September 29, 2018

Banks Bipartite Settlement

Banks Bipartite Settlement

IBAs Offer 'Not Acceptable'


 

Union Circular--

*11th Bipartite Settlement*

NEGOTIATING COMMITTEE MEETING
on Saturday, 29.09.2018 at IBA Office, Cuffe Parade, Mumbai.

On behalf of IBA, the following officials attended the meeting.
1. Shri. R K Thakkar, Chairman of Negotiating Committee
2. Shri. Shyam Srinivasan, CEO, Federal Bank
3. Shri. Rajkumar Rai G, CEO, UBI
4. Shri. Prashant Kumar, DMD, SBI.

IBA team made it clear to Unions that Banks are not in a capacity to pay more than 6% hike in wages.

IBA did not go beyond 6% offer they made during last Negotiating Committee Meeting.

Shri. Prashant Kumar, DMD of SBI gave power point presentation on a New formula devised by IBA.

Accordingly, all member banks are to be categorised in three (3) categories, i.e., A,B,C.

Categorisation will be based on certain parameters as revealed by individual bank’s Balance-sheets.

IBA says they ‘Desire Shift’ in pay outs by Banks. The intent of IBA is to allow each Bank to pay its employees as per the Bank’s capacity to pay.

For building the capacity to bear the load of payment to staff, the individual Banks will have to perform to a certain level.

Traditional Practice was:
1. Wage revision every 5 years based on industry level Bipartite settlement.
2. Wage revision is based on negotiations not strictly linked to Banks’ performance.
Proposed Approach Intended is :
*Adding an element of performance linked compensation over and above the settled pay structure.*

It will be calculated as under:
A. A performance Linked Compensation will be incorporated:

i. The value will be over and above the increment as agreed in the Bipartite Settlement.

ii. Will be computed annually after declaration of annual financial results.

B. Payable amount shall be CONTINGENT upon achievement of established performance criteria by the Banks every year.

C. Key metrics chosen for defining organisational performance on following parameters.
• Operating Profit
• Return on Assets

D. Payout rate to be related to performance based Tiering, on chosen metrics
For the FY 2017-18 the categorisation comes as under:
Operating Profit wise

Return of Assets

On this proposal we are not agree.

There should be Uniform Pay in all Banks’
As per the indications by merging DA as on 01.11.2016 the present basics will be constructed and then loading will be applied.

Since, the new approach is intended by IBA, we are going to study their proposal in detail and then react to it by way of circular.

But our stand is *“NOT ACCEPTABLE. There should be Uniform Pay in all Banks.

*11वां वेतन द्विपक्षीय समझौता*

विषय : समझौता समिति की बैठक शनिवार, 29.09.2018 आईबीए कार्यालय, मुंबई.

आईबीए की तरफ से निम्नलिखित अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया ।
1. श्री. R K ठक्कर के अध्यक्ष वार्ता समिति
2. श्री. श्याम श्रीनिवासन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, फेडरल बैंक
3. श्री. राजकुमार राय जी, सीईओ, यूबीआई
4. श्री. प्रशाांत कुमार DMD, एसबीआई.

आईबीए टीम ने यह स्पष्ट कर दिया कि बैंकों में 6 % से अधिक वृद्धि देने की क्षमता नहीं है ।

आईबीए द्वारा पिछली मीटिंग में  6% की पेशकश बातचीत के दौरान  की थी ।

श्री. Prashant Kumar, डीएमडी ,भारतीय स्टेट बैंक ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति द्वारा एक नया सूत्र सुझाया

तदनुसार, सभी सदस्य बैंकों को तीन श्रेणियों अर्थात्, ए,बी,सी.में वर्गीकृत किया गया ।

वर्गीकरण बैंक बैलेंस शीट  के आधार पर किया गया ।

आईबीए के अनुसार हर बैंक अपनी क्षमता अनुसार अपने कर्मचारियों का वेतन निर्धारण कर सकेगी ।

नया प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं किया गया है ।

सभी बैंकों का वेतनमान एक समान होना चाहिए।

 

 

 

September 28, 2018

भूकम्प और फिर आई सुनामी

भूकम्प और फिर आई सुनामी

रिक्टर पैमाने पर 7.7  की तीव्रता के भूकम्प के बाद सुनामी की दस्तक 


 

इंडोनशिया में तेज भूकंप के बाद सुनामी, भारी तबाही के आसार I

इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में शुक्रवार को तेज भूकंप आया जिससे कई घर तबाह हो गए , और कई की मौत की सम्भावना है I

भूकंप के कई झटके आए , सबसे बड़ा झटका रिक्टर स्केल पर 7.7 तीव्रता का नापा गया I

सुवावेसी द्वीप के पालू शहर के समुद्र तट पर 6 फुट ऊंची पानी की लहरें उठ रही हैं और तटीय इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है , इस प्राकृतिक आपदा से बड़ी तबाही होने की आशंका है I

भूकंप का केंद्र मध्य सुलावेसी के डोंग्गाला कस्बे से दस किलोमीटर की गहराई में बताया गया है, इससे पहले यहाँ से 56 किलोमीटर दूर एक और भूकंप आया जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.1 आंकी गई I

शुरुआत में सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी,  सुनामी की आशंका सही साबित हुई और कुछ ही समय बाद सागर में तेज लहरें उठना शुरू हो गईं जो फिलहाल कहर बरपा रही है I

भूकंप  ने भी भारी तबाही मचाई है कई इमारतें जमींदोज हो गईं हैं जिसमें कई लोगों के मरने की सम्भावना है I

भूकंप के इमारतों को तबाह करने के बाद लोगों को अपना घर छोड़कर बाहर सड़क पर खड़े रहने को मजबूर होना पड़ा I

इलाके में बहुत नुकसान होने की बात बताई जा रही है जहां लगभग तीन लाख लोग रहते हैंI

दिसंबर 2004 में भी इंडोनेशिया के सुमात्रा में 9.1 तीव्रता का भूकंप आया था I जिससे पूरे इलाके में सुनामी के कारण कई देशों में दो लाख से अधिक  लोग मारे गए थे I

 

