October 29, 2019

कश्मीर पर घमासान

कश्मीर पर घमासान
जम्मू एवं कश्मीर  से अनुच्छेद 370  हटने के बाद यूरोपीय संघ (EU) के 27 सांसदों के कश्मीर दौरे को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि कश्मीर जाने पर अब किसी तरह की रोक नहीं है देसी विदेशी सभी पर्यटकों के लिए कश्मीर को खोल दिया गया है

और ऐसे में विदेशी सांसदों के दौरे को लेकर सवाल उठाने का कोई मतलब नहीं है यदि विपक्षी नेता कश्मीर घूमना चाहते हैं तो अवश्य जाएं

भाजपा के प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कहा, ' कश्मीर जाना है तो कांग्रेस वाले सुबह की फ्लाइट पकड़कर चले जाएं किसने उन्हें रोका है?  गुलमर्ग जाएं, अनंतनाग जाएं, पूरा कश्मीर घूमें , अब सभी पर्यटकों के लिए कश्मीर को खोल दिया गया है '

उधर यूरोपीय संघ के दौरे के बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) ने कश्मीर के हालात पर चिंता जताई है UN ने मंगलवार को कहा कि घाटी के लोग अधिकारों से वंचित हैं और हमने भारतीय अधिकारियों से मांग की है कि कश्मीर में नागरिकों के सभी अधिकार बहाल हों

हालाँकि UN ने यह भी कहा कि कश्मीर में सुधार के लिए भारत ने कई कदम उठाए हैं, मानव अधिकार के हवाले से कहा कि हम बहुत चिंतित हैं कि कश्मीर में लोग अधिकारों से वंचित हैं हम भारत से अधिकारों को पूरी तरह से बहाल करने की अपील करते हैं

धारा 370 हटाते समय एहतियात के तौर पर लगाई गई कई पाबंदियो को धीरे धीरे कम किया जा रहा है और हालात सामान्य हो रहे हैं l

October 27, 2019

सरोगेसी क्या क्यों और कैसे

सरोगेसी क्या क्यों और कैसे

सरोगेसी क्या है? Surrogacy Kya Hai in Hindi


सरोगेसी एक  वरदान है उन महिलाओं के लिए जो माँ बनने के सुख से वंचित हैं । सरोगेसी Surrogacy ऐसे दंपतियों के लिए भी वरदान है जो अनगिनत कोशिशों के बावजूद निसंतान हैं। और सरोगेसी के जरिए बिना शादी के सिंगल लोग भी पेरेंट्स बन सकते हैं ।




सरोगेसी Surrogacy एक ऐसी तकनीक या माध्यम है। जिसके जरिए निसंतान लोग भी माता-पिता बन सकते हैं। सरोगेसी को, आसान शब्दों में 'किराए की कोख' भी कहा जाता है।


सरोगेसी Surrogacy में एक स्वस्थ महिला के शरीर में मेडिकल तकनीक से पुरूष के स्पर्म को इंजेक्ट किया जाता है। जिसके 9 महीने बाद एक स्वस्थ बच्चे का जन्म होता है।


इस तकनीक में गर्भधारण करने वाली महिला का पूरे 9 महीने तक डॉक्टर्स अपनी देखरेख में रखते हैं। जिससे एक स्वस्थ बच्चे का जन्म हो सके।





इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आई वी एफ) तकनीक की मदद से माँ के अंडे को पिता के शुक्राणु के साथ लैब में निषेचित किया जाता है और निषेचित अंडे यानि भ्रूण को एक सरोगेट महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है।


कुछ महिलाएं जो शारीरिक समस्या के कारण माँ नहीं बन सकती। ऐसे में दूसरी महिला के कोख को प्रयोग में लेने को सरोगेसी कहा जाता है।


सरोगेसी कई बार पुरुष के शुक्राणु की समस्या की वजह से भी करवाया जा सकता है।


जन्म के पश्चात निसंतान दंपति को बच्चा सौंप दिया जाता है और उसके बदले में सरोगेसी करने वाली महिला को एक तय कीमत दे दी जाती है।


सरोगेसी Surrogacy के माध्यम से जहां निसंतान दंपति माता-पिता बन पाते हैं, वहीं सरोगेसी करने वाली महिला को भी आर्थिक लाभ दिया जाता है।



सरोगेट मदर (Surrogate Mother)




सरोगेसी Surrogacy प्रक्रिया को करने वाली महिला सरोगेट मदर (Surrogate Mother) कहलाती है। माता-पिता और सरोगेट माँ के बीच एक अनुबंध (contract) किया जाता है कि भ्रूण बनने के बाद से लेकर शिशु के जन्म तक की देख-रेख उनकी निगरानी में होगी।


जन्म के बाद  बच्चे पर केवल माता-पिता का ही हक होगा। इस प्रक्रिया में माता-पिता को इंटेंडेड पेरेंट्स (Intended Parents) कहा जाता है।





सरोगेसी के प्रकार




सरोगेसी दो प्रकार की होती हैं-
1. ट्रेडिशनल सरोगेसी 2. गेस्टेशनल सरोगेसी





ट्रेडिशनल सरोगेसी (Traditional Surrogacy)



ट्रेडिशनल सरोगेसी में सबसे पहले पिता के शुक्राणुओं  (sperms) को किसी एक अन्य महिला के अंडे के साथ निषेचित किया जाता है। जिसमें बच्चे का जैनेटिक संबंध सिर्फ पिता से होता है।





जेस्टेशनल सरोगेसी (Gestational Surrogacy)



जेस्टेशनल सरोगेसी Surrogacy में परखनली प्रक्रिया यानि IVF आई वी एफ के ज़रिए माता-पिता के अंडे व शुक्राणुओं को लेकर भ्रूण तैयार किया जाता है।


फिर सरोगेट मदर के गर्भाशय में इसे प्रत्यारोपित कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में बच्चे का जैनेटिक संबंध माता-पिता दोनों से होता है। इस प्रकार की सरोगेसी प्रक्रिया में सरोगेट माँ का बच्चे के साथ कोई भी आनुवंशिक संबंध नहीं होता है।





सरोगेसी एक कॉन्ट्रेक्ट भी है




सरोगेसी में मेडिकल क्लीनिक, सरोगेट मदर  और निसंतान दंपति के बीच एक लीगल एग्रीमेंट किया जाता है।





सरोगेसी के लिए निसंतान दंपति मान्यता प्राप्त मेडिकल क्लीनिक से संपर्क करके एक स्वस्थ महिला का चुनाव करते हैं।





उसके बाद स्वस्थ महिला के शरीर में मेडिकल तकनीक के जरिए पुरूष के स्पर्म्स को इंजेक्ट किया जाता हैं। वो महिला अगले 9 महीनों तक डॉक्टर्स की देखरेख में रहती है। जिससे एक स्वस्थ बच्चे का जन्म हो सके।





बच्चे के जन्म के बाद  क्लीनिक कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार निसंतान दंपति को सौंप देता है और बदले में सरोगेसी करने वाली महिला को एक तय कीमत दे दी जाती है।





भारत में सरोगेसी कराने का खर्चा, पश्चिम देशों की तुलना में बेहद कम है। अतः विदेशी लोग सरोगेसी के लिए भारत को चुन सकते हैं ।




सरोगेसीSurrogacy रेगुलेशन बिल 2019



सरोगेसी बिल 2016 के बिल में संशोधन करके सरोगेसी बिल में बदलाव किए गए हैं।





सरोगेसी का दुरूपयोग रोकने के लिए सरोगेसी रेगुलेशन बिल 2019 पास करने का प्रस्ताव रखा गया है





लोकसभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के द्वारा इस बिल को पेश किया गया ।





इसके अनुसार सरोगेसी की अनुमति सिर्फ संतानहीन विवाहित दंपतियों को ही मिलेगी।


जो महिला सरोगेट मदर बनने के लिए तैयार होगी, उसकी सेहत और सुरक्षा का ध्यान सरोगेसी की सुविधा लेने वाले को रखना होगा।





अब सरोगेसी Surrogacy महिला जीवन में सिर्फ एक बार ही सरोगेसी कर सकेंगी।





कोई भी सिंगल, होमोसेक्शुअल लोग सरोगेसी से पेरेंट्स नही बन सकेंगे।



What is Surrogacy ? Who need Surrogacy ?

What is Surrogacy ? Who need Surrogacy ?

Meaning of Surrogacy


Surrogacy is an arrangement, often supported by a legal agreement. It is a method of assisted reproduction where intended parents work with a gestational surrogate who will carry and care for their baby until birth.


In surrogacy a woman (the surrogate mother) agrees to bear a child for another person who will become the child's parent after birth.


Parents use surrogacy to start or grow their families when they can't do so on their own.




People may seek a surrogacy arrangement when pregnancy is medically impossible or when a single man or a male couple (gay) wish to have a child.


It’s a process that requires medical and legal expertise, as well as a strong support process throughout the journey.





Surrogacy allows couples and individuals from a variety of backgrounds, ages and sexual orientations to build their families.





Intended parents who use surrogacy :




couples who have struggled with infertility ,mothers who are unable to carry a child , parents who have a genetic defect  , same sex intended parents.




Some Agencies serve Surrogacy



Where commercial surrogacy is legal, couples may use the help of a third-party agency to assist in the process of surrogacy by finding a surrogate and arranging a surrogacy contract with her.





Through IVF, embryos are created in a lab at a fertility clinic. At the fertility clinic, 1-2 embryos are implanted into a gestational carrier, who carries the baby to term.





Receiving money for the arrangement is known as commercial surrogacy.


The legality and cost of surrogacy varies widely between jurisdictions .
In some countries surrogacy is banned.





Some Agencies often screen surrogates They also usually facilitate all legal matters concerning the intended parents and the surrogate.




Surrogacy Cost



Surrogacy cost differs country to country.


In some countries Surrogate mothers are paid a base fee of $30000 to $40000 plus additional compensation and benefits. overall estimate surrogacy costs around $108K to $156K for a journey.




This is only a rough idea and not a fix fees. It is different and unique for different journey.

