर से उधर होने की अटकलें जारी हैं जिनमें शत्रुघन सिन्हा को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं l

सबरीमाला फिर सुर्खियों में

सबरीमाला फिर सुर्खियों में

सबरीमाला मंदिर में बंद , धारा 144 लागू


केरल का सबरीमाला मंदिर एक बार फिर से सुर्खियों में है l

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद भी केरल के सबरीमला मंदिर में 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को प्रवेश नहीं दिया जा रहा l

सुप्रीम कोर्ट ने 10 से 50 साल की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश से रोकने की सदियों पुरानी परंपरा को गलत बताते हुए उसे खत्म कर दिया था l

 प्रदर्शन व बबाल


प्रदर्शनकारियों के विरोध की वजह से महिलाएं मंदिर के अंदर नहीं जा सकीं l

महिलाओं को प्रदर्शनकारियों ने धमकाया और बस से घसीट कर निकाला, महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे कुछ लोगों ने महिला पत्रकारों पर हमला कर दिया l

टीवी पर प्रदर्शनकारी काले और भगवा कपड़े पहने दिख रहे हैं, उन्होंने निलक्कल से पम्बा जाने वाली महिला पत्रकारों को रोकने के लिए उनके वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया l

पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कुछ प्रदर्शनकारी गिरफ़्तार भी किए गए l

सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओँ के प्रवेश के विरोध में 24 घंटे बंद का एलान है l

मंदिर में तनाव का माहौल है और आसपास के इलाक़ों में धारा 144 लागू कर दी गई है l

10-50 साल की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश को वर्जित रखने के पैरोकार कार्यकर्ता राहुल ईश्वर को गिरफ्तार किया गया है l

सबरीमाला मुद्दे पर मोहन भागवत ने कहा कि स्त्री पुरुष समानता अच्छी बात है, लेकिन इतने सालों से चली आ रही परंपरा और उसका पालन करने वालों लोगों की भावना का सम्मान भी जरुरी है l

उच्चतम न्यायालय के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करने के केरल सरकार के फैसले के बाद इस मंदिर के आस पास तनाव का माहौल बना हुआ है l निलक्कल में बेहद तनावपूर्ण माहौल है l

पम्बा और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बावजूद महिलाओं को बिना दर्शन किए लौटना पड़ा l

#MeToo ने ली मंत्री जी की कुर्सी

#MeToo ने ली मंत्री जी की कुर्सी

जी हाँ चली गई विदेश राज्य मंत्री जी की कुर्सी l


जानें क्या है #MeTooयहाँ क्लिक करें


मी टू को मिली भारी सफलता , किसी का काम जा रहा तो किसी की कुर्सी l कोई महिलाओं के साथ तो किसी का समर्थन पुरुषों को भी l डरे हुए पुरुष , और आरोप लगाती महिलाऐं l

विदेश राज्य मंत्री एमजेअकबर का पद से त्यागपत्र l

अभी तक 20 महिला पत्रकार एमजेअकबर के ऊपर यौन शोषण का आरोप लगा चुकी  है l



अकबर पर ये सभी मामले 10 से 20 साल पुराने हैं, जब अकबर मीडिया जगत से जुड़े हुए थेl

एमजे अकबर ने मामले में सबसे पहले आरोप लगाने वाली प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज किया है l उन्होंने निजी तौर पर कानून की अदालत में न्याय पाने का फैसला किया है l

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह पर बुधवार को केन्द्रीय मंत्रिपरिषद से एमजे अकबर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है l

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के मुखिया राज ठाकरे ने मीटू अभियान को गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला , पेट्रोल-डीजल की कीमतों, बेरोजगारी और रुपये की गिरती कीमतों से ध्यान भटकाने के लिए किया बताया है l

 

आम लोगों के कथन  :


अचानक से ऐसा लगने लगा है कि दुनिया के सारे पुरुष गलत हो गए हैं l और औरतें सीधी, सच्ची और शालीन l

इतने साल बाद ही सहसा साहस क्यों जाग उठा ? क्योंकि अब वे मंत्री थे ?

मामला सही हो सकता है पर आवाज उठाने में उनके उच्च पद तक पहुँचने का इंतजार कर रही थी क्या ?