September 26, 2018

राधा कुण्ड

राधा कुण्ड

राधा कुण्ड और इसका महत्व


मथुरा से 26 किलोमीटर दूर राधाकुंड का अलग ही धार्मिक महत्व है।

प्राचीन मान्यताओं और ग्रंथों के अनुसार श्रीकृष्ण गोवर्धन में गाय चराने जाते थे अपने सखाओं के साथ ।

उनका सामना कंस के द्वारा उनका वध करने भेजे हुए कई राक्षसों से हुआ जिन्हें उन्होंने खत्म किया ।

इसी क्रम में अरिष्टासुर ने गाय के बछड़े का रूप रख कर श्रीकृष्ण पर हमला किया। इस पर श्रीकृष्ण ने उसका वध कर दिया।

तब राधारानी ने श्रीकृष्ण को कहा कि उन्होंने गौवंश के रूप में वध किया इसलिए उन्हें गौवंश हत्या का पाप लगा है।

इस पाप से मुक्ति के लिए श्रीकृष्ण ने एक कुंड बनाया और सभी नदियों से आग्रह कर उनके पवित्र जल से कुंड को भर उसमें स्नान किया जो श्याम कुंड के नाम से प्रसिद्ध है ।

इस पर राधा जी ने श्याम कुंड के बगल में अपने कंगन से एक और कुंड खोदा और उसमें स्नान किया जिसका नाम राधा कुंड पड़ा । कंगन से कुंड बनाने की वजह से इसे कंगन कुंड भी कहा जाता है ।

अहोई अष्टमी पर पुत्र प्राप्ति स्नान :


मान्यता है कि राधा कुंड में कृष्ण भगवान और राधा जी ने सखियों सहित महा रास रचाया था इसी दौरान राधा जी से कृष्ण ने वरदान मांगने को कहा।

इस पर राधा जी ने कहा इस तिथि में राधा कुंड में जो भी स्नान करे उसे पुत्र रत्न की प्राप्ति हो। इस पर श्री कृष्ण ने राधा जी को यह वरदान दे दिया।

महारास वाले दिन कार्तिक मास की अष्टमी (अहोई अष्टमी ) थी। तभी से इस विशेष तिथि पर पुत्र प्राप्ति को लेकर दंपति राधाकुंड में स्नान कर राधा जी से आशीर्वाद मांगते हैं।

कार्तिक मास की अष्टमी (अहोई अष्टमी ) को राधा कुंड में हजारों दंपति स्नान कर पुत्र रत्न प्राप्ति की कामना करते हैं ।

ऐसी मान्यता है कि अष्टमी (अहोई अष्टमी )के दिन राधा कुंड में स्नान करने वाली सुहागिनों को पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है।

इसके चलते यहां अर्ध रात्रि में स्नान किया जाता है इसलिए आज राधाकुंड पर देश से नहीं अपितु विदेश भी श्रद्धालु आते हैं।

मान्यता है कि कार्तिक मास की अष्टमी अहोई अष्टमी को वे दंपति जिन्हें पुत्र प्राप्ति नहीं हुई है वे निर्जला व्रत रखते हैं और रात्रि को पुष्य नक्षत्र में रात्रि 12 बजे से राधा कुंड में स्नान करते हैं।

इसके बाद सुहागिनें अपने केश खोलकर रखती हैं और राधा की भक्ति कर आशीर्वाद प्राप्त कर पुत्र रत्न प्राप्ति की आस करती हैं ।

इस दौरान आए हुए दंपत्ति स्नान करने के बाद एक फल (ज्यादातर पेठा फल ) राधा कुंड में चढ़ाते हैं और फल (पुत्र रत्न) की आस करते हैं ।

ऐसा माना जाता है कि राधा जी और भगवान कृष्ण रात्रि 12 बजे तक राधाकुंड में महारास करते हैं। इसके बाद पुष्य नक्षत्र शुरू होते ही वहां स्नान कर फल चढ़ाने वाले दंपति को पुत्र प्राप्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है ।

अहोई अष्टमी को राधा कुंड पर अत्यधिक संख्या में देश विदेश के लोग स्नान हेतु आते हैं , जिनके बच्चे नहीं हुए वे फल की आस में स्नान कर फल चढ़ाने आते हैं ।

और जिनको आशीर्वाद प्राप्त हो चुका है वे फिर से स्नान कर अपनी आस्था अनुसार उनकी लंबी उम्र की कामना हेतु आते हैं । कुछ तो अपने पुत्र को साथ लेकर इस दिन राधा कुंड स्नान के लिए यहाँ आते हैं ।

[caption id="attachment_1148" align="alignnone" width="300"] Radha kund[/caption]

अहोई अष्टमी को स्नान सारी रात्रि जारी रहता है और लाखों की संख्या में श्रद्धालु राधे राधे का नाम जपते हुए भक्ति में लीन नजर आते हैं ।

बोल श्री राधे कृष्ण , जय श्री राधे

कैसे पहुंचें :


राधा कुण्ड उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले  के गोवर्धन में है अतः यहाँ पहुँचने के लिए सबसे आसान है कि पहले मथुरा पहुंचें जहाँ से गोवर्धन जाने के लिए निरंतर बस सेवा उपलब्ध है ।

फैसलों का दिन

फैसलों का दिन

सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितम्बर 2018 बुधवार को सुनाए फैसले :



आन्कड़े जुटाना अनिवार्य नहीं I 12 साल पुराने नागराज कमेटी के फैसले पर सुनवाई की जरुरत नहीं वो सही I आँकड़े न जुटाने वाले फैसले से राज्य सरकारें दे सकेंगी प्रोमोशन में आरक्षण I

आधार को वैधानिक दर्जा दिया गया I हर जगह अनिवार्य नहीं I पैन कार्ड लिंकिग के लिए और सरकारी योजनओं में लाभ लेने के लिए अनिवार्य I


 


  • कोर्ट में सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग:




लाइव स्ट्रीमिंग फेज में लागू की जाएगी जिससे न्यायिक व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी I इसके लिए नियम कायदे तय होंगे I

आरक्षण और अयोध्या जैसे मामलों की सुनवाई के दौरान लाइव स्ट्रीमिंग की इजाजत नहीं I


  • कांग्रेस नेता अहमद पटेल की याचिका:




उच्चतम न्यायालय ने गुजरात उच्च न्यायालय से कहा कि वह राज्यसभा में कांग्रेस नेता अहमद पटेल के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका की विचारणीयता पर नये सिरे से विचार करे।