October 24, 2019

हरियाणा में फंसी भाजपा , अन्य का बढ़ा महत्व

हरियाणा में फंसी भाजपा , अन्य का बढ़ा महत्व
हरियाणा विधानसभा चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिली है ।

खबर के मुताबिक कांग्रेस की सीटों की संख्या बढ़ी है और बढ़कर 31 हो गई है , वहीं भाजपा को  सीटों के नुकसान होने से 40 सीट पर जगह मिली है ।

कांग्रेस को इस बार लगभग 16 सीटों का फायदा होते हुए दिख रहा है । आए हुए नतीजों के अनुसार कोई भी पार्टी पूर्ण बहुमत में नहीं है ।

ऐसे में दुष्यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी 10 सीटों के साथ अपना रुख जिधर की ओर करेगी हवा लगभग उधर की तरफ मुड़ सकती है ।

हालाँकि ऐसे मामलों में जोड़ तोड़ और विधायक जुटाने में भाजपा के अमित शाह का कोई तोड़ नहीं है और उम्मीद है कि वो हरियाणा में भी कुछ न कुछ जोड़ तोड़ कर ही लेंगे।

कांग्रेस ने समर्थन के लिए अन्य से संपर्क किया है, सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने जेजेपी को डिप्टी सीएम पद का ऑफर दिया है ।

वहीं, जेजेपी के नेता दुष्यंत चौटाला का कहना है कि उनकी पार्टी नई सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली है ।

लेकिन अभी भी काँग्रेस और जे जेपी को जोड़कर भी 45 का बहुमत का आँकड़ा मिल पाना मुश्किल है अतः अन्य को भी मनाना होगा जो एक अस्थिर सरकार देगा ।

और भाजपा को केवल 5 सीटों की ही दरकार है जो अन्य के खाते से आसानी से जुटाए जा सकते हैं ।
 
हालाँकि सत्तारूढ़ बीजेपी को दोनों राज्यों महाराष्ट्र और हरियाणा में बड़ा झटका लगता दिखाई दे रहा है। हरियाणा में पार्टी बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ों से पीछे है ।

दोनों राज्यों के नतीजों के बाद पीएम मोदी और अमित शाह बीजेपी दफ्तर पहुंचे , यहां अमित शाह और पीएम ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया ।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हमें पिछले चुनाव में पूर्ण बहुमत नहीं मिला था, हरियाणा में सिर्फ 2 सीटों का बहुमत था, इसके बावजूद भी दोनों मुख्यमंत्रियों ने सबको साथ लेकर दोनों राज्यों की जो सेवा की और अविरत कार्य करते रहे, ये उसी का परिणाम है कि उनपर जनता ने दोबारा अपना विश्वास जताया है।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं हरियाणा और महाराष्ट्र के लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि हम उनकी सेवा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे ।

October 19, 2019

11th BANK BIPARTITE SETTLEMENT 18 oct 19

11th BANK BIPARTITE SETTLEMENT 18 oct 19

*XI BIPARTITE SETTLEMENT* 



Circular After  Core committee meeting on 18-10-2019



Following discussions took place *:*


1.  For the first time IBA requested Unions to help them in finishing talks preferably within about a month. This is positive development for early settlement.


2.  Though idea of 5 day week is kept alive, it may not get green signal from Govt, RBI. No likelihood.


3.  Demand for improvement in family pension quantum is taken up with Govt by IBA. May materialise.


4.  Merger of Special Pay with Basic under consideration. It will have positive impact on terminal benefits.


5.  Soon data on 'cost of pension' to banks will be provided to Unions.


6.   There is 6 way pension as on date. To make it common by adopting common Index is on cards.


7.  Proposal to enhance NPS contribution to 14 %

Is under consideration. It's as per Govt suggestion.


8.  Retirees can't afford high premiums of Medical Insurance. It was suggested to allow retirees to choose policies of lesser amt. say 1 or 2 lakh.


9.  IBA indicated that they may negotiate wage revision for all officers upto scale VII if unions agree for 'Variable Pay' in principle.


10.  IBA requested Unions not to insist for pay parity with Insurance or Govt employees. There is risk factor in business of Banking. Many banks are in deep losses.


11.  Banks are rescheduling working and business hours. Unions requested IBA to ask banks not to overburden staff in this regard. There should be sufficient gap btween closure of business hours and end of working hours. Extra timing to finish work is highly objectionable.


12.  IBA is requested to frame same rules for all banks in the matter of compensation to Officers for work done on Holidays.


13.  IBA promised to take up with Govt matter of GST on Medical Insurance Policies. It substantially inflats cost to retirees.


14. Proposal to accommodate those who are so far left out of Medical Insurance Scheme for retirees & their spouses, was put forth by unions.


15. PL accumulation and encashment on retirement to be hiked to 300 days is demanded by unions.


16. Rest of the issues to be discussed in subsequent small committee meetings.

October 18, 2019

IMF अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष

IMF अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund)  इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड जिसे शार्ट रूप में IMF आईएमएफ कहते हैं ।

यह एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, आईएमएफ की स्थापना 1945 में की गई थी। इसका मुख्यालय वॉशिंगटन डी सी संयुक्त राज्य में है ।

27 दिसंबर, 1945 को 29 देशों के समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद आईएमएफ संस्था की स्थापना हुई।
आईएमएफ के कुल 186 सदस्य देश हैं।


कोई भी देश आईएमएफ की सदस्यता के लिए आवेदन कर सकता है। यह आवेदन आईएमएफ के कार्यपालक बोर्ड द्वारा विचाराधीन भेजी जाती है। इसके बाद कार्यकारी बोर्ड, बोर्ड ऑफ गर्वनेस को उसकी संस्तुति के लिए भेजता है। वहां स्वीकृत होने पर सदस्यता मिल जाती है।

आईएमएफ का उद्देश्य आर्थिक स्थिरता सुरक्षित करना, आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देना, गरीबी कम करना, रोजगार को बढ़ावा देना और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सुविधाजनक बनाना है।

यह संस्था (IMF) अपने सदस्य देशों की वैश्विक आर्थिक स्थिति पर नज़र रखने का काम करती है तथा यह अपने सदस्य देशों को आर्थिक और तकनीकी सहायता प्रदान करती है।

यह संगठन अन्तर्राष्ट्रीय विनिमय दरों को स्थिर रखने के साथ-साथ विकास को सुगम करने में सहायता करता है।

आईएमएफ (IMF) की विशेष मुद्रा एसडीआर (स्पेशल ड्राइंग राइट्स) है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और वित्त के लिए कुछ देशों की मुद्रा का इस्तेमाल किया जाता है, इसे एसडीआर कहते हैं। एसडीआर में यूरो, पाउंड, येन और डॉलर हैं।

हिन्दू समाज पार्टी नेता कमलेश तिवारी की हत्या

हिन्दू समाज पार्टी नेता कमलेश तिवारी की हत्या
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की उनके आवास पर ही गोली मारकर हत्‍या कर दी गई ।

हिंदू महासभा के पूर्व नेता व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रह चुके कमलेश तिवारी ने हिंदू समाज पार्टी की स्थापना की थी ।

प्रत्‍यक्षदर्शियों के मुताबिक दो लोग दिवाली की मिठाइयां देने के बहाने घर के अंदर गए उन्‍होंने पहले कमलेश तिवारी का गला काट दिया और फिर कई गोलियां भी मारीं ।

तिवारी को अस्‍पताल ले जाया गया जहां उन्‍हें डॉक्टर द्वारा मृत घोषित कर दिया गया ।

बता दें कि तिवारी ने पैगंबर मुहम्मद से जुड़ी एक टिप्पणी की थी जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था और उन पर एनएसए लगाया गया था जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने रद्द कर दिया था ।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों हमलावर कमलेश के परिचित थे या नहीं, फिलहाल पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है पुलिस ने मौके से एक रिवाल्वर भी बरामद किया है ।

आसपास से सबूत और फुटेज खंगाल रही है पुलिस ।

MNP 4 से 10 नवंबर तक बन्द

MNP 4 से 10 नवंबर तक बन्द
दूरसंचार नियामक ट्राई के निर्देशानुसार ग्राहक 4 नवंबर से 10 नवंबर के दौरान मोबाइल नंबर वहीं रखते हुए कंपनी बदलने यानी मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लिये आवेदन नहीं कर पाएंगे।

बताया जा रहा है कि इसका कारण नयी और सरल MNP व्यवस्था को अपनाया जाना है जो 11 नवंबर 2019 से प्रभाव में आएगी।

ट्राई के अनुसार नयी व्यवस्था के तहत अगर कोई व्यक्ति मोबाइल कंपनी बदलने का आग्रह करता है तो उसी सर्किल के लिए यह प्रक्रिया दो कामकाजी दिवस में पूरी होगी।

और यदि सर्किल बदलता है मसलन एक सर्किल से दूसरी सर्किल के लिये पोर्टेबिलिटी चाहिए तो इस काम को पांच दिन में पूरा कर दिया जाएगा ।

 लेकिन इस सारी व्यवस्था को पूर्ण करने के लिए अपनाई जामे वाली प्रक्रिया को बनाने के लिए समय चाहिए जिस वजह से मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए 4 नवंबर 2019 से 10 नवंबर 2019 तक के लिए आवेदन नहीं दिये जा सकेंगे ।

व्यवस्था पूर्ण होने के बाद में पूरी प्रक्रिया त्वरित और सरल होगी और प्रक्रिया पूरी होने में कम समय लगा करेगा ।

October 17, 2019

IMF ने भी घटाया भारत की विकास दर अनुमान

IMF ने भी घटाया भारत की विकास दर अनुमान
IMF अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष  (आईएमएफ) ने मंगलवार को अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक की ताज़ा रिपोर्ट में भारत के विकास दर के अनुमान को 0.90 बेसिस पॉइंट घटाते हुए 6.1 फ़ीसदी कर दिया है ।

यह इस साल तीसरी बार है जब IMF अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष  (आईएमएफ) ने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास दर में कटौती की है।

जुलाई में IMF अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष  (आईएमएफ) ने 2019-20 में भारतीय विकास दर के 7 फ़ीसदी रहने का अनुमान लगाया था ।

और इससे पहले अप्रैल 2019 में विकास दर 7.3 फ़ीसदी रहने का अनुमान लगाया था ।

IMF अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष  (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीना जॉर्जिवा ने वाशिंगटन में संवाददाताओं से कहा, "भारत ने अर्थव्यवस्था की बुनियादी बातों पर काम किया है लेकिन कुछ ऐसी समस्याएं हैं जिस पर काम किए जाने की ज़रूरत है। वित्तीय क्षेत्र में बैंकिंग सेक्टर, विशेष रूप से गैर बैंकिंग संस्थाओं को लेकर सुधार किए जाने की ज़रूरत है" ।

IMF अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष  (आईएमएफ) का अनुमान है कि इस साल सारी दुनिया की अर्थव्यवस्था में कुल मिलाकर मात्र 3 प्रतिशत का विकास होगा ।

भारत के लिए राहत की बात यह है कि IMF अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष  (आईएमएफ) ने 2020 में ग्रोथ रेट 7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है ।

वर्ष 2018 में भारत की वास्‍तविक विकास दर 6.8 फीसदी रही थी ।

इससे पहले क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी भारत की विकास दर का अनुमान घटा दिया था ताजा रिपोर्ट में मूडीज ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए ग्रोथ रेट अनुमान घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया है। पहले मूडीज का जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.2 फीसदी था ।

October 16, 2019

पैन कार्ड कैसे बनाएं ऑनलाइन

पैन कार्ड कैसे बनाएं ऑनलाइन

पैन कार्ड (PAN card) के लिए कैसे ऑनलाइन अप्लाई किया जाए ? इसकी जरुरत क्या होती है ?


