May 28, 2020

नौतपा Nautapa भयंकर गर्मी के नौ दिन

नौतपा Nautapa भयंकर गर्मी के नौ दिन

नौतपा - भयंकर गर्मी के नौ दिन


Nautapa


नौतपा की शुरुआत होते ही प्रचंड गर्मी पड़ना शुरू हो जाती है। इस साल 25 मई से सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 8 जून तक इसी नक्षत्र में रहेंगे।

इस अवधि के शुरुआती 9 दिनों में सर्वाधिक गर्मी पड़ती है और इस कारण इसे नौतपा कहते हैं। नौतपा की तपिश में घरों में रहना भी दूभर कर देती है।

इन दिनों में जहां चिलचिलाती धूप ने दिन के तापमान में वृद्धि कर दी है, वहीं देर रात तक लगने वाले गर्म हवाओं के थपेड़ों ने नींद हराम कर दी है।

नौतपा यानी वे 9 दिन जब सूर्य धरती के करीब आ जाता है और 9 दिन सबसे अधिक गर्मी पड़ती है।

सन 2020 में 25 मई से नौतपा आरंभ हो गया है और अब अगले 9 दिन तक झुलसा देने वाली गर्मी पड़ेगी।

आने वाले दिनों में तापमान बहुत ही भयंकर होगा जैसा कि देखा गया है पहले ही दिन चुरू का तापमान 50 डिग्री को छू गया ।

नौतपा में गर्मी बढ़ जाती है जिस वजह से पानी की प्यास भी अधिक लगती है। इन दिनों जरुरतमंद लोगों को पानी पिलाना चाहिए।

नौतपा को सूर्य और अन्‍य नक्षत्रों की स्थिति में बदलाव से जोड़कर देखा जाता है।नौतपा में तापमान बहुत अधिक बढ़ जाने से शरीर में पानी की मात्रा बहुत कम रह जाती है।

इस कारण दही, नारियल पानी, खरबूत और तरबूज जैसी ठंडक देने वाली चीजों का सेवन करना सबसे अधिक लाभदायी माना जाता है।

इन्‍हीं वस्‍तुओं का दान भी करना श्रेष्‍ठ माना जाता है। लॉकडाउन के चलते मजदूरों का पलायन हो रहा है और इन्‍हें इस वक्‍त आपकी मदद की बेहद जरूरत है। इसलिए दान के रूप में आपसे जो संभव हो इन लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।

May 26, 2020

लॉकडाउन के दौरान हमारे खट्टे मीठे अनुभव

लॉकडाउन के दौरान हमारे खट्टे मीठे अनुभव
“लॉकडाउन के दौरान हमारे खट्टे मीठे अनुभव”

 चीन के बुहान में पशु बाजार से फैला कोरोना वायरस देखते ही देखते कई देशों में फ़ैल गया और लोगों की जिन्दगी से खेलना शुरू कर दिया । इसने धीरे से अपने कदम मेरे देश भारत में भी रख दिए ।

शुरुआत में कोरोना वायरस के संक्रमण की बात को मैं बहुत ही हल्के में ले रहा था । परंतु धीरे धीरे माहौल बदल गया और एक दिन वो आया जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी स्वयं दूरदर्शन पर आए और 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू की घोषणा कर दी ।

कर्फ्यू तो सुना था पर जनता कर्फ्यू पहली बार सुना था, प्रधानमंत्री की एक एक बात का अक्षरशः पालन किया और पूरे दिन घर के अंदर रहे , हालाँकि छत पर से बाहर की सुनसान गलियों और सड़कों को निहारा भी । शाम 5 बजे 5 मिनट के लिए अपने घर से कोरोना वारियर्स के लिए ताली, थाली बजाने बालकनी में सपरिवार एकत्रित रहे ।

लेकिन ये क्या अचानक से एक और घोषणा हुई वो थी भारत में 21 दिन लॉकडाउन रहेगा । ये शब्द भारत में तो पहली बार सुना था । अब समाचार पर विशेष ध्यान दिया तब पता चला कि सब कुछ बंद होने जा रहा है न कोई दुकान खुलेगी , न ऑफिस और न फेक्ट्री , और तो और सभी प्रकार के परिवहन बन्द हो जाएंगे । जो जहाँ है वहीं रहे ऐसा बोला गया ।

देश में कोरोना बीमारी को लेकर लॉकडाउन को अति आवश्यक मानते हुए इसका पालन सख्ती से करने पर जोर देते हुए विभिन्न घोषणाएं की गईं । उन घोषणाओं में से एक ऐसी थी जो मुझसे जुड़ी हुई थी और वो थी आवश्यक सेवाएँ जारी रहेंगीं। जी हाँ राशन की दुकानों के साथ पुलिस, स्वास्थ्य, सफाई और बैंक सेवाओं को जारी रखने का निर्णय लिया गया था।