पटेल के निर्वाचन को भाजपा नेता बलवंत सिंह राजपूत ने चुनौती दी है। भाजपा नेता राजपूत की याचिका के विरूद्ध पटेल की अर्जी पर नये सिरे से विचार करने की जरूरत है। 

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प्रमोशन में आरक्षण

प्रमोशन में आरक्षण

एससी-एसटी को प्रमोशन में आरक्षण :


प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में सीधे तौर पर प्रमोशन में आरक्षण को खारिज नहीं किया और इस मामले को राज्यों पर छोड़ दिया है।

कोर्ट ने 12 साल पहले पदोन्नति में आरक्षण पर दिए फैसले को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि इसपर फिर से विचार करने की जरूरत नहीं है I

और आंकड़ें जुटाने की आवश्यकता नहीं है।

आंकड़े जुटाने की जरुरत न होने वाले फैसले से अब अगर राज्य सरकारें चाहें तो वे प्रमोशन में आरक्षण दे सकती हैं।

अदालत ने केंद्र सरकार की यह अर्जी खारिज कर दी कि एससी-एसटी को आरक्षण दिए जाने में उनकी कुल आबादी पर विचार किया जाए।

साथ ही कहा कि प्रमोशन में आरक्षण देने के लिए सरकार को एससी और एसटी के पिछड़ेपन के आँकड़े जुटाने की जरूरत नहीं है।

शीर्ष अदालत ने नागराज मामले में 2006 में दिए गए अपने फैसले पर पुनर्विचार करने से भी इनकार कर दिया I

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2006 में नागराज मामले में दिए गए उस फैसले को सात सदस्यों की पीठ के पास भेजने की जरूरत नहीं है जिसमें एससी-एसटी को नौकरियों में प्रमोशन में आरक्षण देने के लिए शर्तें तय की गई थीं।

कोर्ट ने कहा कि यह फैसला सही है और इसपर फिर से विचार की जरूरत नहीं है।

पांच सदस्यों वाली संविधान पीठ ने एकमत से यह फैसला सुनाया।

प्रमोशन में आरक्षण लागू करने में सबसे बड़ी बाधा पिछड़ेपन के आँकड़े जुटाना था। अब इसकी जरूरत नहीं है तो सरकारें आसानी से आरक्षण दे सकेंगी I

माना जा रहा है आने वाले चुनावों में प्रमोशन में आरक्षण का लोलीपोप राज्य सरकारें अब जरुर इस्तेमाल करेंगी I

आम जन के अपने अपने विचार हैं कुछ का कहना है कि यह गोलमोल निर्णय है जिसमे ना तो प्रोमोशन में आरक्षण को ना की गई , और प्रमोशन में आरक्षण का रास्ता राज्य सरकारों के लिए साफ़ भी कर दिया I

 


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आधार कहाँ कहाँ जरूरी

आधार कहाँ कहाँ जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने आधार  की अनिवार्यता और  निजता के उल्लंघन पर  फ़ैसला सुना दिया है:-


दायर याचिका में आधार की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी ।

सभी याचिकाकर्ताओं का कहना था कि आधार से निजता का उल्लंघन हो रहा है।

संवैधानिक बेंच के पाँच में से तीन जजों ने आधार नंबर को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया है ।

यहाँ अनिवार्य आधार :-


1. पैन कार्ड बनवाने में आधार जरूरी ।

2. पैन से आधार जुड़ना जरूरी ।

3. सब्सिडी वाली सरकारी सेवाओं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में आधार कार्ड जरूरी ।

4. सुरक्षा मामलों में एजेंसीयों द्वारा मांगा जा सकता है ।

यहाँ हुई अनिवार्यता खत्म :-


1. बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ने      की ज़रूरत नहीं है

2. सीबीएसई, यूजीसी,  और कॉलेज में आधार नंबर       अनिवार्य नहीं ।

3. स्कूल में दाखिले के लिए आधार नंबर अनिवार्य नहीं ।

4. किसी बच्चे को आधार के बिना सरकारी योजनाओं का लाभ देने से इनकार नहीं किया जा सकता ।

5. कोई भी निजी कंपनी आधार नंबर की मांग नहीं कर सकती ।

ये भी सत्य है कि आधार नम्बर से लिंक होने से कई योजनाओं में घोटालों पर लगाम लगी है ।

आधार की वजह से सभी बैंक खातों की जानकारी आयकर विभाग को मिलने से काले धन पर वार हुआ था ।

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September 24, 2018

नकद लेन देन पर और सख्ती

नकद लेन देन पर और सख्ती

किसी जानने वाले या रिश्तेदार के खाते में नहीं जमा कर सकेंगे नकद रकम


 देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने एक बड़ा फैसला लिया है।

अब कोई भी सख्स किसी अन्य के खाते में नकदी जमा नहीं करा सकेगा ।

आयकर विभाग ने सरकारी बैंकों से अनुरोध किया था कि वे ऐसे नियम बनाएं कि कोई दूसरा शख्स किसी के बैंक खाते में नकद रुपए नहीं जमा करा पाए।

जिससे कोई भी खाता धारक अपने बैंक खाते में जमा पैसे के बारे में अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से न बच सके। 

नोटबंदी के दौरान बड़े पैमाने पर कई जानने वालों के खातों में नकदी जमा कर जालसाजी के आए कई मामलों को देखते हुए एसबीआई ने यह फैसला लिया है कि किसी के खाते में कोई दूसरा शख्स पैसे नहीं जमा करा पाएगा।

नोटबंदी के दौरान कई बैंक खातों में बड़ी संख्या में हजार और पांच सौ के नोट जमा हुए अब जांच होने पर खाता धारक कह रहे है कि किसी अनजान शख्स ने उनके बैंक खातों में पैसे जमा करा दिए हैं। उनका उससे कोई लेना-देना नहीं है। 

भारतीय स्टेट बैंक द्वारा नियम की शुरुआत के बाद अन्य बैंकों में भी इस प्रकार के नियम जल्द ही आ सकते हैं ।

एस बी आई के अनुसार अब किसी अन्य के खाते में नकदी जमा करने हेतु या तो खाता धारक द्वारा दिया अथॉरिटी लेटर चाहिए होगा , या फिर जमा पर्ची पर खाताधारक के हस्ताक्षर होना जरूरी होगा ।