कमाई और शोहरत पाने का स्टंट है l

जिन हेरोइनों को किस सीन और अश्लील सीन करने में जाने कितने हीरो कहाँ कहाँ टच करते हैं तो अब उन्हें दिक्कत का मतलब साफ़ है पैसा ऐंठना या सामने वाले से लड़ाई l

अब तो कोई भी औरत किसी से भी बिना सबूत खुन्नस निकाल सकती है l

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October 15, 2018

शराब के शौक़ीन मराठी खुश

शराब के शौक़ीन मराठी खुश
महाराष्ट्र में जल्द ही शराब पीने वालों के चेहरे खिल उठेंगे क्योंकि वहां सरकार एक फैसला लेने वाली है जो उन लोगों के लिए खुशखबरी होगी l

शराब की ऑनलाइन बिक्री की हो सकती है शुरुआत l

महाराष्ट्र में आबकारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने रविवार को मीड़िया को बताया  कि  नशे में धुत्त होकर गाड़ी चलाने की घटनाओं को रोकने को ध्यान में रखते हुए शराब को घर तक पहुंचाने से इसमें मदद मिलेगी।

 

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में शराब की ऑनलाइन बिक्री एवं होम डिलिवरी की अनुमति देने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि इससे नशे में धुत्त होकर गाड़ी चलाने के मामलों पर लगाम लग सकेगी।

 

हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि यह निर्णय कब से प्रभावी होगा।

सूत्रों के अनुसार आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपना नाम ना उछाले जाने की शर्त रखते हुए बताया कि इस फैसले के पीछे राजस्व बढ़ाना मुख्य लक्ष्य है ।

अधिकारी ने बताया कि प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स कंपनियां इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकती हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते राजमार्ग के पास स्थित करीब 3,000 शराब की दुकानों के बंद होने के चलते सरकार को अच्छे खासे राज्य कर का नुकसान उठाना पड़ रहा है.

राज्य के 2017-18 के राजस्व में उत्पाद शुल्क से 15,343 करोड़ रुपये आए थे

हालाँकि चुनाव का समय है तो इस विषय पर कोई भी खुलकर बोलने से डर रहा है l

क्या है मी टू #MeToo

क्या है मी टू #MeToo

क्या है Me Too:


इसका मतलब है मै भी या मेरे साथ भी , इसके अंतर्गत काम काजी महिलाऐं अपने साथ कार्य स्थल या कार्य के समय हुए शोषण को लेकर सालों बाद अपनी बात बता रही हैं कि किस पुरुष ने उनके साथ क्या गलत किया ,क्या फायदा उठाया इत्यादि l

यह महिलाओं पर होने वाले यौन उत्पीड़न, शोषण के खिलाफ आंदोलन है l

#MeToo हैशटैग के साथ अपने साथ घटी घटनाएँ साझा कर रही हैं।

#MeToo  में बीसियों साल पुराने मामले सामने लाए जा रहे हैं कि किस तरह उन्हें प्रभाव या शारीरिक ताकत से मजबूर करके उनका यौन उत्पीड़न किया गया।

#MeToo यानि कि मेरे साथ भी हुआ l

कैसे बना हैश टैग #MeToo :


सोशल ऐक्टिविस्ट तराना बर्क ने सबसे पहले 2006 में  'माइस्पेस' नाम के सोशल नेटवर्क पर #MeToo  का इस्तेमाल किया था। ऐसा उन्होंने महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न की कहानी बयां करते हुए लिखा था।

सन 2017 अमेरिकी एक्ट्रेस एलिसा मिलानो ने यौन उत्पीड़न को लेकर में एक ट्वीट किया,  जिसमें उन्होंने #MeToo का इस्तेमाल किया । इस ट्वीट पर एक ही दिन में #MeToo  लिखकर दो लाख से ज़्यादा ट्वीट किए गए। और ये हैश टैग प्रसिद्धि पा गया

#MeToo भारत में:


मशहूर अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा अभिनेता नाना पाटेकर पर लगाए गए आरोपों से इसकी शुरुआत हुई और आज इसकी चपेट में कई अन्य महिलाओं द्वारा अपने पुरुष सहकर्मी या साथियों पर आरोप दर्ज करे जा चुके हैं जो लगातार जारी हैं l