यहीं से शुरुआत हुई लॉक डाउन के दौरान होने वाले खट्टे मीठे अनुभवों की । यहाँ शुरुआत करना चाहूंगा घोषणा के कुछ ही मिनट बाद से ही --

राशन की दुकानों पर लम्बी कतार:

हुआ कुछ यूँ कि जैसे ही घोषणा हुई कि कुछ दिन तक कुछ भी नहीं खुलेगा, कोई बाहर नहीं निकलेगा। तो तुरंत ही घर की जरूरी वस्तुओं और खाने पीने की व्यवस्था की ओर ध्यान गया।

मैं तुरंत ही एक लिस्ट बनाकर सामान लेने के लिए घर से निकल पड़ा , लेकिन ये क्या कोई भी राशन की दुकान ऐसी नहीं दिखी जिस पर भीड़ न हो , सामान लेना है तो आपको कम से कम एक से दो घंटे इंतजार करना होगा । अब तक मैंने राशन की दुकानों पर इतनी भीड़ जमा नहीं देखी थी।

क्योंकि कभी लाइन में लगकर इतनी भीड़भाड़ में राशन नहीं खरीदा था तो मैं वापस घर आ गया सोचा राशन दुकानों को तो खोलने की छूट है एक दो दिन में ले लेंगे। लेकिन कई दुकानों को प्रशाशन द्वारा खुलने ही नहीं दिया गया।

 सुनसान हुए बाजार, सूनी हुई सड़कें:

सुबह तैयार होकर बैंक की तरफ प्रस्थान किया रास्ते के सारे बाजार बंद थे , सड़क पर कोई ट्रैफिक न था दो चार वाहन ही निकल रहे थे ।  हर चौराहे का नजारा बदला हुआ था हर जगह पुलिस थी जो लोगों को रोक रही थी । गले में लटके पहचान पत्र लॉकडाउन पास का कार्य कर रहे थे। रास्तों के नज़ारे दिन प्रतिदिन बदलते गए, कहीं वन वे बन गया तो कहीं रास्ता रोक दिया गया।

जो भी लोग बिना कार्य के बाहर निकले थे उनका स्वागत विभिन्न जगह दिन प्रतिदिन विभिन्न प्रकार से पुलिसकर्मी कर रहे थे कहीं लाठी भांजी गईं तो कहीं तिलक लगाकर आरती उतारकर बेइज्जत किया गया l बीच सडक मुर्गा बनाना, परेड करवाना इत्यादि सजा भी दी गईं।

लॉकडाउन में बैंक के हालात:

कोरोना बीमारी का इलाज है एक दूसरे से दूरी। मगर बैंकों के साथ उल्टा हुआ। सरकार की तरफ से जनधन खातों में रकम जमा की घोषणा ने हालत बिगाड़ दी। अन्य दफ्तरों की तरह बंद होने के बजाय बैंक की छुट्टी रद्द कर दी गईं।

मुहँ पर मास्क और हाथों में दस्ताने लगाकर पूरे दिन काम कर पाना बहुत दिक्कत भरा रहा। ग्राहकों को संभालना उनको सेनेटाइजर से हाथ साफ़ करवाना बहुत कुछ ऐसा था जिसे शाखा में ही महसूस कर सकते हैं प्रशासनिक कार्यालय नहीं समझ सकता।

दुःख तब होता था जब लोग बिना जरुरत के बैंक सिर्फ ये पूछने आते थे कि उसके खाते में मोदी वाले पांच सौ आए कि नहीं। उससे भी ज्यादा दुखद ये था कि यदि किसी अमीर का जनधन खाता है तो उसके खाते में सरकारी पैसा आया, पर यदि गरीब का सामान्य खाता है तो उसे सरकारी लाभ नहीं मिल सका। सरकार को अपनी प्रक्रिया पर पुनः विचार की आवश्यकता है क्योंकि अमीरों के भी जनधन खाते हैं और गरीबों के भी सामान्य खाते हैं।

स्वास्थ्य और रोटी ही महत्वपूर्ण:

सुबह आंख खुलते ही देखते हैं मेरा गला, नाक सब ठीक है ना, मेरा परिवार स्वस्थ है ना ? कहीं घर में या दफ्तर में किसी को खाँसी, जुकाम, बुखार तो नहीं।  नौकरी, व्यापार, पैसा, गाड़ी कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं अगर घर या दफ्तर में एक छींक भी सुनाई दे तो दिल दहल जाता है।

आज घर में आटा, दाल, सब्जी उपलब्ध हैं कि नहीं। हैं तो कितनी हैं, उसमें परिवार के कितने दिन निकल जाएंगे सिर्फ यही सोच है। रेस्टोरेंट, होटल, गर्मी की छुट्टियों में घूमने जाने का कोई जिक्र नहीं।