हस्ताक्षर का मिलान सी बी एस सिस्टम से होना आवश्यक है ।

भारत सरकार का लक्ष्य है कि नकदी लेन देन पर सख्ती करके उसे कम करना चाहिए ।

खातों में नकद में अधिक लेन देन की कभी भी जांच कर सरकार कर सकती है बड़ी कार्यवाही ।

अब सभी खाते आधार और पैन कार्ड के जरिए जोड़े जा रहे हैं । आयकर विभाग की सभी बैंकों में व्यक्ति के कुल कितने खातों में कितना लेन देन है सब पर नजर है । 

गौर तलब है कि नकदी लेन देन ही काला धन का प्रथम संसाधन है ।

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September 23, 2018

पाक को फिर दी पटखनी

पाक को फिर दी पटखनी
 

टीम इंडिया ने पाकिस्‍तान को 9 विकेट से रौंदा


दुबई इंटरनेशनल स्‍टेडियम पर पाकिस्‍तान के कप्‍तान सरफराज अहमद ने टॉस जीता और पहले बैटिंग का निर्णय लिया ।

पाकिस्‍तानी टीम ने आज यहां एशिया कप 2018 के सुपर 4 मुकाबले में परंपरागत प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ 50 ओवर में 7  विकेट खोकर 237 रन बनाए ।

अनुभवी बल्‍लेबाज शोएब मलिक ने 78 रन की बेहतरीन पारी खेली जो इस पारी की बदौलत पाक ने यह लक्ष्य रखा ।

मैच में एक समय पाकिस्‍तान के तीन विकेट 58 रन पर गिर चुके थे फिर मलिक और कप्‍तान सरफराज 44 की जोड़ी पाकिस्‍तान के लिए स्कोर किया ।

इस जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए 107 रन की साझेदारी की।

इन दोनों के अलावा पाकिस्‍तान के लिए फखर जमा ने 31 और आसिफ अली ने 30 रन बनाए. 

शतक वीर शिखर धवन ने 114 और रोहित शर्मा ने 111* का जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया । रोहित शर्मा के नाबाद रहे।

भारत की पाकिस्‍तान के खिलाफ टूर्नामेंट में यह दूसरी जीत है ।

भारतीय टीम ने जीत के लिए जरूरी 238 रन का लक्ष्‍य 39.3 ओवर में महज एक विकेट खोकर हासिल कर लिया ।

रोहित के साथ अंबाती रायुडू 12 रन बनाकर नाबाद रहे।

शिखर धवन और रोहित शर्मा ने पहले विकेट के लिए 210 रन की साझेदारी की। जो धवन के रन आउट होने से टूटी।

टूर्नामेंट में पाकिस्‍तान के खिलाफ भारत की यह दूसरी जीत है। इससे पहले मैच में भी भारत ने पाकिस्‍तान को 8 विकेट के बड़े अंतर से हराया था।

आज की इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के फाइनल में अपना स्‍थान लगभग तय कर लिया है।

धवन ने 114 रन की पारी में 16 चौके और दो छक्‍के लगाए उसके बाद वे रन आउट हुए।

रोहित शर्मा ने 19वां वनडे शतक पूरा किया। उन्‍होंने 7 चौके, और 3 छक्‍के जमाकर 111 रन बनाए ।

और अंबाती रायुडू 12 रन बनाकर नाबाद रहे।









जीत पर मैच देख रहे सभी भारतीय खुशी से झूम रहे हैं । सबकी जुबाँ पर एक ही बात है मैच जीतने से बड़ी खुशी पाकिस्तान को हराने से मिलती है ।।

आयुष्मान भारत योजना

आयुष्मान भारत योजना

Ayushman Bharat Scheme


प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना 


Modi Care


दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने  झारखंड की राजधानी रांची के प्रभात तारा मैदान से 23 सितंबर 2018 को कर दिया है।

इस योजना को  मोदी केयर , प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ,के साथ मुख्य  नाम  आयुष्मान भारत योजना से जाना जाएगा I

आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति को, गरीब से भी गरीब को इलाज मिले,  स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा मिले इसके लिए ये कदम उठाया गया है।

आयुष्मान भारत के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आज से लागू हो रही है। पूरे देश में यह योजना 25 सितम्बर से लागू हो जाएगी I

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में सरकारी रुपये से इतनी बड़ी योजना किसी भी देश में नहीं चल रही है।

मोदी ने इस योजना को दरिद्र नारायण सेवा के नाम से संबोधित किया

प्रधानमंत्री ने कहा देश के 50 करोड़ से ज्यादा भाई-बहनों को 5 लाख रुपए तक का हेल्थ-एश्योरेंस देने वाली ये दुनिया की सबसे बड़ी योजना है। इस योजना के लाभार्थियों की संख्या पूरे यूरोपियन यूनियन की कुल आबादी के बराबर है।

इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को सालाना पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराया जाएगा।

योजना से 10  करोड़ से अधिक परिवार लाभान्वित होंगे। लाखों परिवारों में से 57 लाख परिवारों को स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा मिलेगी जिससे राज्य की आबादी के 85 प्रतिशत हिस्से को लाभ होगा।

पीएम मोदी ने रांची में दो मेडिकल कालेजों एवं दस वेलनेस केन्द्रों का भी उद्घाटन व शिलान्यास किया।

इसके लिए नेशनल हेल्थ एजेंसी ने नेशनल हेल्थ इंसोरेंस के तहत आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना की वेबसाइट और हेल्पलाइन को लांच कर दिया है।

किसे मिल सकेगा लाभ (पात्रता)


आधार कार्ड :  पहचान पत्र में व्यक्ति का आधार कार्ड होना चाहिए I तथा आधार कार्ड उसके परिवार आईडी से भी लिंक होना चाहिये I

परिवार के सदस्य : आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत फ़िलहाल परिवार के 5 सदस्यों को ही कवर किया जा सकता है I

* कोई भी गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति जिसके पास ना तो पैसा हो और कोई बीमा पॉलिसी हो कि वह अपना इलाज करवा सके तो इस योजना के द्वारा वह व्यक्ति सरकार से मदद प्राप्त कर सकता है.

** आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत केवल वही लोग लाभ ले सकते है जिनका नाम SECC-2011 के अंतर्गत रजिस्टर हो.

 

इसके लिए कोई व्यक्ति आयुष्मान भारत की वेबसाइट पर अपना नाम चेक कर सकता है या फिर हेल्पलाइन नंबर 14555 /1800111565 पर कॉल भी कर सकता है। लाभार्थी को अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराना होगा, जिस पर ओटीपी के जरिए सत्यापन होगा।

आयुष्मान मित्र से भी मदद ले सकते है।  पैनल में शामिल हर अस्पताल में एक आरोग्य मित्र की तैनाती होगी।

 

मुख्य उद्देश्य:  देश में स्वास्थ्य से संबंधित आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराना | गरीब व्यक्ति भी बीमारी या अन्य किसी स्थिति में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा पाना, पैसो की कमी स्वास्थ्य के आड़े नहीं आने पाए I

 

आधिक जानकारी के लिए : https://www.abnhpm.gov.in/

हेल्प लाइन 14555 /1800111565

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September 22, 2018

एक बयान से मचा हडकंप

एक बयान से मचा हडकंप

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने ऐसा क्या कह दिया जो मच गया घमासान


जी हाँ राफेल विमान सौदे में शुरू से ही किसी न किसी तरह मोदी सरकार को विपक्ष के निशाने का सामना करना पड रहा है I अब फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति का बयान बन गया मुसीबतI

अब इस मामले ने एक बार फिर से नया तूल पकड़ लिया है , दरअसल फ़्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा कि अनिल अंबानी के रिलायंस का नाम उन्हें भारत सरकार ने सुझाया था, उनके पास और कोई विकल्प नहीं थाI

मोदी सरकार पर राफेल में घोटाले का आरोप लगा रही कांग्रेस को फ्रांस्वा ओलांदे के बयान ने मजबूती दी है और अब राहुल गांधी लगातार मोदी सरकार पर हमला बोल रहे हैंI

राहुल गाँधी व अन्य कांग्रेसी नेताओं सहित विपक्ष के कई नेताओं के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस , ट्वीट व सभाओं में खुलकर इसे पोल खोल करार दिया जा रहा है I

नवरत्न कंपनी के घाटे और निजी कंपनी को फायदा पहुँचाने के लिए इसे बड़ा घोटाला करार दिया जा रहा हैI

प्रधानमंत्री की तरफ से पुरे मामले में अभी तक कोई बयान नहीं आया हैI

 

क्या है राफेल डील

वायुसेना की मांग के बाद 126 लड़ाकू विमान खरीदने का सबसे पहले प्रस्ताव अटल बिहारी वाजपेयी की एनडीए सरकार ने रखा था I लेकिन इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया कांग्रेस सरकार ने I

तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटोनी थे उन्होंने 126 एयरक्राफ्ट की खरीद को अगस्‍त 2007 में मंजूरी दी थीI

इस पर समझौता नहीं हो पाया, क्योंकि खासकर टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के मामले में दोनों पक्षों में गतिरोध बन गया I

साल 2014 में जब नरेंद्र मोदी सरकार बनी तो उसने इस दिशा में फिर से प्रयास शुरू किया I

साल 2015 में भारत और फ्रांस के बीच इस विमान की खरीद को लेकर समझौता किया गया समझौते में भारत ने जल्द से जल्द 36 राफेल तैयार विमान हासिल करने की बात कही I

लेकिन 36 विमानों के लिए हुए सौदे की लागत का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गयाI सरकार का दावा है कि पहले भी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की कोई बात नहीं थी I  सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी की लाइसेंस देने की बात थीI

सरकार ने दावा किया कि यह सौदा उसने यूपीए से ज्यादा बेहतर कीमत में किया है और करीब 12,600 करोड़ रुपये बचाए हैंI

कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यूपीए 126 विमानों के लिए 54,000 करोड़ रुपये दे रही थी  जबकि मोदी सरकार सिर्फ 36 विमानों के लिए 58,000 करोड़ दे रही हैI

कांग्रेस का आरोप है कि एक प्लेन की कीमत 1555 करोड़ रुपये हैं, जबकि कांग्रेस 428 करोड़ में रुपये में खरीद रही थीI

 

यूपीए के सौदे में विमानों के भारत में एसेंबलिंग में  हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट लिमिटेड (HAL) को शामिल करने की बात थी I भारत में यही एक कंपनी है जो सैन्य विमान बनाती हैI

लेकिन एनडीए के सौदे में एचएएल को बाहर कर इस काम को अम्बानी की रिलाइंस को सौंप दिया गया है I

यानी विपक्ष के मुताबिक एनडीए सरकार एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचा रही हैI

कांग्रेस का आरोप है कि सौदे से HAL को 25000 करोड़ रुपये का घाटा होगा I

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कहाँ गायब हो गई टाटा 407 जैसी बड़ी गाड़ी ?

कहाँ गायब हो गई टाटा 407 जैसी बड़ी गाड़ी ?
आगरा, लोकल खबर के अनुसार एक टाटा 407 मेटाडोर में भैंस चोरी करके कुछ बदमाश जा रहे थे ।

पता चलने पर पुलिस की एक गाड़ी उनके पीछे लग गई
और शुरू हुआ चोर सिपाही का खेल ।

जी हाँ रात एक बजे के लगभग आगरा में जगदीश पूरा के मघटाई से चोरों ने एक भैंस चोरी की और टाटा 407 में लेकर भागने लगे । सिकंदरा पुलिस ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की लेकिन वे नहीं रुके ।

इंस्पेक्टर सिकंदरा ने अपनी गाड़ी से उनका पीछा करना शुरू किया और फिर शुरू हुई दो तरफा फायरिंग , बदमाशो ने अपने तमंचों से फायरिंग शुरू की तो पुलिस ने पिस्टल से ।

अब मेटाडोर के हाइवे पर पहुँचते ही स्पीड बढ़ गई इंस्पेक्टर ने एके47 से फायरिंग की बदमाशों के तमंचे उस पर भारी पड़े और बदमाश पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे ।

इतनी बड़ी गाड़ी गई कहाँ

इसके बाद रात दो बजे के बाद बदमाश एत्माउद्दोला की तरफ से भागे आगे पुलिस का बेरियर देख गाड़ी की स्पीड और बढ़ा दी और बैरियर को तोड़ते हुए टक्कर मारकर भाग निकले ।