एक चैनल को दिए इंटरव्यू में तनुश्री दत्ता ने कहा कि साल 2008 में फिल्म 'हॉर्न ओके प्लीज़' की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उनका यौन उत्पीड़न किया था l

अब तक आलोक नाथ , रजत कपूर ,साजिद खान , सुभाष घई,  चेतन भगत, विकास बहल, कैलाश खैर , अभिजित भट्टाचार्या , क्रिकेटर लाशिथ मलिंगा, अर्जुन रणतुंगा सहित कई बॉलीवुड क्रिकेट व अन्य क्षेत्रों  से जुडी कई प्रसिद्ध हस्तियों पर आरोप दर्ज हो चुके हैंl

चपेट में मोदी सरकार के विदेश राज्य मंत्री:


हाल ही में मोदी सरकार में विदेश राज्य मंत्री भाजपा नेता एम् जे अकबर पर भी इसी तरह के आरोप सामने आए हैं l  महिला पत्रकारों द्वारा उनके अख़बार संपादक रहने के दौरान गलत व्यव्हार का आरोप लगाया है l

पत्रकार प्रिया रमानी ने आरोप लगाया है कि एम् जे अकबर ने उन्हें एक होटल के कमरे में बुलाया था उनके अनुसार तब अकबर 43 साल कजे थे और वो 23 की l इसके आलावा कुछ अन्य पत्रकार महिलाओं ने भी इसी तरह ऑफिस कार्य के दौरान अश्लील हरकत करने के आरोप लगाए हैं l

 

मामला बहुत ही पेचीदा है क्योंकि सभी ने खुद पर लगे आरोपों को सिरे से नकार दिया है

और बीसियों साल पुराने मामले आज उठाने को लेकर आम जन में कुछ इसे सही मान रहे तो कुछ इसे खुद को हाई लाइट करने की वजह करार दे रहे हैं l

हालाँकि कई फिल्म निर्माताओ ने आरोपितों के साथ काम ण करने की भी कहा हैl

 

 

October 13, 2018

प्लान 2021 हुआ नहीं 2031 आ गया

प्लान 2021 हुआ नहीं 2031 आ गया

आगरा मास्टर प्लान 2031


एन आर एस सी , हैदराबाद आगरा के लिए एक महायोजना 2031 का विस्तृत मैप प्लान तैयार करने जा रहा है ।

इसमें सेटेलाइट इमेज  का इस्तेमाल किया जाएगा, इसके लिए एक कंपनी को टेंडर के आधार पर चुना जाएगा जो 2019 अंत तक महायोजना तैयार करके देगी ।

यहाँ सोचने वाली बात ये है कि मास्टर प्लान 2021 की प्लानिंग के सभी कार्य अधूरे पड़े हुए हैं ।

आगरा मास्टर प्लान 2021 के नक्शे पर दिखाई देने वाले सेक्टर पार्क कहीं भी दिखाई नहीं देते , प्लान की मुख्य सड़कें कई जगह से बंद हैं और बनी ही नहीं हैं ।

जोनल पार्क , सेक्टर पार्को की जमीनों पर कई जगह बिल्डिंग खड़ी हो चुकी हैं या बन रही हैं ।

ऐसे में जबकि 2021 में महज 3 साल बचे हैं इस मास्टर प्लान को पूरा किए बगैर एक नया प्लान बना देना कार्य की जगह दिखावा करना जैसा प्रतीत होता है ।

माना जा रहा है कि आगरा में बने नए एक्सप्रेस वे , इनर रिंग रोड और बाईपास को ध्यान में रखते हुए ये नया प्लान बनाया जा रहा है ।

इस नए प्लान के आने से पुरानी जोनल प्लान 2021 में बनी कई कॉलोनियों के निवासी थोड़े चिंतित हैं।

कॉलोनी निवासियों का मानना है कि एडीए ने कॉलोनी अप्रूव तो कर दी हैं पर अभी तक कई अप्रूव कॉलोनियों तक जाने वाले मार्ग मास्टर प्लान 2021 के नक्शे के अनुसार नहीं बन पाए ।

कॉलोनी निवासियों का मानना है अब अगर प्लान 2031 आ जाता है तो सारा ध्यान हटकर सिर्फ एक्सप्रेस वे व मुख्य बाईपास और रिंग रोड पर अप्रूव होने वाली नई कॉलोनियों की तरफ चला जाएगा और अभी तक अटकी सभी मास्टर प्लान रोड जो प्लान 2021 में शामिल थीं वे 2031 के बाद भी लटकी रह जाएँगी ।

दूसरी तरफ आगरा में किसी भी प्रकार का उद्योग जिससे जरा भी प्रदूषण होता है वो प्रतिबंधित है ।

ऐसे में मन मे कई सवाल उठते हैं जैसे :


1. अब नए प्लान में क्या आई टी सिटी बनाने जैसी योजनाओं को प्राथमिकता मिल सकेगी ?