भारत में फाइनेंशियल ट्रांज़ेक्शन के लिए आपको पैन कार्ड की जरूरत होती है। चाहे बैंक अकाउंट खुलवाना हो, या इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना या फिर 50,000 रुपये से ऊपर जमा ट्रांज़ेक्शन, हर जगह पैन कार्ड जरूरत होती है। पैन कार्ड के बिना रिटर्न फाइल नहीं होता और रिटर्न के बिना लोन नहीं मिल पाता ।

पैन कार्ड ऑनलाइन बना सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन फॉर्म भर कर डॉक्यूमेंट को इनकम टैक्स ऑफिस में जमा करवा दें ।

ऑनलाइन आवेदन चाहे एनएसडीएल के पोर्टल  https://tin.tin.nsdl.com/pan/index.html अथवा यूटीआर्इटीएसएस के पोर्टल https://www.utiitsl.com/UTIITSL_SITE/pan/index.html​​​​​​​​ की वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है l

पैन कार्ड में परिवर्तन अथवा संशोधन के लिए आवेदन अथवा पैन कार्ड दुबारा मंगाने पुन: प्रिंट के लिए आवेदन भी इंटरनेट की इसी साईट के माध्यम से किया जा सकता है।


वेबसाइट पर जाने के बाद  फॉर्म खुलता है

आपको फॉर्म में NEW PAN नए पेन कार्ड के लिए अथवा CHANGES IN PAN पुराने में सुधार के लिए चुनना है केटेगरी में अकेले के लिए INDIVIDUAL चुनें ।

बाकी फॉर्म में अपना नाम , पिता का नाम , जन्म तिथि , ईमेल, फोन आदि सामान्य जानकारियाँ भरनी होती हैं  name, gender, address जैसे फील्ड को भरने में आपको कोई परेशानी नहीं होगी ।

जो डॉक्यूमेंट आप सब्मिट करने वाले हैं उन्हें तैयार रखें।

अब अपने फोटो, साइन के साथ दस्तावेज अपलोड करने का ऑप्शन आएगा। इन्हें अपलोड करने के बाद फॉर्म पूरा करने के बाद ऑनलाइन भुगतान करना होता है । फीस भरनी होगी जिसे आप डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड , नेटबैंकिंग के जरिए पे कर सकते हैं।

पेमेंट होने के बाद आपको आधार ऑथेंटिकेशन कराना होगा। आपके आधार कार्ड से लिंक फोन नंबर या ईमेल आईडी पर एक OTP के जरिए यह किया जाएगा।

सबकुछ सही से पूर्ण हो जाने के बाद आपको एक नंबर मिल जाता है जिससे आप पैन कार्ड ट्रैक कर सकते हैं

आप 15 डिजिट के इस अकनॉलेजमेंट नंबर का प्रिंट काआउट निकाल लें, साइन करें और लिफाफे में NSDL को भेज दें। पैन कार्ड आपके घर पर 15 से 20 दिन के अंदर पहुँच जाता है ।

पैन कार्ड बनवाने के लिए डॉक्यूमेंट



  • आपकी पासपोर्ट साइज़ की फोटो


  • पहचान पत्र (Identity Proof)


    पैन कार्ड बनवाने के लिए इनमें किसी एक डॉक्यूमेंट को पहचान पत्र के तौर पर

    आधार कार्ड
    वोटर आईडी कार्ड
    ड्राइविंग लाइसेंस
    पासपोर्ट
    आर्म्स लाइसेंस
    केंद्र सरकार या राज्य सरकार या किसी पीएसयू द्वारा जारी किया गया फोटो पहचान पत्र


  • पते का प्रमाण (Address Proof)


    फोटो आईडी के साथ आपको अपना एड्रेस प्रूफ भी चाहिए ।
    आधार कार्ड
    वोटर आईडी कार्ड
    पासपोर्ट
    सरकार द्वारा जारी किया गया डोमिसाइल सर्टिफिकेट
    बिजली बिल (तीन महीने से ज्यादा पुराना नहीं)
    फोन बिल (तीन महीने से ज्यादा पुराना नहीं)
    गैस कनेक्शन बुक
    बैंक अकाउंट पासबुक


  • जन्मतिथि प्रमाण पत्र


    इनमें से किसी एक डॉक्यूमेंट को जन्मतिथि प्रमाण पत्र के तौर पर पेश किया जा सकता है:
    नगर निगम द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र


पेंशन पेमेंट ऑर्डर

10वीं क्लास का पासिंग सर्टिफिकेट
पासपोर्ट

राम मंदिर पर आज आखिरी सुनवाई

राम मंदिर पर आज आखिरी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मामले में आज बुधवार को आखिरी सुनवाई होगी ।

सीजेआई रंजन गोगोई ने उम्मीद जताई थी कि 17 अक्टूबर तक इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली जाएगी और 17 नवंबर को अयोध्या मसले पर फैसला सुना दिया जाएगा। 17 नवंबर को ही सीजेआई रंजन गोगोई रिटायर हो रहे हैं।

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ बुधवार को आखिरी सुनवाई करेगी । मंगलवार को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के वकील सीएस वैधनाथन से कहा कि वे बुधवार को 45 मिनट बहस कर सकते हैं।

कोर्ट ने कहा बुधवार को एक घंटा मुस्लिम पक्षकार जवाब देंगे । चार पक्षकारों को 45-45 मिनट मिलेंगे। इस प्रकार से अयोध्या मामले की सुनवाई बुधवार को ही खत्म होने की उम्मीद है।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान एक हिन्दू पक्ष ने दलील दी कि भारत विजय के बाद मुगल शासक बाबर द्वारा करीब 433 साल पहले अयोध्या में भगवान राम के जन्म स्थान पर मस्जिद का निर्माण कर ‘ऐतिहासिक भूल' की गयी थी और अब उसे सुधारने की आवश्यकता है ।

वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरण ने कहा कि अयोध्या में कई मस्जिदें हैं जहां मुस्लिम इबादत कर सकते हैं लेकिन हिन्दू भगवान राम का जन्म स्थान नहीं बदल सकते।

बाबर ने भगवान राम के जन्म स्थान पर मस्जिद का निर्माण कर ऐतिहासिक भूल की और कहा कि मैं बादशाह हूं और मेरा आदेश ही कानून है।

अयोध्या में लगभग साठ मस्जिदें हैं, लेकिन, हिंदुओं के लिए यह भगवान राम का जन्म स्थान हैयही है जिसे बदल नहीं सकते ।

अयोध्या में मामले पर फैसला आने की वजह से हालही में धारा 144 के लागू कर दी गई निषेधाज्ञा दस दिसंबर तक लागू रहेगी । कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने भी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की मांग की गई है ।

दीपावली के अवसर पर मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना पटाखों की खरीदी या बिक्री की इजाजत नहीं होगी । धारा 144 के तहत चार या अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक होती है ।

October 15, 2019

ड्राइविंग लाइसेंस कैसे बनवाएं

ड्राइविंग लाइसेंस कैसे बनवाएं

ड्राइविंग लाइसेंस ऑनलाइन ( Driving license Online )


यदि आप सड़को पर स्कूटर, बाइक या कार इत्यादि वाहन चलाना चाहते हैं तो आपको ड्राइविंग लाइसेंस Driving License रखना होगा । ऐसा न करने पर आप पर दंडात्मक कार्यवाही होगी ।

तो आइए जानते हैं कि ड्राइविंग लाइसेंस Driving License बनाने की क्या प्रक्रिया है ।

ड्राइविंग लाइसेंस Driving License दो प्रकार से बनवा सकते हैं पहला आप सीधे स्थानीय RTO ऑफिस जाकर आवेदन कर फॉर्म इत्यादि की प्रक्रिया पूर्ण करें ।

और दूसरा तरीका है ऑनलाइन आवेदन जिससे मुख्य कार्य घर बैठे ही हो जाए

सर्वप्रथम वाहन चलाना सीखने के लिए आपको लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस Learning Driving License की आवश्यकता होती है।

ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई Apply Online


लर्निंग लाइसेंस Driving License बनवाने की ऑनलाइन प्रक्रिया काफी आसान है । राजमार्ग मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर आप ऑनलाइन एप्लाई कर सकते हैं। साईट का लिंक यह है

https://sarathi.parivahan.gov.in/sarathiservice8/stateSelection.do

यहां इस साईट के पेज पर राज्यों की सूची दी गई है ।

  • सबसे पहले अपना राज्य चुनें.

  • राज्य के चुनाव के बाद अप्लाई ऑनलाइन में कई विकल्प हैं यहाँ आप लर्निंग लाइसेंस Driving License ,  नए ड्राइविंग लाइसेंस Driving License लिए ऑप्शन होता है व डुप्लीकेट अन्य कई विकल्प हैं ।

  • सही विकल्प पर क्लिक करने पर पूरा फॉर्म खुलता है ।

  • फॉर्म भरने के बाद एक नंबर जनरेट होगा, जिसे सेव कर लें । यहां आपको उम्र प्रमाण पत्र, एड्रैस प्रूफ, आईडी प्रूफ अटैच करना होता है ।



  1. पहचान पत्र ( पहचान प्रमाण पत्र Identity Proof) जैसे – पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड आदि

  2. एड्रेस प्रूफ (पता प्रमाण पत्र Address Proof) जैसे – वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, बिजली या टेलीफोन का बिल,  तहसील से जारी किया निवास प्रमाण पत्र आदि

  3. एज प्रूफ (आयु प्रमाण पत्र Age Proof) जैसे – बर्थ सर्टिफिकेट, हाईस्‍कूल/ 10वीं की मार्कशीट या सर्टिफिकेट, पैन कार्ड, आदि


अपना फोटो और प्रूफ आदि अपलोड करने के बाद फिर ड्राइविंग टेस्ट के लिए स्लॉट बुक कराना होगा। स्लॉट का चुनाव करने के दौरान लाइसेंस के लिए ऑनलाइन फीस भरनी होती है। इसके बाद रजिस्टर्ड नंबर पर एक मैसेज आएगा।

स्लॉट के हिसाब से RTO ऑफिस जाकर टेस्ट देना होगा। यह टेस्ट ऑनलाइन होता है और इसमें यातायात के नियमों तथा यातायात चिह्नों के बारे में पूछा जाता है। एक प्रश्न के 4 उत्तर होते हैं । टेस्ट में पास हो जाने पर 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस ऑनलाइन मिल जाएगा ।

लर्निंग लाइसेंस की बैधता 6 महीने की होती है । 1 महीने के बाद व 6 महीने के अन्दर आपको परमानेंट लाइसेंस के लिए भी अप्लाई करना होगा।

आपको दोबारा न्यू लर्नर लाइसेंस की जगह न्यू ड्राइविंग लाइसेंस सेलेक्ट करना होगा । ऑनलाइन अप्लाई करके आपको अपने वाहन के साथ आरटीओ ऑफिस जाकर फिजिकल ड्राविंग का टेस्ट देना होता है। टेस्ट पास करने पर परमानेंट लाइसेंस मिल जाता है।