आज का समय इन्सान को समझाने के लिए काफी है कि हमारी मूलभूत जरूरत रोटी. कपड़ा और मकान ही है। दरअसल हमारी मूलभूत जरूरतें तो बहुत कम में पूरी हो सकती हैं लेकिन शायद हम दिखावे और ऐशोआराम की दुनियाँ में ये सब भूल गए थे।

 एक तरफ पकवान प्रतियोगिता दूसरी ओर खाने की तलाश:

समृद्ध परिवारों के लोग लॉकडाउन में यू ट्यूब से रेसिपी देखकर विभिन्न पकवान बनाते और अपने शोशल मीडिया पर शेयर करते दिखे। अपने रिश्तेदारों के रोजाना के स्टेटस और घर में बनते पकवानों को देख ऐसा लगा जैसे कोई पकवान प्रतियोगिता चल रही हो।

दूसरी तरफ कुछ गरीब लोग खाने को मोहताज दिखे जिनके लिए हमारी संस्थाएं पैसा एकत्रित कर राशन पहुँचा रही थी साथ ही लगातार पूरी सब्जी का वितरण भी जारी था l नैरोबी की एक खबर ने दिल दहला दिया जिसमें एक माँ ने चूल्हे पर पत्थर उबालने इसलिए रखे ताकि बच्चे खाने के इंतजार करते करते सो जाएँ।

ऑनलाइन कक्षाएं :

लॉकडाउन के चलते स्कूल और प्रशिक्षण केंद्र भी बंद हैं। बड़ी हंसी आती है बताते हुए कि जिन बच्चों को हम अधिक देर कंप्यूटर पर बैठने या मोबाइल चलाने पर डांट देते थे आज उनकी कक्षाएं ऑनलाइन चलने लगीं। पता नहीं इसे क्या कहा जाए जब कक्षा एक के बच्चे को ऑनलाइन पढाई कराई जाए, ये बच्चे की पढाई से अधिक माता पिता की पढाई है।

सबसे महत्वपूर्ण है गृहणी:

लॉकडाउन के दौरान लोग घरों में कैद हैं, काम पर नहीं जा रहे, ऐसे में परिवार का एक सदस्य ऐसा भी है जिसका कार्य पहले से अधिक बढ़ गया है और वो सदस्य है गृहणी।

पहले सुबह का नाश्ता खिलाकर और दोपहर के लिए टिफिन दे पति को काम पर और बच्चों को स्कूल भेजकर थोडा आराम कर लेने वाली गृहणी के आराम का ये समय भी जैसे छिन गया है।

सभी के घर में ही रहने से गृहणी पर काम का बोझ बढ़ा है अब कोई भी किसी भी समय कुछ न कुछ फरमाइश कर देता है जिसे वो मुस्कुराकर अब भी पूरा कर रही है।

देश के साथ साथ आम आदमी की अर्थव्यवस्था भी खराब:

जब देश की फैक्ट्री बंद हो जायें, लोग घर पर बैठ जायें तो देश का विकास भी रुक जाता है और इससे अर्थव्यवस्था को भारी क्षति पहुँचती है।

सिर्फ कहने को कोई लॉक डाउन में रोड पर नहीं आया, पर हकीकत में घर बैठे ही कई लोग रोड़ पर आ गए । सबके व्यापार ठप पड़े हैं, नए शुरू किए व्यापार अभी ठीक से चले भी न थे कि अचानक ये ब्रेक लग गया। छोटे मजदूर, महिलाएं, दिहाड़ी पर काम करने वाले लोग, इस लॉकडाउन से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। नौकरीपेशा लोगों के सामने नौकरी जाने का खतरा मडराने लगा है।

 बच्चे और बुजुर्ग की बिना इलाज मौत:

सबसे अधिक खट्टा अनुभव था जब खबर फैली हुई थी कि एक बुजुर्ग जिनको कि सांस की बीमारी थी उन्हें किसी भी निजी अस्पताल में इलाज न मिला। सरकारी अस्पताल में भी समय से न देखे जाने के कारण उनके प्राण पखेरू उड़ गए।

उससे भी अधिक दुःख तब हुआ जब एक बच्चे ने इलाज के अभाव में माँ की गोद में दम तोड़ दिया जबकि पिता इलाज को पर्चा बनवाने की कतार में था ।

पहले परिवार संग मौज मस्ती फिर छुट्टी और आराम से परेशान:

लोगों के शुरुआत के कुछ दिन बहुत ही रोचक रहे जैसे बिन मांगे मुराद मिली है छुट्टी की । परिवार के साथ बहुत ही उम्दा समय मिला है। घर में रहने से परिवार जन बहुत ही खुश हैं। तरह तरह के खेल,अन्ताक्षरी इत्यादि से बच्चे से बुजुर्ग तक सभी खुश दिखे।