2. क्या मास्टर प्लान 2021 के मैप पर दिखाए सेक्टर और जोनल पार्कों को विकसित किया जाएगा ?

3. क्या मास्टरप्लान 2021 के सभी जोन की प्रमुख सड़कें जो बाधित हैं उन पर कार्य किया जाएगा ?

4. क्या सारा ध्यान हटकर  पुरानी एप्रूव कॉलोनी के विकास के वजाय रिंग रोड , एक्सप्रेस वे और बाईपास पर आने वाली नई योजनाओं की तरफ चला जाएगा ?

इन सभी बातों के जबाब तो समय ही देगा किंतु  आगरा स्मार्ट सिटी और ताज सिटी में प्रदूषण के साथ साथ गंदगी अभी भी कायम है , और ट्रैफिक तो दम तोड़ता ही है , बीच सड़क जगह जगह आवारा जानवर बैठे मिलेंगे , इन गाय और सांडों की वजह से कई दुर्घटनाएं यहाँ होती ही रहती हैं ।

फिलहाल आगरा स्मार्ट के आसपास भी नहीं दिखाई देता ।

October 10, 2018

तितली से होशियार

तितली से होशियार
 

होशियार तितली आ रहा है


समुद्र में उठ रहीं ऊँची ऊँची लहरें बता रही हैं कि ये आहट है किसी बड़े नुकसान की ।


जी हाँ उड़ीसा राज्य के तटीय इलाकों से तितली नाम का तूफान जल्द ही दो दो हाथ करने जा रहा है ।


सरकार ने तूफान का अलर्ट जारी किया है ।


तूफान के अलर्ट के बाद समंदर में मछुआरों को जाने से रोका जा रहा है, क्योंकि तूफान मछुआरों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है ।


तूफान की वजह से ओडिशा के तटीय शहरों में स्कूलों को  बंद रखने के आदेश दिए गए हैं ।


कई ट्रेनें ऐहतियात के तौर पर कैंसिल कर दी गई है । और कई ट्रेनों के रूट में परिवर्तन किया गया है ये अब डाइवर्ट रूट से होकर जाएँगी ।


रेलवे ने भुवनेश्वर में होने वाली भर्ती परीक्षा को टाल दिया है ।


तितली तूफान को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक  ने प्रशाशन को अलर्ट रहने के आदेश दिए हैं ।


प्रशाशन द्वारा चक्रवाती तूफान ‘तितली’ के पहुंचने से पहले उड़ीसा में लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचाये जा रहे हैं ।




उड़ीसा के गजपति, गंजाम, पुरी, बालासोर,खुरदा,जाझपुर, नयागढ़, आदि जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है ।


इन जिलों में तितली तूफान से भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है ।




क्या होता है साइक्लोन :



साइक्लोन यानि कि चक्रवात हवाओं के दबाब (वायुदाब) कम अधिक होने के कारण वायु का एक चक्र ( सर्किल) के रूप में घूमना चक्रवात कहलाता है ।


ये बहुत ही विकराल रूप धारण कर बड़ी तबाही को भी अंजाम दे सकता है ।


रास्ते मे आने वाली हर चीज को उखाड़कर अपने दायरे में आसमान छुलाने की ताकत होती है इसमें । तितली एक समुद्री चक्रवाती तूफान है ।

Why Sensex Lost almost 11%

Why Sensex Lost almost 11%

Why Sensex Lost almost 11% In sept and first week of Oct 2018:


 

Here are few reasons

 

1. Cruid Prices are increasing day by day .

2. As cruid prices are going up hence Rupee is at lowest level.

3. FII are selling Shares as US treasury yield increased specially for 10 year bucket and it is expected that federal reserve will increase rate further in December 2018.