फिजिकल ड्राइविंग टेस्‍ट में आपको टू व्‍हीलर, फोर व्‍हीलर या जिस व्‍हीकल  डीएल के लिए आपने एप्‍लाई किया है  वो वाहन संबंधित अधिकारी के सामने सही ढंग से चलाकर दिखाना होगा।

इस फिजिकल ड्राइविंग टेस्‍ट के लिए आपको अपना वाहन साथ लेकर जाना होगा। टेस्ट ले रहे अधिकारी के निर्देशों को मानते हुए सभी ट्रैफिक रूल्‍स फालो करते हुए गाड़ी चलाकर दिखानी होती है।  जब यह अधिकारी आपको ड्राइविंग टेस्ट में पास कर देगा तो आपका ड्राइविंग लाइसेंस बन जाएगा ।

आवेदन के लिए आपको निम्न चीजों का विशेष ध्यान देना है: आवेदक

भारत का नागरिक हो जो मानसिक रुप से सही हो |

आवेदक की उम्र 18 साल से ऊपर होनी चाहिए (बिना गियर वाले 2 व्हीलर के लिए सोलह साल की उम्र मान्य है )

लर्निंग लाइसेंस के लिए फीस 200 रुपये है. अगर आपने अभी तक एकबार भी लाइसेंस नहीं बनवाया है तो पहले लर्निंग बनवाना होगा। लर्निंग के बाद ही परमानेंट लाइसेंस बनता है।

सारथी वेब साईट  https://sarathi.parivahan.gov.in/sarathiservice8/stateSelection.do वेब साईट पर आप ड्राइविंग लाइसेंस में पता परिवर्तन , फोन नंबर परिवर्तन , व लाइसेंस खो जाने के बाद नया लाइसेंस प्राप्त करने के लिए भी आवेदन कर सकते हैं l इसी साईट पर कंडक्टर लाइसेंस के लिए भी अप्लाई किया जा सकता है l

ड्राइविंग लाइसेंस Driving License खो जाने की स्थिति में डुप्लीकेट duplicate ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

इसके लिए पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन में  Driving License खो जाने की FIR करानी होगी क्योंकि उस FIR की कॉपी लगती है साथ ही अन्य डॉक्यूमेंट भी पहले की तरह ही लगेंगे व फीस जमा होगी ।

 

फारुक अब्दुल्ला की बेटी और बहन हिरासत में

फारुक अब्दुल्ला की बेटी और बहन हिरासत में
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (article370) हटाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिला कार्यकर्ताओं को मंगलवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 (article370) हटाने के खिलाफ महिलाएं श्रीनगर में प्रदर्शन कर रही थीं ।

महिलाएं हाथ में काली पट्टी बांधे और पोस्टर लिए प्रदर्शन कर रही थीं। उनसे शांतिपूर्वक प्रदर्शन खत्म करने को कहा गया। लेकिन, उन्होंने प्रदर्शन बंद नहीं की और धरना देने की कोशिश की।

प्रदर्शन करने वालों में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की बेटी साफिया और उनकी बहन सुरैया भी शामिल थीं पुलिस ने बताया कि साफिया और सुरैया प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के समूह का नेतृत्व कर रही थीं।

पुलिस ने इन दोनों समेत कई महिलाओं को अपनी हिरासत में ले लिया है ये सभी महिलाएं जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्या का दर्जा खत्म करने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेश में बांटने का विरोध कर रही थीं ।

होर्डिंग्स के साथ ये महिलाएं लाल चौक पर प्रताप पार्क में इकट्ठा हुई थीं पुलिस ने वहां पहुंचकर महिलाओं को हिरासत में ले लिया ।

फारुक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला पहले से ही हिरासत में हैं । फारुक अब्दुल्ला को पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में रखा गया है ।

सोमवार के बाद घाटी के करीब 40 लाख पोस्टपेड मोबाइल फोन ने काम करना शुरू कर दिया है ।

मोबाइल फोन सेवाएं तो बहाल हो गई हैं, लेकिन बिल जमा न होने के कारण उनकी आउटगोइंग सेवाएं बंद कर दी गई है । कश्मीर में इंटरनेट सेवा को अभी तक बहाल नहीं किया गया है ।

5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा  अनुच्छेद 370 (article370) हटाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के फैसले के बाद से ही वहां संचार सेवाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था ।

अचानक 25 हजार हुए बेरोजगार

अचानक 25 हजार हुए बेरोजगार
उत्तर प्रदेश पुलिस ने विभिन्न ज़िलों में तैनात होमगार्ड के 25 हज़ार जवानों को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटाने का फ़ैसला किया ।

योगी सरकार ने सोमवार को बजट का हवाला देकर 25000 होमगार्ड की ड्यूटी खत्म कर दी ।

सोमवार को प्रयागराज में यूपी पुलिसमुख्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया 25 हज़ार होमगार्ड को ड्यूटी से हटाने का फ़ैसला अगस्त 2019 में चीफ़ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया था ।

यूपी पुलिस द्वारा बजट की कमी के चलते होमगार्ड जवानों को हटाने का फ़ैसला लिया गया है ,उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले के बाद पुलिस विभाग को सेवाएं दे रहे 25 हजार होमगार्ड बेरोजगार हो गए ।

पुलिस के बराबर होमगार्ड का वेतन किए जाने के बाद बजट का भार बढ़ गया था इसे बैलेंस करने के लिए होमगार्डों की छंटनी हुई है ।

कानून व्यवस्था में ड्यूटी करने वाले होमगार्डों की संख्या में भी 32 फीसदी तक की कटौती की गई है । एडीजी पुलिस मुख्यालय, बीपी जोगदंड ने ये आदेश जारी किया 28 अगस्त को मुख्य सचिव की बैठक में ड्यूटी समाप्त करने का फैसला लिया गया था ।

उत्तर प्रदेश में 90 हजार से ज्यादा होमगार्ड्स हैं अब तक लगभग 40 हजार होमगार्ड्स की ड्यूटी समाप्त की जा चुकी है होमगार्ड को 25 दिन के बजाय अब 15 दिनों की ही ड्यूटी मिलेगी ।

October 14, 2019

निकासी लिमिट बढ़कर 40 हजार

निकासी लिमिट बढ़कर 40 हजार
PMC Bank के ग्राहकों को भारतीय रिजर्व बैंक से बड़ी राहत मिली है, RBI ने  पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहकों के लिए निकासी की सीमा में बढ़ोत्तरी की है ।

अब PMC बैंक के ग्राहक बैंक से 6 महीने में 40 हजार रुपये तक निकाल सकेंगे ।

इससे पहले मुंबई में PMC bank में वित्तीय गड़बड़ियों की वजह से RBI ने खाता धारकों को हज़ार रुपये से ज़्यादा देने रोक लगा दी थी ।

बाद में धीरे-धीरे यह राशि बढ़ती गई 10 हजार फिर 25 हजार और अब यह राशि 40 रुपये तक पहुंच गई है ।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सरकार पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक मामले से जुड़े घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखे हुए है ।

मामले में हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राकेश वाधवन तथा उनके बेटे सारंग और बैंक के पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह पुलिस की हिरासत में हैं ।

बैंक ग्राहकों द्वारा लगातार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपना पैसे जल्द से जल्द वापस दिलाए जाने की मांग सरकार से की है ।

पीएमसी बैंक में 4,355 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने के आरोप में वाधवन और उनके बेटे को तीन अक्टूबर और सिंह को पांच अक्टूबर को गिरफ्तार किया था ।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने भरोसा दिया है कि पीएमसी बैंक के ग्राहकों के हितों की रक्षा की जाएगी। जल्द से जल्द उनकी दिक्कतें दूर करने का प्रयास किया जाएगा ।

October 11, 2019

सामने वाला चोर है ?

सामने वाला चोर है ?
हम चाहे अनपढ़ हों या पढ़े लिखे, चाहे अमीर हों या गरीब , चाहे ग्रामीण हों या शहरी । लेकिन हमारी जो सोच है वो लगभग एक जैसी ही है ।

मसलन हम कोई भी गलत काम होना देखते हैं या पाते हैं कि इसमें कुछ गलत है तो हमारी सभी इंद्रियां एक साथ सक्रिय हो जाती हैं और हमारा सारा ध्यान उस गलती या कमी की खोज में जुट जाता है ।

लेकिन एक जगह हम इसके बिल्कुल उलट होते हैं और वो तब जब कुछ गलती हम खुद कर रहे होते हैं लेकिन ध्यान सिर्फ सामने वाले के गलत काम पर केंद्रित होता है अपने गलत को हम ढकना शुरू कर देते हैं ।

चलिए कुछ आम जीवन के छोटे छोटे उदाहरण लेते हैं ।

मान लेते हैं कि हम एक ऐसा कार्य करते हैं जिसमे हमें लगातार वाहन का इस्तेमाल करना होता है यानि कि हमारी फील्ड जॉब है ऐसे में हम सड़कों पर काफी ड्राइविंग करते हैं ।

इसी दौरान कई बार हमें पुलिस वाहन चेकिंग करते हुए मिलती है , और हमें रोक लेती है हमारे ऊपर चालान होने जा रहा होता है तब हम कोशिश करते है कि सौ दो सौ देकर किसी तरह बच जाएं ।

और कई बार कुछ लालची लोगों की वजह से बच जाते हैं और फिर हम उस पुलिसकर्मी के गलत के बारे में सबको बता रहे होते हैं लेकिन यहाँ दरअसल ज्यादा गलत कौन होता है??

उसने पैसे लिए लेकिन दिए किसने ? वो कौन था जिसके बाइक पर तो हेलमेट लटका था पर सर पर लगाने में शान जा रही थी , या गाड़ी में सीटबेल्ट थी पर लगाना नहीं चाहते थे ।

सामने वाला चोर है तो कह दिया पर जिसको आप ये सब बता रहे थे उस व्यक्ति की आँखों मे झाँककर देखें वो बोल नहीं पा रहा पर मन ही मन कह रहा है कि साले असली चोर तो तू है जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है ।

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है एजेंट को 500 अधिक दिए पर प्रोपर तरीके से लाइसेंस बनवाने का समय नही निकाल सकते फिर कहते हैं RTO अफसर गलत हैं । भाई ये ऑफर वाले पैसे देकर भ्रष्टाचार फैला कौन रहा है ?