बदमाश रामबाग से टेडी बगिया होते हुए गायब हो गए ।

वायरलेस का क्या फायदा

सोचने वाली बात ये रही कि इतनी देर तक वायरलेस पर अलर्ट गूँजता रहा मगर फिर भी एक टाटा 407 जैसी बड़ी गाड़ी को इतना पीछा करने के बाद भी आगरा पुलिस पकड़ नहीं पाई ।

September 21, 2018

वो बीते पल

वो बीते पल
यादों के झरोखे से :- 

ये क्या मैं भागम भाग दौड़े जा रहा हूँ , कॉलेज पहुँचने की बहुत जल्दी है ,

हाथ में एक एग्जाम बोर्ड और पेन पेंसिल की एक डिब्बी , जी हाँ आज तो बोर्ड का पेपर है

और ये क्या रास्ते मे जिस टेम्पो से बैठे वो पंचर ।

अब तो पैदल ही रेस लगा ली कॉलेज नजदीक ही है , और पहुंच भी गया पर चौकीदार अंदर नहीं घुसने दे रहा

पेपर चालू हो चुका , शायद पाँच मिनट लेट हो गया साँसे तेज हुई जा रही हैं और फिर अचानक से आँख खुल गई ।

थैंक गॉड ये एक सपना था ।

आँखों से नींद ही गायब थी , और आँख लगती भी तो एक ही खौफनाक सपना आता

जी हाँ बात है जब बोर्ड के एग्जाम हुआ करते थे कोशिश पूरी होती थी ज्यादा से ज्यादा पढ़ें पर नींद आने लगती थी ,

जब सोने को जाओ तो नींद नहीं ।

बड़ा ही अजीब सा चक्कर था , नींद आ भी जाए तो बस कभी एग्जाम में लेट हो गए , कभी पेपर में कुछ आ नहीं रहा और कभी तो सीधा रिजल्ट वाले दिन का सपना न्यूज़ पेपर में अपना रोल नंबर नहीं मिलता था ।

जी हाँ उस समय रिजल्ट का अलग से न्यूज़ पेपर छपता था ।

अफसोस तो होता था कि यार क्लास में चुनिंदा बच्चों के जैसे होशियार की लाइन में सर जी सेलेक्ट करते हैं पर ये एग्जाम में मार्क्स क्यों नहीं आते ?

तो भाई वजह भी साफ थी होशियारी गई भाड़ में जब हम लिखें उसे बस खुदा ही पढ़े तो कॉपी जाँचने वाला कोई भगवान थोड़े ही है ,

जब साथ के छात्र काम को कॉपी माँगते तो उन्हें ही राइटिंग समझ नहीं आती ।

वो लाइफ भी बड़ी अजीब थी सुबह जल्दी जागो और मैथ साइंस के ट्यूशन के लिए भाग लो ,

अब अंग्रेजी भी पढ़नी है पर वो सर वहाँ से दूर रहते हैं ,तो दोस्त की साइकिल खुद चलाओ दोस्त को बिठाओ और रोड़ पर जैसे साइकिल दौड़ हो रही हो ।

दो ट्यूशन के बाद कॉलेज जहाँ पढ़ाई बढ़ाई सिर्फ नाम की पर फिर भी हाजिरी की फिक्र तो होती ही थी , तो जाना भी पड़ता था ।

खैर वो दिन तो काफी पहले बीत चुके

फिर इतने समय के बाद भी ये कभी एग्जाम छूटना कभी पेपर गलत हो जाना आदि आदि सपने कब तक पीछा करते रहेंगे ,

अक्सर कर ये रिपीट होते ही रहते हैं बस क्लास चेंज करते हैं और तरीका भी ।

चलिए आज इतना ही
आगे जिक्र करेंगे उन दिनों का जब ग्रेजुएशन के लिए बड़े शहर जाना होता था - वो MST वाले दिन

                          ...... क्रमशः

 

..वो सुहानी यादें 1 पढ़ें

कब है सर्जिकल स्ट्राइक डे ??

कब है सर्जिकल स्ट्राइक डे ??
सर्जिकल स्ट्राइक तो सुना होगा , मगर सर्जिकल स्ट्राइक डे ? 

जी हाँ सर्जिकल स्ट्राइक वाले दिन को एक सिम्बल बनाने के लिए  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश भर के विश्वविद्यालयों और उच्चतर शिक्षण संस्थानों को गुरुवार को निर्देश दिया कि 29 सितंबर की तारीख को ‘सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’ के तौर पर मनाया जाए ।

विपक्ष ने इस फरमान को आड़े हाथ लेते हुए सरकार पर गलत तरीके से प्रचार में सेना का इस्तेमाल का आरोप लगाया है ।

यूजीसी ने दिवस मनाने के लिए सशस्त्र बलों के बलिदान के बारे में पूर्व सैनिकों से संवाद सत्र, विशेष परेड, प्रदर्शनियों का आयोजन और सशस्त्र बलों को अपना समर्थन देने के लिए उन्हें ग्रीटिंग कार्ड भेजने समेत अन्य गतिविधियां बताई हैं।

उधर विपक्ष का रुख देखते हुए सरकार ने इस मुद्दे से अपना हाथ खींच लिया है । 

आयोग ने सभी कुलपतियों को गुरुवार को भेजे एक पत्र में कहा, ‘सभी विश्वविद्यालयों की एनसीसी की इकाइयों को 29 सितंबर को विशेष परेड का आयोजन करना चाहिए । जिसके बाद एनसीसी के कमांडर सरहद की रक्षा के तौर -तरीकों के बारे में उन्हें संबोधित करें।

विश्वविद्यालय सशस्त्र बलों के बलिदान के बारे में छात्रों को संवेदनशील करने के लिए पूर्व सैनिकों को शामिल करके संवाद सत्र का आयोजन कर सकते हैं।

 

जम्मू कश्मीर में आतंकियों का बबाल

जम्मू कश्मीर में आतंकियों का बबाल

कश्मीर में आतंकियों के निशाने पर पुलिस


एएनआई के मुताबिक कश्मीर में आतंकियों ने तीन पुलिसकर्मी व एक नागरिक को अगवा कर लिया ।