4. RBI may tight NBFC norms .

5. RBI did not made any change in crucial rates as expected .

6. Sensex was at higher level compare to different stock markets .

7. Poor Performance of Indian Banks may result in adverse economic conditions.

8. Political Instability due to upcoming elections .

October 09, 2018

Rupee Hits All-time Low

Rupee Hits All-time Low
 

The Indian rupee hit its fresh all-time low against the US dollar.

it fell to 74.27 level against the US currency in afternoon trade today.

The rupee has fallen 16.64% to an all-time low of 74.27 level intra day (October 9) .

Look at factors Why Rupee is at its lowest level :

1. Rising oil prices  is major reason for low value of Rupee . Due to increase in cruid prices  current account deficit is also increased .  brent crude oil prices rose back above the $84 per barrel in the international oil market.

2. Broader emerging market concerns: Sell off in market . FIIs have withdrawn Rs 13,778 crore from the Indian market.

3. Dollar demand: Strong Demand for USD in market .

4. High US treasury yields and it is expected that it will increase further.

5. Sanction On Iran :  Iran is also a point of concern being the biggest exporter to India for crude oil.

6. Trade Deficit hits a 5 year high .
Current account deficit (CAD) has become a big worry for the home currency.

--- SK Sharma, CM, BOI

Choose Insurance Carefully

Choose Insurance Carefully
If you are going to select an insurance plan then be careful. Read full plan details before selection.

Mistake we make while choosing Insurance Product:


In India most of the people take Insurance product for saving Tax.

It is one of the option for saving tax but purpose of Insurance is totally different.

Government give tax benefit to promote insurance product.

Actual purpose of insurance is to spread the risk .

It means that the premium paid by different people will be paid to the person in event of death or loss.

In other words we can say that we should take insurance keeping in the mind our family members .

Although insurance is one of tool for tax saving and wealth creation .

But actual purpose is to protect the family in event of death or protection against loss.

It is observed from the insurance data that most of people in India are not insured or under insured .

Example : If a person earns Rs. 50000.00 per month and family expenditures are Rs. 40000.00 per month then he should take theinsurance for the amount which can give returns equivalent to Rs. 40000.00 per month to family in event of death .

Here returns in aforementioned example refers to interest earned on claim settlement  amount ( Sum Assured payable on death ).

Hence anything below this amount will be under insured.

There are lot of Insurance product in the market like money back plans,
ULIP plans etc . These are non actual insurance product . In actual these
are wealth creation product .

We should choose Term Plans to achieve objective of Insurance .

In Term Plans Sum Assured is at very high side and you will get nothing in return except in event of death .

But in term plan your family will get sufficient fund in case of death and
it will help family survival .

Now we come to another point .

If you still interested in wealth creation
then we suggest to go for term plan along with any investment product like SIP , NSC , RD , Fixed Deposit etc.

If you will combine both then you will be perfectly insured and return will be higher as compare to money back and other policies as premium for these policies is at
higher side .

If you are looking for ULIP then you are advised to take SIP and term Insurance
product.

As SIP + Term Insurance is better and suitable option than ULIP .

 

-- SK Sharma, CM, BOI

October 08, 2018

क्यों पिट रहे यूपी बिहार वाले

क्यों पिट रहे यूपी बिहार वाले
आजकल गुजरात में उत्तर भारतीयों खास कर बिहारी और उत्तर प्रदेश के लोगों पर लगातार हमले हो रहे हैं। 

उनको गुजरात छोड़ने की धमकी मिल रही हैं, कई लोग डर से गुजरात से पलायन भी कर चुके हैं ।

पर क्या है पूरा मामला ? -


गुजरात के साबरकांठा के हिम्मतनगर कस्बे के पास एक गांव में 28 सितंबर को 14 माह की बच्ची से अपहरण कर रेप किया गया ।

पुलिस ने रेप के आरोप में बिहार के रहने वाले रविंद्र साहू नाम के एक मजदूर को घटना वाले दिन गिरफ्तार किया ।

पीड़ित नाबालिग ठाकोर समुदाय से है ।

रेप की घटना के बाद से स्थानीय संगठनों ने बिहार, यूपी और मध्य प्रदेश के लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।