हम ये तो समझते हैं कि रिश्वत भ्रष्टाचार है लेकिन हम देने से चूकते नहीं और नाम रख देते हैं सुविधा शुल्क । पर सिर्फ सामने वाला चोर है ।

चलिए रिश्वत से हटकर अब कुछ अलग क्षेत्र की बात करते हैं क्योंकि सरकारी कर्मी के रिश्वत का मुद्दा सबसे अधिक उठाने वाले लोग होते हैं व्यापारी लोग , ज्यादातर व्यापारियों को कहते सुना होगा अधिकारी चोर होते हैं और सिस्टम भ्रष्ट है ।

तो अब व्यापारी की तरफ रुख करते हैं , खुदरा व्यापारी में से आधी दुकानों के रजिस्ट्रेशन नहीं होते , जिनके रजिस्ट्रेशन हैं वे व्यापारी प्रॉपर बिलिंग नहीं करते अपनी सेल का कुछ प्रतिशत हिस्सा वे कागजी तौर पर दिखाते ही नहीं ।

मतलब जो माल खरीद रहे और बेच रहे उसमें से आधे का ही लेखा जोखा सेल टैक्स और इनकम टैक्स विभाग तक ये लोग पहुँचने देते है।

पर सिर्फ सामने वाला चोर है ।

एक शब्द प्रचलित है काला धन वो काला धन और कुछ नहीं वो कमाई है जिस पर आपने टैक्स नहीं दिया होता है । खाते पीते घर से चार चार गाड़ियां मेंटेन करके कई कर्मचारियों को सेलरी देने वाले ये व्यापारी ज्यादातर कार्य को नकद करना पसंद करते हैं ।

खाते से खाते का लेनदेन व्यापारियों और ठेकेदारों दोनों को ही पसंन्द नहीं वे सिर्फ उतना लेखा जोखा खाते से करना चाहते हैं जितने पर उन्हें टैक्स देना हो ।

पर साहब सिर्फ सामने वाला चोर है हम नहीं ।

किसी अधिकारी ने इनकी 10 बार की चोरी में से 1 बार पकड़ ली तो उसे रिश्वत खिलाकर खुले आम बोलते हैं कि अधिकारी भृष्ट हैं पर साहब क्या सिर्फ सामने वाला चोर है ?

चलिए आते हैं शिक्षा क्षेत्र में ये एक परोपकारी भावना हुआ करती थी लेकिन आज शुद्ध विजनिस है साहब ।

हम पहले बात करते हैं ऐसे स्कूल कॉलेजों की जहाँ शिक्षा कम ठेके ज्यादा लिए जाते हैं यानि कि 5000 में फर्स्ट डिवीजन , 3000 में सेकंड डिवीजन और 2000 में पास , 10000 में तो आने की जरूरत भी नहीं ।

ऐसे विद्यार्थी जो इनसे निकलते हैं वे भविष्य में क्या करेंगे ? क्या फायदा ऐसी शिखा का । पर साहब ये शिक्षा माफिया कहता है सामने वाला चोर है ।

कई स्कूल कॉलेज शिक्षकों को खाते में सैलरी देते हैं लगभग 20 हजार पर हकीकत में इसका कुछ हिस्सा नकद शिक्षकों से वापस ले लेते हैं पर साहब चोर सामने वाला है ।

यही फंडा कई निजी व्यवसायों का भी है कागजों में कर्मचारियों की सैलरी भरपूर है और हकीकत में आधी भी नहीं , निजी व्यवसाय वाले खून चूस लेते हैं कर्मचारियों का पर साहब चोर सामने वाला है ये नहीं ।

सुधार तभी संभव है जब हम सभी अपने अपने कार्य को पूर्ण ईमानदारी से करें , जब तक हम खुद गलत करते रहेंगे और सामने वाले को चोर कहते रहेंगे सुधार नहीं हो सकता , क्योंकि सामने वाला भी दूसरों से हमारे बारे में यही कह रहा होता है कि सामने वाला चोर है .....

राजनैतिक भ्रष्टाचार
पुलिस द्वारा भ्रष्टाचार
न्यायिक भ्रष्टाचार
विजनिस में भ्रष्टाचार
आमजन के भ्रष्टाचार
शाशन का प्रशाशन का भ्रष्टाचार

ज्यादातर लोगों के खुद के अंदर है चोर लेकिन आरोप सिर्फ सामने वाला चोर है ।

........SK Sharma

October 10, 2019

बैंक वाले .....

बैंक वाले .....
एक जगह आधा किलोमीटर के दायरे में तीन सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक थीं और एक निजी बैंक ।

एक ग्राहक दीनदयाल जी के तीनों ही सरकारी बैंकों में खाते थे और वो वहाँ लेनदेन करते रहते थे । पास पास होने के कारण तीनों ही बैंकों का स्टाफ आपस में मिलते रहते थे ।

एक बार जब इन बैंकों के स्टाफ वाले बात कर रहे थे तो दीनदयाल जी का जिक्र आया । तब पता चला कि दीन दयाल जी हर बैंक में एक ही बात बोलते हैं "सरकारी बैंक वाले सही से काम नहीं करते प्राइवेट में जाकर देखो कितने प्यार से बोलते हैं कितनी अच्छी सर्विस देते हैं , यहाँ तो लाइन में लगे रहो "

अब सभी जान चुके थे कि वे हर बैंक में हर बार यही बात दोहराते हैं तो अबकी बार बैंक कर्मचारियों ने टोकने की सोच ली । लेकिन कहना क्या चाहिए ? सब ने आपस मे फैसला कर लिया ।

इस बार जब वे काम को आए तो फिर से वही सब बोले, पर इस बार कर्मचारी ने उनको पूछा " सर एक बात बताइए अगर बाजार में चार कपड़े की दुकान हैं और आप जानते हों कि एक दुकान सबसे बेहतर और अच्छे कपड़े देती है और उसका दुकानदार भी अच्छा है तो आप चार में से किस दुकान पर जाएँगे ? और क्या कभी उन तीन बेकार दुकानों पर जाएँगे ? "

दीनदयाल जी तपाक से बोले " बिल्कुल नहीं जाऊंगा बेकार दुकानों पर सिर्फ अच्छी दुकान से सुविधा लूँगा "

इतना सुनना था कि पास खड़े अन्य सभी ग्राहक जोर से हंस पड़े । दीनदयाल जी के साथ यही वाकया तीनों बैंको में हुआ ।
दीनदयाल जी समझ चुके थे कि उन्हें क्या समझाया जा रहा है

इस पर वे निजी बैंक में खाता खोलने निकल पड़े ।

लेकिन उन्होंने पहले थोड़ी देर उस निजी बैंक में बैठकर उसका तरीका देखना और समझना चाहा ।

उन्होंने ध्यान दिया कि जितनी देर वे निजी बैंक में बैठे उनका कोई मिलने वाला नहीं आया, और कोई लाइन भी नहीं थी विजनिस मैन लोग टोकन लेते चुपचाप कुर्सी पर आकर बैठते और अपने नंबर का इंतजार करते । जब उनका नंबर आता तो अकेला आदमी काउंटर पर जाकर काम करा लेता । मतलब यहाँ भीड़ वाले कम पढ़े लिखे लोग तो थे ही नही।

वे समझ गए थे कि सभी आम जन के खाते सरकारी बैंकों में होने से वहाँ लाइन लगती है और काम मे देरी होती है , उनके किसी भी मिलने वाले का खाता भी निजी बैंक में नहीं था सिवाय उन लोगों के जो बिजनिस करते थे ।

एक घण्टे बैठने पर भी एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं आया जो कहे जरा हमारी स्लिप भरवा दो हमें भरना नहीं आता ,या जो कहे अँगूठा लगाना है ।

फिर दीनदयाल जी का नंबर आया वे काउंटर पर पहुँचे और खाते के बारे में जानकारी ली , सब ठीक था मगर जब पेनाल्टी और चार्जेज की रेट देखी तो सामने बैठी प्यार से बात कर रही रिलेशनशिप मैनेजर को मैं घर से फॉर्म भरकर लाता हूँ कहकर बैंक से निकल लिए ।

अब दीनदयाल जी ने अन्य चीजों पर गौर किया जैसे निजी बैंक देहात में हैं ही नहीं । गरीबों और किसानों को ज्यादातर सभी सुविधाएं सार्वजनिक बैंक ही दे रहे हैं । आम जन के 90 % खाते इन्ही बैंक में हैं । निजी बैंक पर आम जन का भरोसा नहीं है ।

इस सबके बाद आज भी सालों बाद दीनदयाल जी का खाता सिर्फ उन्हीं तीन सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक में ही है पर अब वे गलत बयानबाजी न करके अपने काम को आराम से करवाते हैं और सभी कर्मचारियों से उनके अच्छे संबंध बन चुके हैं ।

-- सुधीर कुमार शर्मा

October 09, 2019

कर्मियों को बढ़े DA का तोहफा

कर्मियों को बढ़े DA का तोहफा
केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों को दीवाली का तोहफा दिया गया है,  आज 09 अक्टूबर दिन बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ऐलान किया कि कैबिनेट ने कर्मचारियों के डीए  में पांच फीसदी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है ।

लगभग 50 लाख सरकारी कर्मचारी और 62 लाख पेंशनर्स को DA बढ़ने का फायदा मिलेगा, इस फैसले से सरकार पर करीब 16000 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा।  

बता दें कि अभी केंद्रीय कर्मियों का डीए 12 फीसदी है जिसे बढाकर 17 फीसदी किया गया है ।

साथ ही किसान सम्मान निधि के तहत आधार कार्ड की अनिवार्य सीडिंग की डेडलाइन बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है अब लाभांवित किसानों के पास अपना अकाउंट आधार से लिंक करने के लिए 30 नवंबर तक का समय होगा ।

आशा कर्मियों को दिया जाने वाला मानदेय भी बढ़ाया गया है जिसे 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है ।।

October 08, 2019

हनुमान चालीसा

हनुमान चालीसा

हनुमान चालीसा अर्थ सहित !