लेकिन घर की चारदीवारी में मन आखिर ऊबने लगता है न किसी का आना न किसी के घर जाना। वो कहते हैं न “अजब कर दिए रिश्ते इन हालातों ने, फुरसत सबको है पर मुलाकात किसी से नहीं ” ।

मोदी जी कोई तो नया काम दो :

प्रधानमंत्री मोदी जी के कहने पर पहले जनता कर्फ्यू में ताली और थाली बजाना और फिर लॉकडाउन के दौरान रात को दिए जलवा कर दिवाली जैसा माहौल बन जाना लोगों में हर्ष की एक लहर पैदा कर गया । मजाक के लहजे में ही सही मगर लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि मोदी जी कोई नया तरीका बताओ जश्न मनाने को। कोई नया काम दो।

कहीं फूल बरसाए तो कहीं पत्थर चले:

देश भर में कोरोना वारियर्स (डॉक्टर, पुलिस, सफाई कर्मी, बैंकर्स आदि) मदद में जुटे हुए हैं। उनके कार्य की सराहना को जगह जगह समझदार लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया ताली बजाकर उनकी हौसला अफजाई की गई । सेना के द्वारा विशेष अभियान में हवाई जहाज और हेलीकॉप्टरों द्वारा अस्पतालों के ऊपर पुष्प वर्षा की गई।

वहीँ दूसरी ओर कुछ लोगों का काला चेहरा बेनकाब हुआ, पुलिस और डॉक्टर जब संक्रमित लोगों को इलाज के लिए लेने गए तो कुछ लोग रक्षकों के भक्षक बनकर सामने आए और उनके ऊपर हमले किए पत्थर फेंके गए।

प्रदूषण हुआ कम प्रकृति मुस्कुराई :

लॉकडाउन के दौरान सिर्फ आवश्यक सेवाएँ छोड़कर सबकुछ बंद है, न कोई फेक्ट्री चल रही और न ही सड़कों पर वाहनों की कतारें हैं। इन सब चीजों पर अंकुश लगने से प्रदूषण का स्तर भी न्यूनतम पहुंच गया है। वातावरण साफ़ हो गया है, प्रदूषण का धुंध अब पूरी तरह से साफ हो चुका है। आप ऊँची जगह या छत से बहुत दूर तक की किसी भी चीज को साफ साफ देख सकते हैं , साँस लेने में कोई जलन महसूस नहीं होती।

शायद लॉकडाउन न होता तो हम अपने देश में इतनी साफ़ आवोहवा नहीं देख पाते। आज कई स्थानों पर नदियों का जल पीने योग्य तक साफ़ हुआ है। शायद परिस्थितियों ने आँखें खोल दी हैं कि मानव विकास के नाम पर जो कर रहा है वो कतई उचित नहीं है। वायु, ध्वनि और जल -प्रदूषण में गिरावट आयी है जो प्रकृति की दृष्टि से लाभदायक है। आज हमारी प्रकृति को जैसे नया जीवन मिल गया है।

शोशल मीडिया और मीडिया ने बहलाया दिल:

लॉकडाउन में घर पर लोगों का सहारा बना टेलीवीजन, दूरदर्शन द्वारा पुराने धारावाहिकों की झड़ी लगा दी गई है। सबसे अच्छी बात है कि रामायण, महाभारत,शक्तिमान,चाणक्य आदि ऐसे धारावाहिक शुरू किए गए जो बुजुर्गों से बच्चों तक सबके प्रिय हो गए। दूसरी ओर मोबाइल पर फेसबुक और व्हाट्सएप ने पूरा साथ दिया।

मदद को आगे बढ़ते हाथ:

कोरोना आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने PMCARES नाम से फण्ड बनाया है जिसमें लोगों ने दान किया। लेकिन कोरोना से उत्पन्न हालात के लिए लोगों ने सीधा खाना और राशन देना शुरू कर दिया जो एक अच्छा कदम है। विभिन्न संस्थाओ द्वारा लोगों ने खाना वितरण में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

एक के बाद एक लगातार लॉकडाउन:

न कोरोना बीमारी ख़त्म हो रही न लॉकडाउन, इसे लगातार बढ़ाना पड रहा है।

लॉकडाउन 3.0 में सबसे बड़ी हास्यास्पद बात हुई शराब की दुकानों का खोला जाना। शोशल डिस्टेन्सिंग की धज्जियाँ उड़ गईं। लोग कहने लगे जहाँ जरुरी दुकान भी बन्द हैं वहां ऐसा निर्णय काफी गलत है ।

