क्या कोरोना में पहले स्थान पर होगा भारत ?

भारत देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है । देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) के तीन लाख से अधिक मामले सामने आए  हैं । और अब भारत कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित 10 देशों की सूची में ब्रिटेन को पछाड़कर चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

लगातार बढ रहे संक्रमान को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं भारत में अमेरिका जैसे हालात न हो जाएँ । अब तक भारत में 800 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। जबकि अमेरिका का आंकड़े काफी अधिक और कई लाख में हैं ।

भारत में लगातार प्रतिदिन आने वाले मामलों कि संख्या में इजाफा हो रहा है फिलहाल भारत में लगभाग ग्यारह हजार मामले प्रतिदिन नए  सामने आ रहे हैं और एक दिन में मृतक संख्या भी लगभग चार  सौ के पास पहुंच रही है।

एक समय जब लॉक डाउनशुरू हुआ था तब देश के हालात काफी बेहतर और कंट्रोल में नजर आ रहे थे लेकिन जैसे जैसे समय बीत रहा है मामले बढ़ते चले जा रहे हैं अब जबकि कई जगह व्यवस्थाओ में कमी आ रही है तो राजनीतिक आपसी खींचतान भी साफ दिखाई दे रही है ।

कोरोना वायरस ; लक्षण और बचाव के उपाय

भारतीय मिडिया भी खेमों में बंटी दिख रही है मीडिया द्वारा राज्यों के आंकड़े उनको चलाने वाली सरकार और पार्टियों के हिसब से दिखाए जा रहे और बहस दिखाई जा रहीं हैं।

हालाँकि ज्यादातर समझदार लोगों का मानना है कि मुम्बई के अधिक केस वहाँ अधिक अंतर्राष्ट्रीय उड़ाने आने के कारण और फिर मलिन बस्तियों में फैलने के कारण हुए है जबकि ज्यादा आंकड़ों के लिए दिल्ली का कहना है कि जहाँ टेस्ट ही कम हैं वहां कोरोना के मामले दबाए जा रहे हैं ।

परन्तु फ़िलहाल सोचनीय विषय यह है कि अब जब मामले छोटे गाँव और देहात में भी मिलने लगे हैं तो क्या भारत खुद को इसी चौथे स्थान पर बनाकर रख पाएगा या दूसरे अथवा कहीं पहले स्थान पर न पहुँच जाए ।

कोरोना को लेकर मनोचिकित्सकों की सलाह

भारत को कोरोना संक्रमण रोकने के लिए उसके ही नागरिकों का साथ चाहिए यदि हम चाहते हैं कि हमारी स्थिति और भयावह न हो तो हम सबको शोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना ही होगा , कोरोना का कोई इलाज नहीं लेकिन इसको फैलने से रोका जा सकता है ।

तो यदि हम सुधरेंगे और बिना काम के बाहर नहीं निकलेंगे, जरुरी काम के लिए जाने पार सावधानी बरतेंगे , समय समय पर हाथ धोएँगे  तो शायद हम खुद को  और देश को बचा लेंगे । अन्यथा हमारी जनसंख्या के हिसाब से हमें एक नंबर पर पहुँचने से हमारे अलावा कोई नहीं बचा सकता ।

Social Distancing in London

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