श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि।

बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।

 

《अर्थ》→ गुरु महाराज के चरण.कमलों की धूलि से अपने मन रुपी दर्पण को पवित्र करके श्री रघुवीर के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो चारों फल धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को देने वाला हे।

 

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार।

बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार।

 

《अर्थ》→ हे पवन कुमार! मैं आपको सुमिरन.करता हूँ। आप तो जानते ही हैं, कि मेरा शरीर और बुद्धि निर्बल है। मुझे शारीरिक बल, सदबुद्धि एवं ज्ञान दीजिए और मेरे दुःखों व दोषों का नाश कर दीजिए।

 

जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥1॥

 

《अर्थ 》→ श्री हनुमान जी! आपकी जय हो। आपका ज्ञान और गुण अथाह है। हे कपीश्वर! आपकी जय हो! तीनों लोकों,स्वर्ग लोक, भूलोक और पाताल लोक में आपकी कीर्ति है।

 

राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनी पुत्र पवन सुत नामा॥2॥

《अर्थ》→ हे पवनसुत अंजनी नंदन! आपके समान दूसरा बलवान नही है।

 

महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥3॥

《अर्थ》→ हे महावीर बजरंग बली! आप विशेष पराक्रम वाले है। आप खराब बुद्धि को दूर करते है, और अच्छी बुद्धि वालो के साथी, सहायक है।

 

कंचन बरन बिराज सुबेसा, कानन कुण्डल कुंचित केसा॥4॥

《अर्थ》→ आप सुनहले रंग, सुन्दर वस्त्रों, कानों में कुण्डल और घुंघराले बालों से सुशोभित हैं।

 

हाथ ब्रज और ध्वजा विराजे, काँधे मूँज जनेऊ साजै॥5॥

《अर्थ》→ आपके हाथ मे बज्र और ध्वजा है और कन्धे पर मूंज के जनेऊ की शोभा है।

 

शंकर सुवन केसरी नंदन, तेज प्रताप महा जग वंदन॥6॥

《अर्थ 》→ हे शंकर के अवतार! हे केसरी नंदन! आपके पराक्रम और महान यश की संसार भर मे वन्दना होती है।

 

विद्यावान गुणी अति चातुर, राम काज करिबे को आतुर॥7॥

《अर्थ 》→ आप प्रकान्ड विद्या निधान है, गुणवान और अत्यन्त कार्य कुशल होकर श्री राम काज करने के लिए आतुर रहते है।

 

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया, राम लखन सीता मन बसिया॥8॥

《अर्थ 》→ आप श्री राम चरित सुनने मे आनन्द रस लेते है। श्री राम, सीता और लखन आपके हृदय मे बसे रहते है।

 

सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा, बिकट रुप धरि लंक जरावा॥9॥

《अर्थ》→ आपने अपना बहुत छोटा रुप धारण करके सीता जी को दिखलाया और भयंकर रूप करके.लंका को जलाया।

 

भीम रुप धरि असुर संहारे, रामचन्द्र के काज संवारे॥10॥

《अर्थ 》→ आपने विकराल रुप धारण करके.राक्षसों को मारा और श्री रामचन्द्र जी के उदेश्यों को सफल कराया।

 

लाय सजीवन लखन जियाये, श्री रघुवीर हरषि उर लाये॥11॥

《अर्थ 》→ आपने संजीवनी बुटी लाकर लक्ष्मणजी को जिलाया जिससे श्री रघुवीर ने हर्षित होकर आपको हृदय से लगा लिया।

 

रघुपति कीन्हीं बहुत बड़ाई, तुम मम प्रिय भरत सम भाई॥12॥

《अर्थ 》→ श्री रामचन्द्र ने आपकी बहुत प्रशंसा की और कहा की तुम मेरे भरत जैसे प्यारे भाई हो।

 

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं, अस कहि श्री पति कंठ लगावैं॥13॥

《अर्थ 》→ श्री राम ने आपको यह कहकर हृदय से.लगा लिया की तुम्हारा यश हजार मुख से सराहनीय है।

 

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा, नारद,सारद सहित अहीसा॥14॥

《अर्थ》→श्री सनक, श्री सनातन, श्री सनन्दन, श्री सनत्कुमार आदि मुनि ब्रह्मा आदि देवता नारद जी, सरस्वती जी, शेषनाग जी सब आपका गुण गान करते है।

 

जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते, कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥15॥

《अर्थ 》→ यमराज,कुबेर आदि सब दिशाओं के रक्षक, कवि विद्वान, पंडित या कोई भी आपके यश का पूर्णतः वर्णन नहीं कर सकते।

 

तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा, राम मिलाय राजपद दीन्हा॥16॥

《अर्थ 》→ आपनें सुग्रीव जी को श्रीराम से मिलाकर उपकार किया, जिसके कारण वे राजा बने।

 

तुम्हरो मंत्र विभीषण माना, लंकेस्वर भए सब जग जाना ॥17॥

《अर्थ 》→ आपके उपदेश का विभिषण जी ने पालन किया जिससे वे लंका के राजा बने, इसको सब संसार जानता है।

 

जुग सहस्त्र जोजन पर भानू, लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥18॥

《अर्थ 》→ जो सूर्य इतने योजन दूरी पर है की उस पर पहुँचने के लिए हजार युग लगे। दो हजार योजन की दूरी पर स्थित सूर्य को आपने एक मीठा फल समझ कर निगल लिया।

 

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहि, जलधि लांघि गये अचरज नाहीं॥19॥

《अर्थ 》→ आपने श्री रामचन्द्र जी की अंगूठी मुँह मे रखकर समुद्र को लांघ लिया, इसमें कोई आश्चर्य नही है।

 

दुर्गम काज जगत के जेते, सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥20॥

《अर्थ 》→ संसार मे जितने भी कठिन से कठिन काम हो, वो आपकी कृपा से सहज हो जाते है।

 

राम दुआरे तुम रखवारे, होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥21॥

《अर्थ 》→ श्री रामचन्द्र जी के द्वार के आप.रखवाले है, जिसमे आपकी आज्ञा बिना किसी को प्रवेश नही मिलता अर्थात आपकी प्रसन्नता के बिना राम कृपा दुर्लभ है।

 

सब सुख लहै तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू.को डरना॥22॥

《अर्थ 》→ जो भी आपकी शरण मे आते है, उस सभी को आन्नद प्राप्त होता है, और जब आप रक्षक. है, तो फिर किसी का डर नही रहता।

 

आपन तेज सम्हारो आपै, तीनों लोक हाँक ते काँपै॥23॥

《अर्थ. 》→ आपके सिवाय आपके वेग को कोई नही रोक सकता, आपकी गर्जना से तीनों लोक काँप जाते है।

 

भूत पिशाच निकट नहिं आवै, महावीर जब नाम सुनावै॥24॥

《अर्थ 》→ जहाँ महावीर हनुमान जी का नाम सुनाया जाता है, वहाँ भूत, पिशाच पास भी नही फटक सकते।

 

नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा॥25॥

《अर्थ 》→ वीर हनुमान जी! आपका निरंतर जप करने से सब रोग चले जाते है,और सब पीड़ा मिट जाती है।

 

संकट तें हनुमान छुड़ावै, मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥26॥

《अर्थ 》→ हे हनुमान जी! विचार करने मे, कर्म करने मे और बोलने मे, जिनका ध्यान आपमे रहता है, उनको सब संकटो से आप छुड़ाते है।

 

सब पर राम तपस्वी राजा, तिनके काज सकल तुम साजा॥ 27॥

《अर्थ 》→ तपस्वी राजा श्री रामचन्द्र जी सबसे श्रेष्ठ है, उनके सब कार्यो को आपने सहज मे कर दिया।

 

और मनोरथ जो कोइ लावै, सोई अमित जीवन फल पावै॥28॥

《अर्थ 》→ जिस पर आपकी कृपा हो, वह कोई भी अभिलाषा करे तो उसे ऐसा फल मिलता है जिसकी जीवन मे कोई सीमा नही होती।

 

चारों जुग परताप तुम्हारा, है परसिद्ध जगत उजियारा॥29॥

《अर्थ 》→ चारो युगों सतयुग, त्रेता, द्वापर तथा कलियुग मे आपका यश फैला हुआ है, जगत मे आपकी कीर्ति सर्वत्र प्रकाशमान है।

 

साधु सन्त के तुम रखवारे, असुर निकंदन राम दुलारे॥30॥

《अर्थ 》→ हे श्री राम के दुलारे ! आप.सज्जनों की रक्षा करते है और दुष्टों का नाश करते है।

 

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता॥३१॥

《अर्थ 》→ आपको माता श्री जानकी से ऐसा वरदान मिला हुआ है, जिससे आप किसी को भी आठों सिद्धियां और नौ निधियां दे सकते है।

 

राम रसायन तुम्हरे पासा, सदा रहो रघुपति के दासा॥32॥

《अर्थ 》→ आप निरंतर श्री रघुनाथ जी की शरण मे रहते है, जिससे आपके पास बुढ़ापा और असाध्य रोगों के नाश के लिए राम नाम औषधि है।

 

तुम्हरे भजन राम को पावै, जनम जनम के दुख बिसरावै॥33॥

《अर्थ 》→ आपका भजन करने से श्री राम.जी प्राप्त होते है, और जन्म जन्मांतर के दुःख दूर होते है।

 

अन्त काल रघुबर पुर जाई, जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई॥34॥

《अर्थ 》→ अंत समय श्री रघुनाथ जी के धाम को जाते है और यदि फिर भी जन्म लेंगे तो भक्ति करेंगे और श्री राम भक्त कहलायेंगे।

 

और देवता चित न धरई, हनुमत सेई सर्व सुख करई॥35॥

《अर्थ 》→ हे हनुमान जी! आपकी सेवा करने से सब प्रकार के सुख मिलते है, फिर अन्य किसी देवता की आवश्यकता नही रहती।

 

संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥36॥

《अर्थ 》→ हे वीर हनुमान जी! जो आपका सुमिरन करता रहता है, उसके सब संकट कट जाते है और सब पीड़ा मिट जाती है।

 

जय जय जय हनुमान गोसाईं, कृपा करहु गुरु देव की नाई॥37॥

《अर्थ 》→ हे स्वामी हनुमान जी! आपकी जय हो, जय हो, जय हो! आप मुझपर कृपालु श्री गुरु जी के समान कृपा कीजिए।

 

जो सत बार पाठ कर कोई, छुटहि बँदि महा सुख होई॥38॥

《अर्थ 》→ जो कोई इस हनुमान चालीसा का सौ बार पाठ करेगा वह सब बन्धनों से छुट जायेगा और उसे परमानन्द मिलेगा।

 

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा, होय सिद्धि साखी गौरीसा॥39॥

《अर्थ 》→ भगवान शंकर ने यह हनुमान चालीसा लिखवाया, इसलिए वे साक्षी है कि जो इसे पढ़ेगा उसे निश्चय ही सफलता प्राप्त होगी।

 

तुलसीदास सदा हरि चेरा, कीजै नाथ हृदय मँह डेरा॥40॥

《अर्थ 》→ हे नाथ हनुमान जी! तुलसीदास सदा ही श्री राम का दास है।इसलिए आप उसके हृदय मे निवास कीजिए।

 

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रुप।

राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥

《अर्थ 》→ हे संकट मोचन पवन कुमार! आप आनन्द मंगलो के स्वरुप है। हे देवराज! आप श्री राम, सीता जी और लक्ष्मण सहित मेरे हृदय मे निवास कीजिए।

मिला राफेल विमान हुआ दशहरा शस्त्र पूजन

मिला राफेल विमान हुआ दशहरा शस्त्र पूजन
आज दशहरा के मौके पर भारत को अपना पहला राफेल लड़ाकू विमान (Rafale Fighter Jet) फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट एविएशन से मिल गया ।

विमान लेने के लिए खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फ्रांस गए हुए हैं , उन्होंने राफेल विमान का 'शस्त्र पूजन किया' और इसके बाद उन्होंने इस लड़ाकू विमान से उड़ान भी भरी ।

राफेल हैंडओवर समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन है, यह भारत और फ्रांस के बीच गहरा संबंध दिखाता है ।

भारत को फ्रांस की इस कंपनी से 36 राफेल जेट (Rafale Jet) विमानों में पहला विमान मिल जाने के बाद चार विमानों की इस पहली खेप अगले साल मई तक मिलेगी जबकि सभी 36 राफेल जेट विमान सितंबर, 2022 तक भारत को मिलने की उम्मीद है ।