चलते चलते सिर्फ इतना ही कहना है :

मुश्किल समय लोगों को काफी कुछ सिखा जाता है। विकट परिस्थिति से बाहर निकलना ही काबिलियत होती है। धीरज रखिए समय सब बदल देता है, इस समय जरूरत सिर्फ सब्र की है।

 

सुधीर कुमार शर्मा

 

May 25, 2020

आत्म संतुष्टि - एक लघु कथा

आत्म संतुष्टि - एक लघु कथा

आत्म संतुष्टि - एक लघु कथा


कोरोना वायरस लॉक डाउन 2.0 के एक दिन की बात है
अभी ऑफिस के लिए निकलकर जाने को रास्ते में ही था कि देखा रास्ते पर कुछ गाडियाँ थीं और लोगों की लाइन लगी थी ।

पास जाकर पता चला कुछ समाजसेवी राशन वितरण कर रहे थे । जिज्ञासा वश थोड़ी देर रुककर देखने का मन हुआ । आटा , दाल, चावल, तेल आदि का एक एक पैकेट वितरण हो रहा था ।

लाइन में सिर्फ और सिर्फ महिलाओं को खड़ा किया गया था । देखकर ऑफिस की ओर आगे बढ़ने ही वाला था लेकिन पीछे खड़ी महिलाओं की व्याकुलता और बातें सुनकर थोड़ी देर और रुक गया ।

महिला कह रही थी " बहन भाग्य ही खराब है कल भी कुछ नहीं मिला और आज भी घर के काम से देर से आ पाई अब पता नहीं मिलने का नंबर आ पाएगा या कल की तरह समान खत्म हो जाएगा , अब तो घर मे कुछ भी नहीं बचा जो था आज बच्चों के लिए बना कर आ गई "

आगे वाली महिला शायद उसको और उसकी परिस्थितियों को अच्छे से जानती थी तो उसको खुद से आगे कर दिया और अपने से आगे खड़ी महिला को भी बोलकर उससे भी आगे करवा दिया ।

इस सबको मेरे अलावा वहाँ खड़ा लाइन को संभाल रहे एक सख्स और देख और सुन रहा था । हमारी निगाहें आपस में टकराईं वह व्यक्ति जाना पहचाना से लग रहा था पर मास्क की वजह से पहचान नहीं पाया । उसने दूर से मेरी तरफ अभिवादन किया और मैंने भी हाथ हिलाकर जबाब दिया ।

जिन महिलाओं को राशन मिलता जा रहा था वे खुशी खुशी लेकर वापस जाती जा रही थी । थोड़ी देर में ही जिस गाड़ी से वितरण हो रहा था उस पर नजर गई उधर जाकर देखा तो लगा वाकई आज फिर कुछ महिलाओं के लिए राशन कम पड़ने वाला है ।

मेरी नजरों में अब अधिक जरूरतमंद अब पीछे खड़ी महिलाएं ही थीं क्योंकि उनकी बातें हम काफी देर से सुन रहे थे । हुआ भी यही देखते देखते सब पैकेट खत्म हो गए । और पीछे वाली लगभग बारह से पंद्रह महिलाएँ देखती रह गईं ।

आपस मे बातें करते कुछ महिलाएं तुरंत बड़बड़ाती हुई वापस लौट गईं , कुछ सिर्फ खाना ही मिल जाए कहीं वो देखते हुए आगे बढ़ गईं ।

लेकिन लास्ट में खडीं वो पांच छः महिलाएं वहीं बैठ गईं , वो सब उस रो रही महिला को ढांढस बंधा रही थीं जो कह रही थी अब शाम के लिए कुछ भी नहीं है घर में ।

मेरी नजर एक बार फिर उस सख्स से मिली तो वो मेरे पास आया अब मैं उसे पहचान गया था वो एक समाजसेवी थे। उसने बताया कि ये पैकेट एक दुकान से बनकर आए हैं । एक पैकेट की कीमत उसने लगभग 400 रुपए बताई ।

मैंने कहा और पैकेट हों तो इनको भी दिलवा दो , उसने कहा हाँ मैंने सुन लिया है पर गाड़ी में पैकेट खत्म हैं ।

मैंने पर्स निकाला तो सिर्फ हजार रुपए पड़े थे , छः पैकेट के 2400 रूपए होते हैं । मेरा संकोच और चाह उन्होंने भांप लिया वे समझ गए थे कि मैं बची छः महिलाओं के लिए कुछ देना चाहता हूँ ।

उन्होंने बिना पूछे ही गाड़ी वाले को आवाज दी कि भाईसाहब अपनी दुकान से ऐसे ही छः पैकेट बनवाकर और ले आओ । मैंने कहा पर मेरे पास सिर्फ हजार रुपए हैं ।