कई जगहों पर धमकियां दी गई और हमले किये गए। डर से हजारों लोग गुजरात छोड़ चुके है।

इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुजरात के विजय रुपाणी सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

गुजरात सरकार ने केंद्र से कहा है कि दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। गुजरात के डीजीपी ने बताया था कि हमला करने के मामलों में अब तक 342 लोगों को गिरफ्तार किया गया है ।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुजरात के सीएम विजय रुपाणी से बात की और कहा है कि इस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी विजय रूपाणी से बात की ।

कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि एक दो लोग अपराध करते हैं तो सभी को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

गुजरात में बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश (उत्तर भारत ) के लोगों पर हुए हमलों के बाद लोग पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं।

गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने कहा है कि रेप के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, निर्दोष लोगों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे ।

जो दोषी है उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ।

October 06, 2018

पाँच राज्यों में चुनावी बिगुल

पाँच राज्यों में चुनावी बिगुल

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों का खाका तैयार 


चुनाव आय़ोग ने आज पांच राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम के विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी l

छत्तीसगढ़ में दो चरणों में 12 नवंबर और 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे l

मध्य प्रदेश और मिजोरम में एक साथ 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे ।

राजस्थान और तेलंगाना में 7 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे ।

सभी पांच राज्यों के नतीजे 11 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे ।

चुनावों के एलान के साथ ही मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में आचार संहिता लागू कर दी गई है ।

पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव में वीवीपैट मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा ।

छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 12 नवम्बर को मतदान के लिए 16 अक्तूबर को अधिसूचना जारी होगी, नामांकन की अंतिम तारीख 23 अक्तूबर होगी , नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 26 अक्तूबर तय की गयी है ।

दूसरे चरण की 72 सीटों के लिए अधिसूचना 26 अक्तूबर को जारी होगी, नामांकन की अंतिम तिथि 2 नवंबर, नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 5 नवंबर तय की गयी है।

मध्य प्रदेश और मिजोरम चुनाव के लिये दो नवंबर को अधिसूचना जारी होगी, नामांकन की अंतिम तारीख 9 नवंबर, नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 14 नवंबर तय की गयी है।

राजस्थान और तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिये 12 नवंबर को अधिसूचना जारी की जायेगी, नामांकन की अंतिम तिथि 19 नवंबर, नामांकन वापसी की तिथि 22 नवंबर तय की गयी है।

इन विधानसभा चुनाव से पहले 3 नवंबर को कर्नाटक में लोकसभा की तीन और विधानसभा की दो सीटों के लिये उपचुनाव कराया जायेगा।

उपचुनाव के लिये मतगणना छह नवंबर को होगी ।

सभी राज्यों में शतप्रतिशत वीवीपेट युक्त ईवीएम से मतदान कराया जायेगा।

किसने उठाए चुनाव आयोग पर सवाल

किसने उठाए चुनाव आयोग पर सवाल
 

 चुनाव आयोग ने आज पांच राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम चुनाव की तारीखों की घोषणा के लिए 12 बजे प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी l


परन्तु बाद में यह समय बदलकर बाद में 3 बजे कर दिया गया l


और इसकी टाइमिंग को लेकर विवाद शुरू हो गया l


समय बदलने को लेकर कांग्रेस ने आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए हैंl





कांग्रेस के आरोपों का जबाब देते हुए चुनाव आयोग ने कहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के  इंतजाम पूरे न हो पाने के कारण कॉन्फ्रेंस के  वक्त में बदलाव किया गया है l





ऐसा पहली बार नहीं है जब चुनाव की तारीखों को लेकर विवाद हुआ हो l


इससे पहले भी कर्नाटक विधानसभा चुनाव की घोषणा के वक्त कांग्रेस ने  चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा से पहले ही बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय को तारीख के बारे में जानकारी कैसे मिली ये पूछा था ?


क्योंकि अमित मालवीय ने चुनाव की तारीख घोषणा से पहले ही ट्वीट कर दी थीं l






कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ''चुनाव आयोग ने 5 राज्यों के चुनाव कार्यक्रम का एलान करने के लिए 12:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और मोदी जी राजस्थान के अजमेर में दोपहर 1 बजे रैली करने वाले हैं तो चुनाव आयोग ने अचानक प्रेस कांफ्रेंस का समय बदलकर 3 बजे कर दिया l क्या चुनाव आयोग स्वतंत्र है?''