रक्षा मंत्री जी ने कहा कि राफेल विमान के शामिल होने से एयरफोर्स की क्षमता में इजाफा होगा । इससे पहले तीन साल पहले ही वायुसेना में शामिल विमान तेजस में 19 सितंबर को राजनाथ सिंह ने उड़ान भरी थी ।

भारत में ही बने लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरने वाले राजनाथ सिंह पहले रक्षा मंत्री बने । तेजस हल्का लड़ाकू विमान है, जिसे एचएएल ने तैयार किया है।

भारत के स्वदेशी और हल्के लड़ाकू विमान तेजस में वे सारी खूबियां हैं जो दुश्मन को हराने की पूरी ताकत रखती हैं ।

केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले रविवार को INS विक्रमादित्य में मशीन गन से गोलियां भी चलाईं और आईएनएस विक्रमादित्य पर 24 घंटे का समय गुजारा था ।

October 04, 2019

हमारे ही मिसाइल ने गिराया हमारा ही चॉपर

हमारे ही मिसाइल ने गिराया हमारा ही चॉपर
बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय वायुसेना का एमआई-17 चॉपर श्रीनगर के पास गश्त कर रहा था । लेकिन अचानक उस पर एक मिसाइल ने हमला कर दिया ।

कोर्ट ऑफ इन्क्वाएरी में पाया गया कि यह अपने ही देश के स्पाइडर एयर डिफेंस की ओर से चॉपर पर दागी गई मिसाइल थी।

चॉपर ने उस दिन 10 मिनट पहले ही उड़ान भरी थी, हेलीकॉप्‍टर में सवार 7 सेना कर्मियों की मौत हो गई थी ।

भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने 27 फरवरी को श्रीनगर में हुए एमआई-17 चॉपर क्रैश पर कहा कि कोर्ट ऑफ एन्क्वायरी पूरी हो गई है और यह हमारी ही बड़ी गलती थी ।

हमारी ही मिसाइल ने हमारे ही चॉपर को मार गिराया था । हम दो अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे , हम स्वीकार करते हैं कि यह हमारी बड़ी गलती थी । और हम सुनिश्चित करेंगे कि इस तरह की गलती भविष्य में नहीं दोहराई जाए ।

वायु सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय वायुसेना किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है, राफेल लड़ाकू विमान और एस-400 वायु रक्षा प्रणालियों की खरीद भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमताओं को काफी बढ़ाएगी।

Big Mistake: Shooting down own chopper

Big Mistake: Shooting down own chopper
The helicopter crashed in Budgam around 10 am on February 27 when Indian and Pakistani fighter jets were engaged in fierce aerial combat in Nowshera, a day after India's air strike on a Jaish-e-Mohammed terrorist training camp in Balakot in Pakistan.
It  found violations of standard operating procedures. The IFF helps air defence radars to identify whether an aircraft or helicopter is friendly or hostile.

 

The helicopter went down around 10 minutes after taking off.

Official sources said the helicopter was asked to return because of the dogfight 100 km away from Srinagar.

A missile was fired at the helicopter as the IAF ground staff thought it was an enemy chopper.

The IAF headquarters had ordered a CoI into the incident under an Air Commodore-ranked officer.

Administrative action has already been taken against four officers held responsible for the helicopter crash by the CoI.

Air Chief Rakesh Kumar Singh Bhadauria said "It has been established that the helicopter was hit by our own missile. We have already taken administrative action. Disciplinary action is being taken against two officers. We admit that it was a big mistake and necessary steps have been taken so that such incident does not recur," .

Separately, disciplinary action like court martial procedures are being initiated against two senior officers, IAF officials said.

A surface-to-air missile of the Indian Air Force brought down the Mi-17 aircraft in Budgam in the Kashmir Valley, killing six IAF personnel on board the chopper and a civilian on the ground.

The court of inquiry ordered into the incident has completed its probe and it has been established that the helicopter was hit by IAF's own missile.

October 02, 2019

पटना के डूबने की आध्यात्मिक वजह ये है

पटना के डूबने की आध्यात्मिक वजह ये है
देश मे जगह जगह बारिश के अधिक होने की वजह से आने वाली बाढ़ से हो रही परेशानी की एक आध्यात्मिक वजह भी मानी जा रही है ।

आप भी पढ़ेंगे तो हैरान रह जाएंगे , ऐसी क्या वजह है कि पटना जैसे शहर डूब गए ?

ये खास वजह है नवरात्रि में देवी आने व जाने का वाहन

आप यकीन करें या न करें किन्तु यह सत्य है कि आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी के नवरात्रि में आने व जाने का वाहन देवी  किस दिन आ या जा रही हैं उस पर निर्भर करता है ।

देवी के आने का वाहन और उससे जुड़े तथ्यइस प्रकार है

अगर नवरात्रि की शुरुआत रविवार या सोमवार को हो तो  देवी का वाहन-हाथी  होता है जिसकी वजह से अत्यधिक वर्षा यानि अतिवृष्टि होती है ।

यदि शुरुआत मंगलवार या शनिवार से हो तो वाहन घोडा   होता है जिससे राज कष्ट यानि राजनीतिक उथल पुथल होती है ।

शुरुआत बुद्धवार को हो तो वाहन नौका  होता है जिसे कल्याण कारी माना गया है ।

शुरुआत गुरुवार या शुक्रवार को हो तो वाहन डोली जोटा है जिससे जन कष्ट होते हैं ।

इसी प्रकार नवरात्रि देवी जाने (विसर्जन) का वाहन

रविवार या सोमवार को विसर्जन तो देवी जाने का  वाहन महिष या भेंसा जिससे रोग बढ़ते हैं ।

मंगलवार या शनिवार को विसर्जन तो देवी जाने का  वाहन मुर्गा जो व्यग्रता लाता है ।

बुद्धवार का विसरजन हो तो देवी जाने का  वाहन मनुष्य का कन्धा जो कि मंगल या शुभ माना गया है ।

गुरुवार या शुक्रवार का विसर्जन तो देवी जाने का  वाहन गज या हाथी जिससे अतिवृष्टि या वर्षा होती है ।

इस बार 29 सितम्बर रविवार है यानि माता गज या हाथी पर आईं और इसी वजह से वर्षा का आधिक होना माना जा रहा है और पटना जैसे शहर भी डूब गए ।

इस बार देवी विसर्जन 8 अक्टूबर सोमवार को है अतः देश और राजनीतिक द्राष्टि से सही समय नहीं है ।

नवरात्रि: नवम सिद्धिदात्री

नवरात्रि: नवम सिद्धिदात्री
नवरात्र-पूजन के नौवें दिन माँ दुर्गाजी की नौवीं शक्ति सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है । ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं।

मार्कण्डेय पुराण के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व एवं वशित्व ये आठ सिद्धियां होती हैं। इन सभी को देने वाली सिद्धिदात्री माता मानी गई हैं।

इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। सृष्टि में कुछ भी उसके लिए अगम्य नहीं रह जाता है। ब्रह्मांड पर पूर्ण विजय प्राप्त करने की सामर्थ्य उसमें आ जाती है।

देवी पुराण के अनुसार भगवान शंकर ने इन्हीं की उपासना करके सिद्धियां प्राप्त की थीं। जिसके प्रभाव से उनका आधा शरीर स्त्री का हो गया था। इसी कारण शिव जी अर्द्धनारीश्वर के नाम से प्रसिद्ध हुए।

नवरात्र के अंतिम दिन देवी दुर्गा की नवीं शक्ति और भक्तों को सब प्रकार की सिद्धियां प्रदान करनेवाली मां सिद्धिदात्री की पूजा का विधान है। अन्य आठ दुर्गाओं की पूजा उपासना शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार करते हुए भक्त दुर्गा पूजा के नौवें दिन इनकी उपासना में करते हैं।

माँ सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं। दाई ओर की दो भुजाओं मे गदा और चक्र और बाई ओर की दो भुजाओं में पद्म और शंख सुशोभित हैं। ये कमल पुष्प पर  आसीन होती हैं। इनके सिर पर सोने का मुकुट और गले में सफेद फूलों की माला है।

केवल मानव ही नहीं बल्कि सिद्ध, गंधर्व, यक्ष, देवता और असुर सभी इनकी आराधना करते हैं। संसार में सभी वस्तुओं को सहज और सुलभता से प्राप्त करने के लिए नवरात्रि के नवें दिन इनकी पूजा की जाती है।

प्रत्येक मनुष्य का यह कर्तव्य है कि वह माँ सिद्धिदात्री की कृपा प्राप्त करने का निरंतर प्रयत्न करे। उनकी आराधना की ओर अग्रसर हो। इनकी कृपा से अनंत दुख रूप संसार से निर्लिप्त रहकर सारे सुखों का भोग करता हुआ वह मोक्ष को प्राप्त कर सकता है।

कहते हैं कि सिद्धिदात्री की उपासना करने से भक्तों और साधकों की लौकिक, पारलौकिक सभी प्रकार की कामनाओं की पूर्ति हो जाती है। सहज प्रसन्न होने वाली मां सिद्धिदात्री नवदुर्गाओं में अंतिम हैं।

नवरात्रि में इन नौ देवियों का पूजन
: पहले दिन- शैलपुत्री
: दूसरे दिन- ब्रह्मचारिणी
: तीसरे दिन- चंद्रघंटा
: चौथे दिन- कुष्मांडा
: पांचवें दिन- स्कंदमाता
: छठे दिन- कात्यायनी
: सातवें दिन- कालरात्रि
: आठवें दिन- महागौरी
: नवें दिन- सिद्धिदात्री

जय माता दी

नवरात्रि: अष्ठम महागौरी

नवरात्रि: अष्ठम महागौरी
नवरात्रि के आठवें दिन यानी दुर्गाष्टमी के दिन माता महागौरी की पूजन का विधान है।इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कल्मष धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं।

महागौरी की चार भुजाएँ हैं। इनका वाहन वृषभ है। इनके ऊपर के दाहिने हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले दाहिने हाथ में त्रिशूल है। ऊपरवाले बाएँ हाथ में डमरू और नीचे के बाएँ हाथ में वर-मुद्रा हैं। इनकी मुद्रा अत्यंत शांत है।

इनका वर्ण पूर्णतः गौर है। इस गौरता की उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से दी गई है। इनकी आयु आठ वर्ष की मानी गई है- 'अष्टवर्षा भवेद् गौरी।' इनके समस्त वस्त्र एवं आभूषण आदि भी श्वेत हैं।

राजा हिमावन के घर बेटी के रूप में जन्मी छोटी पार्वती ने बालपन से शिव को पाने के लिए कड़ी तपस्या की। इस तपस्या के बाद शिव उन पर प्रसन्न हुए और उन्हें स्वीकार किया।

माँ महागौरी ने देवी पार्वती रूप में भगवान शिव को पति-रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी, पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए देवी ने कठोर तपस्या की वजह से  इनका शरीर काला पड़ गया।जिससे देवी के मन का आहत होता है और पार्वती जी तपस्या में लीन हो जाती हैं।