महिलाएं हमारी बातें सुनकर थोड़ी सी आश्वस्त सी हो गई थीं उनको लग रहा था कि आज उनको दो चार दिन का राशन शायद मिल जाएगा ।

उन्होंने मुझसे वे हजार रुपए लिए और अपना पर्स निकाला उसमें भी सिर्फ पाँच सौ ही थे । वे गाड़ी वाले भाईसाहब से बोले कि ये 1500 पकड़ो बाकी मेरे उधार में लिख देना ।

गाड़ी वाले भाईसाहब ने कहा भाईसाहब क्यों शर्मिंदा कर रहे हो जब आप लोग इतना कर सकते हो तो बाकी के 900 रुपए मैं अपने नहीं लगा सकता क्या ? और वो पैकेट लेने चले गए ।

गाड़ी वाले भाईसाहब की बात सुनकर दिल खुश हो गया । समझ गया था कि इंसानियत आज भी जिंदा है । जरूरतमंदों को देखते ही लोगों की भावनाएं खुद व खुद जाग्रत होती हैं ।

जरूरतमंदों के लिए आज सैकडों संस्थाएँ ग्रुप आदि खुलकर सामने आ रहे हैं राशन और खाने के वितरण की ऐसी व्यवस्था सरकार अपने सिस्टम के तहत कभी नहीं कर सकती जो चारों ओर देखने को मिल रही है ।

दान तो पीएम केयर और सीएम फण्ड में भी दिया पर जो आत्मसंतुष्टि आज अपने सामने जरूरतमंद को गए सीधे फायदे को देखकर मिली उसका वर्णन करना मुश्किल था ।

धन्यवाद के पात्र हैं वे लोग जो लगातार गरीबों में खाना और राशन पहुँचा रहे हैं । और इस बाकये के बाद ये भी जान गया कि उन लोगों को इस कार्य को करने से क्या मिलता है । जी हाँ वही जो आज मुझे मिला था 'आत्म सन्तुष्टि' .।

आत्मसंतुष्टि

May 24, 2020

कोरोना वायरस पर पूरी जानकारी अपडेट

कोरोना वायरस पर पूरी जानकारी अपडेट

कुल कोरोना के केस अब तक


कुल - 54,46,516   भारत में - 1,37,608


कोरोना से मृत्यु अब तक


कुल - 3,44,754  भारत में - 4,004


कोरोना वायरस Corona virus महामारी घोषित


दुनिया भर में कोरोना वायरस के हजारों मामले सामने आ रहे हैं । विश्व स्वास्थ्य संगठन के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 200 देशों में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के लाखों मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इसके कारण अब तक लगभग कई लाख लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोना वायरस का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है।

इंसान के शरीर में पहुंचने के बाद कोरोना वायरस उसके फेफड़ों में संक्रमण करता है। इस कारण सबसे पहले बुख़ार, उसके बाद सूखी खांसी आती है। बाद में सांस लेने में समस्या होने लगती है।

कोरोना वायरस कोविड 19 (COVID-19)  क्या है


कोरोना वायरस (COVID-19) एक संक्रामक रोग है। यह एक नावेल कोरोनावायरस है। चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस (Corona virus disease - COVID-19) 200 देशों में पहुंच गया है। यह एक नए तरह के वायरस की वजह से होता है जिसे पहले कभी इंसानों में नहीं देखा गया। इससे पहले इस वायरस फैमिली के सदस्य से सामना नहीं हुआ था। दूसरे वायरस की तरह यह वायरस भी जानवरों से आया है। चीन से फैले कोरोना वायरस ने भारत समेत दुनिया के कई देशों में हाहाकार मचा दिया है।

चीन में कोरोना वायरस ने कई लोगों की जान ले ली है। सैंकड़ों लोग इसकी चपेट में हैं। कोरोना वायरस की भयावहता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चीन में इमरजेंसी की घोषणा कर दी है।

चीन में जो लोग जानवरों को खाने के लिए इस्तेमाल करते थे वे सर्वप्रथम इस वायरस से संक्रमित हुए हैं। यह नावेल कोरोनावायरस आमतौर से जानवरों से ही उत्पन्न हुआ है। जानकारों का कहना है इसके संक्रमण को फैलने से रोककर ही इसे काबू में किया जा सकता है ।

कोविड 19 (COVID-19) -- कोरोना वायरस का नाम


नया वायरस ‘कोरोना’ पुराने वायरस परिवार का एक नया सदस्य है। इस नये प्राणघाती वायरस को नया नाम सार्स-सीओवी-2 (SARS-CoV-2) दिया गया है।  ‘सार्स’ की फुल फॉर्म सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिन्ड्रम है।