October 03, 2018

किसान आंदोलन की माँगें

किसान आंदोलन की माँगें

किसान आंदोलन से दिल्ली बेहाल , राहत


किसानों के आंदोलन के चलते पिछले दो दिनों तक जाम और रूट डायवर्जन की समस्या से दिल्ली-एनसीआर में आमजन भी परेशान दिखे , आखिर दो दिन बाद आंदोलन में शांति आई

आंदोलन के बाद किसानों की माँगो को मान लिया गया जिससे आन्दोलन की समाप्ति हुई हालांकि जितनी माँग किसान नेताओं ने रखीं उन सभी पर गौर नहीं किया जा सका है

इन माँगों को मान लिया गया है :-


कुल सात मांगें मान ली गई हैं

1. दस वर्ष से पुराने डीजल वाहनों के संचालन पर एनजीटी की रोक के खिलाफ सरकार पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी। जिससे किसानों के पुराने वाहन की एंट्री दिल्ली में हो सके ।

2. मनरेगा को खेती से जोड़ने के लिए अब इसमें किसानों के प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाएगा।

3. खेती में उपयोगी सामान पर 5 फीसदी जीएसटी करने के लिए को जीएसटी काउंसिल में प्रस्ताव रखा जाएगा।

4. उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत अधिक एमएसपी घोषित करने के निर्णय का रबी फसलों पर लागू । सरकार ने नई एमएसपी की घोषणा भी कर दी ।

5. जिन फसलों की पर्याप्त पैदावार होती है उनके आयात को रोकने के लिए कानून बनाने का भरोसा ।

6. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के कार्यान्वयन के संबंध में एक समिति बनेगी। यह फसल बीमा योजना व किसान क्रेडिट कार्ड योजना में आ रही परेशानियों पर किसान संगठनों से बातचीत के बाद अपनी संस्तुति देगी।

7. जंगली व आवारा पशुओं द्वारा फसलों को हो रहे नुकसान की भरपाई अब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत की जाएगी।

ये थीं किसान संगठनों की माँगे :-


1. न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी को वैधानिक दर्जा देने और देश भर के किसानों की सभी फसलों और सब्जियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य और लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य स्वामीनाथन द्वारा सुझाए गए फार्मूले के अनुसार घोषित किया जाए।

2. किसानों के सभी तरह के कर्ज माफ किए जाएं।

3. एनजीटी द्वारा पुराने डीजल वाहनों जो 10 वर्ष से अधिक पुराने हैं के संचालन पर रोक लगा दी है। इसे हटाया जाए।

4. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बीमा कंपनियों को लाभ मिल रहा है किसानों के हितों के अनुसार बदलाव किया जाए। प्रीमियम सरकार द्वारा दी जाए ।

5. किसानों की न्यूनतम आमदनी सुनिश्चित की जाए। लघु व सीमांत किसानों को 60 वर्ष की आयु के बाद कम से कम 5,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाए।

6. नीलगाय, जंगली सुअर व अन्य आवारा पशुओं के लिए एक नीति बनाई जाए,इनसे फसलों को हो रहे नुकसान की भरपाई हो ।

7. बकाया गन्ना भुगतान ब्याज सहित बिना देरी किया जाए। चीनी का न्यूनतम मूल्य 40 रुपये प्रति किलो तय किया जाए।

8. किसानों को सिंचाई हेतु नलकूप की बिजली मुफ्त उपलब्ध कराई जाए।

9. आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवार का पुनर्वास  और आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाए। मनरेगा को खेती से जोड़ा जाए।

10. खेती में काम आने वाली सभी वस्तुओं को जीएसटी से मुक्त किया जाए।

11. देश में पर्याप्त मात्रा में पैदा होने वाली फसलों के आयात पर रोक लगे ।

12. भूमि अधिग्रहण को केंद्रीय सूची में रखते हुए राज्यों को किसान विरोधी कानून बनाने से रोका जाए।
इनमें से आवारा पशुओं वाली समस्या आजकल शहरों की रोड़ों पर देखा जाना आम बात है । फसलों को बचाने के लिए किसान कटीले तारों का भी उपयोग करते हैं जो नाकाफी साबित हो रहे हैं ।