इस प्रकार वषों तक कठोर तपस्या करने पर जब पार्वती नहीं आती तो पार्वती को खोजते हुए भगवान शिव उनके पास पहुँचते हैं वहां पहुंचे तो वहां पार्वती को देखकर आश्चर्य चकित रह जाते हैं।

पार्वती जी का रंग अत्यंत ओजपूर्ण होता है, उनकी छटा चांदनी के सामन श्वेत और कुन्द के फूल के समान धवल दिखाई पड़ती है, उनके वस्त्र और आभूषण से प्रसन्न होकर देवी उमा को गौर वर्ण का वरदान देते हैं।

देवी की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने इन्हें स्वीकार किया और इनके शरीर को गंगा-जल से धोते गए जिससे देवी पुनः विद्युत के समान अत्यंत कांतिमान गौर वर्ण की हो गई जिसकी वजह से इनका नाम गौरी पड़ा।

मां दुर्गा की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। मां गौरी का ये रूप बेहद सरस, सुलभ और मोहक है। महागौरी की चार भुजाएं हैं। इनका वाहन वृषभ है।

महागौरी रूप में देवी करूणामयी, स्नेहमयी, शांत और मृदुल दिखती हैं। देवी के इस रूप की प्रार्थना करते हुए देव और ऋषिगण कहते हैं “सर्वमंगल मंग्ल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोस्तुते..”।

देश के ज्यादातर हिस्सों में इस दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है। छोटी बच्चियों को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है और उन्हें भेंट दी जाती है। इस खास दिन को दुर्गाष्टमी के रूप में भी मनाया जाता है।

नवरात्रि में इन नौ देवियों का पूजन
: पहले दिन- शैलपुत्री
: दूसरे दिन- ब्रह्मचारिणी
: तीसरे दिन- चंद्रघंटा
: चौथे दिन- कुष्मांडा
: पांचवें दिन- स्कंदमाता
: छठे दिन- कात्यायनी
: सातवें दिन- कालरात्रि
: आठवें दिन- महागौरी
: नवें दिन- सिद्धिदात्री

जय माता दी

नवरात्रि: सप्तम कालरात्रि

नवरात्रि: सप्तम कालरात्रि
नवरात्रि के सातवें दिन यानी महासप्तमी को माता कालरात्रि की पूजा की जाती है। देवी कालरात्रि को व्यापक रूप से माता देवी काली, महाकाली, भद्रकाली, भैरवी, मृित्यू, रुद्रानी, चामुंडा, चंडी और दुर्गा के कई विनाशकारी रूपों में से एक माना जाता है।


काली और कालरात्रि एक दूसरे के परिपूरक है , जैसा उनका नाम है, वैसा ही उनका रूप है। खुले बालों में अमावस की रात से भी काली, मां कालरात्रि की छवि देखकर ही भूत-प्रेत भाग जाते हैं। मां का वर्ण काला है। खूले बालों वाली यह माता गर्दभ पर बैठी हुई है।


इनकी श्वास से भयंकर अग्नि निकलती है। इतना भयंकर रूप होने के बाद भी वे एक हाथ से भक्तों को अभय दे रही है। मधु कैटभ को मारने में मां का ही योगदान था। मां का भय उत्पन्न करने वाला रूप केवल दुष्टों के लिए है।


इनका वाहन गर्दभ (गदहा) है। ये ऊपर उठे हुए दाहिने हाथ की वरमुद्रा से सभी को वर प्रदान करती हैं। दाहिनी तरफ का नीचे वाला हाथ अभयमुद्रा में है। बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में लोहे का काँटा तथा नीचे वाले हाथ में खड्ग (कटार) है।


अपने भक्तों के लिए मां अंत्यंत ही शुभ फलदायी है। कई जगह इन्हें शुभकंरी नाम से भी जाना जाता है।



नवरात्रि की सप्तमी को महासप्तमी भी कहा जाता है। तांत्रिक लोग इस दिन विशेष पूजा करके मां की कृपा प्राप्त करते हैं। सप्तमी की पूजा अन्य दिनों की तरह ही होती है,  लेकिन रात में पूजा का व‍िशेष व‍िधान है।


सप्तमी की रात्रि सिद्धियों की रात भी कही जाती है, दुर्गा पूजा का सातवां दिन तांत्र‍िक क्रिया की साधना करने वाले लोगों के लिए बेहद महत्‍वपूर्ण है। देवी की पूजा के बाद शिव और ब्रह्मा जी की पूजा भी जरूर करनी चाहिए।




माँ कालरात्रि दुष्टों का विनाश करने वाली हैं। दानव, दैत्य, राक्षस, भूत, प्रेत आदि इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते है। ये ग्रह-बाधाओं को भी दूर करने वाली हैं। इनके उपासकों को अग्नि-भय, जल-भय, जंतु-भय, शत्रु-भय, रात्रि-भय आदि कभी नहीं होते। इनकी कृपा से वह सर्वथा भय-मुक्त हो जाता है।


नवरात्रि के सातवें दिन साधक का मन सहस्त्रार चक्र तक पहुंच जाता है। इस तरह के भक्तों के लिए, ब्रह्मांड की सभी सिद्धियों को प्राप्त करने के दरवाजे खुल जाते है। इस दिन मां कालरात्रि की पूजा करने से सभी पाप धुल जाते है और रास्ते में आने वाली सभी बाधाएं पूरी तरह खत्म हो जाती है।



कथा -- जब दैत्य शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज ने तीनों लोकों में हाहाकार मचा रखा था। इससे चिंतित होकर सभी देवतागण शिव जी के पास गए। शिव जी ने देवी पार्वती से राक्षसों का वध कर अपने भक्तों की रक्षा करने को कहा।


शिव जी की बात मानकर पार्वती जी ने दुर्गा का रूप धारण किया और शुंभ-निशुंभ का वध कर दिया। परंतु जैसे ही दुर्गा जी ने रक्तबीज को मारा उसके शरीर से निकले रक्त से लाखों रक्तबीज उत्पन्न हो गए।


इसे देख दुर्गा जी ने अपने तेज से कालरात्रि को उत्पन्न किया। इसके बाद जब दुर्गा जी ने रक्तबीज को मारा तो उसके शरीर से निकलने वाले रक्त को कालरात्रि ने अपने मुख में भर लिया और सबका गला काटते हुए रक्तबीज का वध कर दिया।


मां को गुड़ का भोग प्रिय है, सप्तमी तिथि के दिन भगवती की पूजा में गुड़ का नैवेद्य अर्पित करके ब्राह्मण को दे देना चाहिए। ऐसा करने से पुरुष शोकमुक्त हो सकता है।




माँ कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है, लेकिन ये सदैव शुभ फल ही देने वाली हैं। इसी कारण इनका एक नाम 'शुभंकारी' भी है। अतः इनसे भक्तों को किसी प्रकार भी भयभीत अथवा आतंकित होने की आवश्यकता नहीं है।माँ कालरात्रि दुष्टों का विनाश करने वाली हैं। दानव, दैत्य, राक्षस, भूत, प्रेत आदि इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते हैं।  इनकी कृपा से भक्त सर्वथा भय-मुक्त हो जाता है।





नवरात्रि में इन नौ देवियों का पूजन
: पहले दिन- शैलपुत्री
: दूसरे दिन- ब्रह्मचारिणी
: तीसरे दिन- चंद्रघंटा
: चौथे दिन- कुष्मांडा
: पांचवें दिन- स्कंदमाता
: छठे दिन- कात्यायनी
: सातवें दिन- कालरात्रि
: आठवें दिन- महागौरी
: नवें दिन- सिद्धिदात्री

जय माता दी


PMC banks suspended MDs letter to RBI

PMC banks suspended MDs letter to RBI
The suspended managing director of Punjab and Maharashtra Cooperative Bank, Joy Thomas, has blamed the auditors for the mess at the bank.

In a five-page letter to the Reserve Bank of India dated September 21 after a board member blew the lid on the fraud at PMC, Thomas has confessed to the role of the top management, including a few board members, in hiding the actual NPA numbers and also the actual exposure to the bankrupt HDIL.

NPA is stated to be around Rs 6,500 crore or over 73 per cent of its total loan book of Rs 8,880 crore.

The letter of Thomas is part of the first information report filed by the Economic Offence Wing of the Mumbai Police on Monday. 

Thomas claimed in the letter that The shallow auditing of the books of PMC by its statutory auditors was done as the 'bank was growing'.

Thomas claimed in the letter "The statutory auditors validated the incremental loans and advances and scrutinised the accounts which were shown to them by the bank."

In the past eight years, PMC had three statutory auditors -- Lakdawal & Co (FY19 and FY18); Ashok Jayesh & Associates (FY17, FY15, and FY11) and DB Ketkar & Co (FY14 and FY12).

Thomas confirmed that the exposure to the bankrupt HDIL Group continued to remain standard despite there was delay in repayments for over three years.

जम्मू कश्मीर में ढील का सिलसिला जारी

जम्मू कश्मीर में ढील का सिलसिला जारी
अनुच्छेद 370 हटाने के साथ ही सरकार ने जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया । जो कई अलगाववादियों और पाकिस्तान परस्तों को हजम नहीं हो रहा था ।

जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला सहित कई राजनीतिक नेताओं को हिरासत में रखा गया था ।

वहीं कईयों को घर में ही गिरफ्तार किया हुआ था । जिससे अलगाववादी घाटी का माहौल न बिगाड़ सकें । एहतियात के तौर पर धारा 144 लागू की गई ।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के दो महीने बाद अब जम्मू के सभी नेताओं की नजरबंदी हटा दी गई है ।

हालांकि, कश्मीर घाटी में उनके समकक्षों को हिरासत या घर में नजरबंद रखा गया है ।

जम्मू के जिन नेताओं को नजरबंद किया गया था, उन्हें रिहा कर दिया गया है और उन पर लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए गए।

यह फैसला सरकार द्वारा राज्य में पंचायत राज व्यवस्था के दूसरे स्तर के खंड विकास परिषद के लिए चुनाव की घोषणा के कुछ दिनों बाद लिया गया है।

रिहा किए गए नेताओं में देवेंद्र सिंह राणा, रमन भल्ला, हर्षदेव सिंह, चौधरी लाल सिंह, विकार रसूल, जावेद राणा, सुरजीत सलाथिया और सज्जाद अहमद किचलू शामिल हैं ।

चूंकि जम्मू क्षेत्र शांतिपूर्ण है, इसलिए राजनीतिक बंदियों को रिहा करने का निर्णय जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा सोमवार को खंड विकास परिषद चुनाव के लिए मतदान की घोषणा के बाद लिया गया ।

बता दें कश्मीर घाटी में पिछले 57 दिनों से इंटरनेट और संचार सेवाएं बंद रखी गई हैं जिसका उद्देश्य है गलत अफवाह और भड़काऊ मेसेजों पर रोक लगाना ।

अनुच्छेद 370