इस वायरस के कारण सांस लेने में भारी कठिनाई और फेफड़ों में सूजन की जो प्राणघातक बीमारी फैल रही है । यह वायरस पहली बार दिसंबर 2019 में देखने में आया है इसलिए इससे होने वाली बीमारी का वैज्ञानिक नाम कोविड-19 (Covid-19/ को=कोरोना, वी=वायरस, डी=डिसीज 19=2019) (Corona virus disease - COVID-19) रखा गया है।


कोरोना वायरस के लक्षण


कोरोना वायरस के संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं हो जाती हैं। इसके लक्षण एकदम फ्लू से मिलते-जुलते हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। अधिक उम्र के लोग जिन्हें पहले से डायबिटीज़, हार्ट या अन्य गंभीर बीमारी है वे तुरंत इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं।

संक्रमण के फलस्वरूप सबसे पहले जुकाम फिर बुखार और सांस लेने में तकलीफ और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होने लगती हैं यह न्यूमोनिया का कारण भी बन सकता है। इन्सान के अंदर की इम्युनिटी पावर जितनी अधिक होगी वो इससे उतना ही सुरक्षित रहेगा।

नया चीनी कोरोनो वायरस, सार्स वायरस की तरह है। इसके लक्षणों को पहचानकर ही कोरोना वायरस की बेहतर तरीके से रोकथाम की जा सकती है।

सामान्य फ्लू और ‘कोविड-19’ के आरंभिक लक्षण लगभग एक जैसे होने के कारण लोगों से कहा जा रहा है कि जिसे भी संक्रमण का शक हो  वह पहले अपने डॉक्टर से फ़ोन पर संपर्क करे न कि उसके दवाखाने में पहुंच जाये।

कैसे फैलता है कोरोना वायरस ?


चीन के बुहान से कोरोना वायरस जानवरों से मनुष्यों तक पहुंच चुका है और अब मनुष्यों से मनुष्यों के बीच सफर कर रहा है। कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से अन्य लोग भी संक्रमित हो रहे हैं क्योंकि यह रोग किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है।

संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर उसके मुंह और नाक से निकले कण द्वारा यह रोग दूसरों में फैलता है कोरोना वायरस के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं। इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं।

संक्रमित व्यक्ति के पास मौजूद लोग जब इन विषाणुयुक्त कण के संपर्क में आते हैं तो यह कण उनके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं क्योंकि अगर आप किसी भी ऐसी वस्तु को छूते हैं जहां ये कण गिरे हैं और उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंच जाते हैं।

इसी तरह एक संक्रमित व्यक्ति यह वायरस सभी संपर्क में आए लोगों तक पहुंचा सकता है अतः संक्रमित व्यक्ति व उसके आसपास सभी को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

अब तक की जानकारी के अनुसार ‘कोविड-19’ के वायरस मुख्यतः किसी संक्रमित व्यक्ति द्वारा सांस छोड़ने, छींकने और खांसने के साथ हवा के द्वारा, या उसकी बहती नाक के पानी और थूक के संपर्क में आने से किसी दूसरे व्यक्ति तक पहुंचते हैं।

किसी संक्रमित व्यक्ति के बहुत निकट जाने, उसे छूने, सहलाने या उससे हाथ मिलाने से तथा उसके आस-पास की वस्तुओं को हाथ लगाने से भी वायरस किसी दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकते हैं।


कोरोना वायरस की जाँच


इस बीमारी के लक्षण प्रायः बहुत उग्र नहीं होते और न एक साथ उभरते हैं। क़रीब 80 प्रतिशत लोग बिना किसी ख़ास उपचार के ठीक हो जाते हैं। छह में से एक मामले में ही यह गंभीर रूप ले सकती है। संक्रमण के दो प्रतिशत मामलों में मृत्यु भी हो सकती है।

कोई व्यक्ति संक्रमित है या नहीं इसकी पुष्टि टेस्ट से की जाती है। ‘पीसीआर (पॉलीमरेज़ चेन-रिएक्शन) टेस्ट’ की सहायता से वायरस के जीनों की पहचान की जाती है। तीन से पांच घंटों में वायरस की पहचान हो जाती है।

कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ से बचाव के उपाय


कोरोना वायरस से बचाव का फिलहाल कोई टीका या दवा तैयार नहीं है। इसलिए इससे बचाव के लिए स्वयं ही कोशिश करनी होगी। इसलिए खांसते और छींकते वक्त टिश्यू का इस्तेमाल करें, बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छुएँ और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें ।

सर्वप्रथम आवश्यक न हो तो जब तक खतरा कम नहीं हो जाता घर से कम निकलें।

कोई व्यक्ति खांस या छींक रहा हो तो उससे कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें ।

बाहर जाने या काम पर अपनी आंख, नाक और मुंह को हाथ लगाने से बचें ।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार फेस मास्क इस वायरस से प्रभावी सुरक्षा प्रदान नहीं करते और सामान्य क़िस्म का मास्क लगाने से वायरस जैसे अतिसूक्ष्म कणों से पूरी तरह बचा नहीं जा सकता। लेकिन फिर भी इनका इस्तेमाल करें क्योंकि कणों के सीधे अन्दर जाने की आशंका थोड़ी कम हो जाती है।

ट्रेन, बस, ट्राम या टैक्सी से यात्रा के बाद घर पहुंचते ही सबसे पहले दोनों हाथ अच्छी तरह धोयें।

काम पर और सफ़र में भी हाथों को मौका मिलते ही अल्कोहल आधारित सेनेटाइजर से मलें या साबुन लगाकर अच्छी तरह से धोयें।

स्वयं खांसते या छींकते वक्त भी मुंह को टिश्यू पेपर से ढंक दें और इस्तेमाल किये टिश्यू पेपर को कचरे के डिब्बे में ही डालें।

खांसी, बुखार या तबीयत ख़राब होने पर घर पर ही रहें और डॉक्टर या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र को फ़ोन करें घर पर भी इससे बचने के लिए आप नियमित रूप से और अपने हाथ साबुन और पानी से अच्छे से समय समय पर धोते रहें ।

सभी देशों में सावधानी


इस वायरस के संक्रमण के सबसे अधिक मामले चीन,  इटली,  ईरान और कोरिया में सामने आए हैं । इटली ने अपनी पूरी आबादी को लॉकडाउन में डाल दिया है। देश में खाने और फ़ार्मेसी को छोड़कर हर तरह की दुकान बंद है। लोगों के इकट्ठे होने पर रोक लगा दी गई है और लोगों को अपने घरों में रहने की सलाह दी जा रही है।

यूरोप के कई देशों में लोग खाने-पीने की तथा अन्य ज़रूरी चीज़े इस पैमाने पर जमा करने लगे हैं दुकाने ख़ाली होने लगी हैं। कीटनाशक दवाएं, मुंह पर लगाने की सुरक्षा-नकाब, नाक पोंछने के टिश्यू पेपर की कमी हो रही है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया है। कोरोना के 90 फीसदी मामले मात्र कुछ देशों में हैं जिनमें अमेरिका स्पेन चीन और कोरिया शामिल हैं।

कुवैत ने अनिश्चितकाल के लिए अपने एयरपोर्ट बंद कर दिए हैं। सऊदी अरब ने भी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को सस्पेंड कर दिया है ।

कोरोना वायरस लक्षण और बचाव के उपाय

शेयर बाजार धडाम


सभी देशों के उद्योगधंधों और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। भारत की अर्थव्यस्था भी इस गिरावट की आंच से बच नहीं पाई है। कोरोना का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दिख रहा है। भारत सहित कई देशों के शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है।

Baingan Bharta(बैंगन भर्ता) Recipe ,Aubergine/ Eggplant Bharta ,North Indian Dish by Priyanka



Baingan Bharta is most delicious and famous North Indian recipe . Try this Aubergine/ eggplant / bengan Bhatrta recipe at your home . Change your taste and serve delicious spicy tasty food to your family and friends and make them happy and you will get lot of appreciation as it tastes very good . Please follow step by step method of this recipe. It is shown in quick manner in video but give sufficient time to make this . Better roasting and spices as per need will result in tasty Baingan Bharta . Lets Start Now with your own cook Priyanka iwth this baingan Bharta Recipe . when people will eat this they will say ki " Aapke Hath mein Jadu Hain " Aaiye Bnate hain tasty Baingan bharta. This Barta is so much famous that it is available in most of the restaurants all over the word . Cooking is an art so making baingan bharta will need a lot of patience and time . More patience , time , steps will make baingan bharta more tastier .



Social Distancing in London



Are people following Social Distancing in London ???

I will show you by this video social distancing arrangements in London to fight against Corona Virus . Are Londoners Following social distancing ? Arrangements are in place for social distancing ? These are few questions which all are thinking . Lets watch this video and find out answer of all questions yourself .

Mayfield lavender farm, A Must visit one day trip





Mayfield lavender farm, A Must visit one day trip



Mayfield lavender farm is a Beautiful farm full of bloom in month of June or July .You can visit place by public transport i.e. TFL train and bus or by your own vehicle . It is so beautiful place that you will remember your journey lifetime. Food and toilet facilities available in the Mayfield levender farm .


A must Visit place in London within everybody budget .


लेवेंडर फार्म लंदन





लेवेंडर फार्म लंदन बहुत ही खूबसूरत जगह है घूमने के लिए





Sharing some videos and pics of the day so that you will also experience beauty of this place



here is the video please watch and share