घटना के कुछ घंटों बाद ही तीनों पुलिसकर्मियों का शव बरामद हुआ है।

पुलिस ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के कापरान गांव में आतंकवादियों ने कॉन्स्टेबल फिरदौस अहमद कुछे और एसपीओ कुलदीप सिंह, निसार अहमद धोबी और फयाज अहमद भट्ट के घर में घुसकर उनका अपहरण कर लिया था।

इनकी तलाश में सुरक्षा बलों ने इलाके में व्यापक सघन अभियान चलाया था। अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने अपहरण और हत्या की घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।

कुछ दिन पहले ही आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन ने पुलिसकर्मियों से इस्तीफा देने या मरने के लिए तैयार रहने की धमकी दी थी।

आतंकी संगठन ने धमकी भरे पोस्टर भी कई जगह लगाए गए थे। सोशल मीडिया पर आतंकी धमकी के वीडियो भी हुए थे।

आतंकियों ने पुलिसकर्मियों को धमकी दी थी कि चार दिन के अंदर इस्तीफा दें और इस्तीफे की कॉपी को सोशल मीडिया पर अपलोड करें। धमकी में पुलिसकर्मियों के परिजनों को निशाना बनाने की बात कही गई थी।

केंद्र सरकार ने हाल ही में जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव की घोषणा की है। ऐसे में कयास यह भी लगाया जा रहा है कि आतंकी संगठन पंचायत चुनाव से पहले दहशत फैलाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करना चाहते हैं।

पाक है नापाक चली ये दोगली चाल

पाक है नापाक चली ये दोगली चाल

पाक प्रधानमंत्री का दोगला पन


एक तरफ तो संयुक्त राष्ट्र में शराफत दिखाने के लिए पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने यह प्रस्ताव दिया था कि इस माह के अंत में न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा  के दौरान भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बीच बातचीत हो।

इमरान खान ने यह प्रस्ताव भी रखा था कि भारत जल्दी से जल्दी पाकिस्तान में सार्क सम्मेलन आयोजित कराने पर विचार करे।


दूसरी तरफ पाक सेना को खुली छूट दे रखी है जिसमें उन्होंने बीएसएफ के जवानों की नृशंश हत्या कर दी ।




भारत बीएसएफ जवान की नृशंस हत्या और आतंकियों की ओर से की जा रही पुलिसवालों की हत्या से बेहद नाराज है।



भारत ने स्वीकार कर ली थी बातचीत की पेशकश




गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि पाकिस्तान के आग्रह पर विदेश स्तर की बातचीत करने के लिए तैयार हो गया है। भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच मुलाकात होगी।





पाक पीएम की लिखी चिट्ठी पर भारतीय विदेश मंत्रालय से जारी बयान में कहा गया था कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच मुलाकात होगी।




पाक की करतूत से बातचीत रद्द




पाकिस्तान की ओर से विदेश मंत्री स्तर पर मुलाकात की पेशकश करने और भारत की ओर से पेशकश स्वीकार किए जाने के महज 24 घंटे के अंदर ही भारत ने इस मुलाकात को रद्द कर दिया है।






विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि बीएसएफ जवान की हत्या बर्बर करतूत है, सीमापार आंतकवाद पर हमारी नीतियों में कोई बदलाव नहीं आया है । बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते ।





पाक की ओर से बातचीत करने का प्रस्ताव दिए जाने के बाद भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बीच की संभावना बनी थी, जो अब रद्द हो गई है।





पाकिस्तान की तरफ से हमारे सुरक्षाकर्मी की नृशंस हत्या और पाक में जारी किए गए डाक टिकट जिसमें आतंकियों का महिमामंडन किया गया है पाक प्रधानमंत्री इमरान खान के शुरुआती कार्यकाल में ही उनकी नीयत साफ दिख रही है ।





फिलहाल इन सभी बातचीत पर रोक लग गई है । जब तक पाक अपनी हरकतों से बाज नहीं आता तब तक ऐसी बातचीत से कोई हल भी निकलना संभव नहीं है ।।





September 20, 2018

माया ने जोगी का हाथ थामा

माया ने जोगी का हाथ थामा

मायावती ने चली सियासत की बड़ी चाल


छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से बगावत कर जनता कांग्रेस बनाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी से बसपा ने गठबंधन कर लिया।

छत्तीसगढ़ में बसपा अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने जा रही है। मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 90 सीटों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी 35 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस 55 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

अगर विधानसभा चुनाव में गठबंधन की जीत होती है तो अजीत जोगी मुख्यमंत्री बनेंगे ।

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी के बीच गठबंधन हुआ है ।

इस गठबंधन पर सवाल उठाते हुए कॉंग्रेस ने इसे ‘भाजपा के इशारे पर हुई डील’ करार दिया और कहा कि इससे कांग्रेस को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।

कांग्रेस पार्टी के पी एल पुनिया ने यह भी कहा कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ की सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच इससे कुछ ही अधिक वोटों का अंतर था। ऐसे में कांग्रेस की कोशिश थी कि बसपा और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जैसे दलों से गठजोड़ कर भाजपा को रोका जाए। लेकिन इस गठबंधन के बनने से पहले ही भाजपा ने इसे रोक दिया है।

राहुल भले ही पूरे जोश से घूम रहे हों और अपनी पार्टी को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन चुनावी कूटनीति में उनकी पार्टी अभी से नाकाम होने लगी है।

इन नए घटनाक्रम के बाद दलितों का संभावित वोट कांग्रेस के हाथ से फिसलता दिख रहा है।

संभव है कि आगामी लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी यही रुख उत्तर प्रदेश में भी दिखाए। ऐसा होने पर कांग्रेस की विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश कमजोर पड़ सकती है

केंद्र सरकार ने इतनी बढाई व्याज दर

केंद्र सरकार ने इतनी बढाई व्याज दर

केंद्र सरकार ने विभिन्न जमा योजनाओ में


व्याज दर में 0.4 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी की है ..


केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए बढ़ा दी है।

गौरतलब है कि लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही के आधार पर संशोधित किया जाता है।

According to a circular issued by the Finance Ministry on September 19, the interest rates of various small saving schemes have been hiked

मौजूदा वित्त वर्ष  की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की गई हैं।

पीपीएफ और एनएससी पर व्याज दर :-


पीपीएफ और एनएससी पर मौजूदा 7.6 प्रतिशत की जगह अब 0.4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ 8 प्रतिशत की सालाना दर से ब्याज मिलेगा।

Investment in the PPF and NSC will now offer an annual interest rate of 8 per cent, up from existing 7.6 per cent.

किसान विकास पत्र पर व्याज दर :-


किसान विकास पत्र पर अब 7.7 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा और अब यह 112 सप्ताह में परिपक्व हो जाएगा।

The Kisan Vikas Patra (KVP) will return a 7.7 per cent interest on investment. The government has also reduced the maturity period for the same from 118 months to 112 months.

सुकन्या समृद्धि योजना पर व्याज दर :-


सुकन्या समृद्धि खातों के लिए संशोधित ब्याज दर 8.5 प्रतिशत होगी।

Keeping its focus on the girl child, the savings scheme called Sukanya Samriddhi Account will now yield an interest rate of 8.5 per cent rate, up from 8.1 per cent.

अन्य योजनाओं में :-


एक से तीन साल की सावधि जमा पर ब्याज दर में 0.3 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है।

पांच वर्ष की सावधि जमा, आवर्ती जमा और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की ब्याज दरें बढ़ाकर क्रमश: 7.8 प्रतिशत, 7.3 प्रतिशत और 8.7 प्रतिशत कर दी गयी हैं।

The savings scheme for senior citizen has been hiked to 8.7 per cent. The existing rate is 8.3 per cent. The interest on the senior citizens' scheme is paid quarterly. The new interest rate for 5-year term deposit is 7.8 and for 5-year recurring deposit has been fixed at 7.3 per cent.

 

 

September 17, 2018

सुप्रीम कोर्ट ने इन दवाओं से हटाया बैन

सुप्रीम कोर्ट ने इन दवाओं से हटाया बैन

सोमवार 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इन दवाओं से बैन हट जाएगा , कंपनियों ने कर रखी थी कोर्ट में अपील 


सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सैरीडॉन, प्रिट्रान और डार्ट ड्रग्स पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है. अब इन दवाओं की बिक्री की जा सकेगी। कोर्ट ने यह फैसला दवा निर्माताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस भी जारी किया है और जवाब मांगा है। दरअसल, ये तीनों दवाएं 328 दवाओं की उस लिस्ट में शामिल हैं जिन्हें केंद्र सरकार ने पिछले दिनों प्रतिबंधित कर दिया था।



एफडीसी वो दवाएं हैं जो दो या दो से अधिक दवाओं के अवयवों (सॉल्ट) को मिलाकर बनाई जाती हैं। दुनिया के अधिकांश देशों में इन दवाओं के उपयोग पर रोक लगाई गई है।

देश में सक्रिय कई स्वास्थ्य संगठन लंबे समय से कहते आ रहे थे कि इन दवाओं से मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होता है और ये हानिकारक भी हो सकती हैं।

संगठनों का कहना था कि अगर किसी दवा की वजह से मरीज को एलर्जी हो गई तो यह पता लगाना भी मुश्किल हो जाएगा कि उस दवा के किस सॉल्ट की वजह से एलर्जी हुई है. ऐसे में एलर्जी का इलाज करने में देर भी हो सकती है ।

इससे पहले केंद्र सरकार ने मार्च 2016 में औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 26-ए के तहत मानव उपयोग के उद्देश्य से 344 एफडीसी के उत्पादन, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाया था. इसके बाद सरकार ने समान प्रावधानों के तहत 344 एफडीसी के अलावा पांच और एफडीसी को प्रतिबंधित कर दिया था।



हालांकि, इससे प्रभावित उत्पादकों अथवा निर्माताओं ने देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों और सुप्रीम कोर्ट में इस निर्णय को चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट द्वारा 15 दिसम्बर, 2017 को सुनाए गए फैसले में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए इस मसले पर दवा तकनीकी सलाहकार बोर्ड द्वारा गौर किया गया, जिसका गठन औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 5 के तहत हुआ था।

इस बोर्ड ने इन दवाओं पर अपनी रिपोर्ट केन्द्र सरकार को सौंप दी, दवा तकनीकी सलाहकार बोर्ड ने अन्य बातों के अलावा यह सिफारिश भी की कि 328 एफडीसी में निहित सामग्री का कोई चिकित्सीय औचित्य नहीं है और इन एफडीसी से मानव स्वास्थ्य को खतरा पहुंच सकता है।

कैसे बनेगा तीसरा बड़ा बैंक Third Largest Bank in India

कैसे बनेगा तीसरा बड़ा बैंक Third Largest Bank in India

एक और बैंक मर्जर


Government to merge Bank of Baroda, Vijaya Bank, Dena Bank


विजया देना और बैंक ऑफ़ बड़ोदा के विलय से तीसरा बड़ा बैंक 


The government has announced that Bank Of Baroda, Vijaya Bank and Dena Bank will be merged into a single bank which will become India's third largest bank. 


सरकार ने सोमवार को सरकारी क्षेत्र के बैंकों के विलय की एक बड़ी घोषणा की. इसके तहत विजया बैंक, देना बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा का विलय होगा और इससे देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक अस्तित्व में आएगा. 

Rajeev Kumar, Secretary Department of Financial Services, said in a press conference today that employees interest would be protected in the merger procss. The merger of five SBI associate banks was done without any job losses.

वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने राजधानी में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि तीनों बैंकों के निदेशक मंडल विलय प्रस्ताव पर विचार करेंगे. उन्होंने कहा कि बैंकिग क्षेत्र में सुधार की जरूरत है और सरकार बैंकों की पूंजी की जरूरतों का ध्यान रख रही है. बैंकों के विदेशों में परिचालन को युक्तिसंगत बनाने का काम जारी है.

Jaitley said  : The board of the banks will meet to chart out a proper roadmap and consider the process.

विलय के बाद अस्तितव में आने वाला बैंक तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा पैमाने की मितव्ययिता के साथ मजबूत प्रतिस्पर्धी होगा. कुमार ने कहा कि नेटवर्क, कम-लागत जमा और अनुषंगी इकाइयों के मामले में बेहतर तालमेल होगा. उन्होंने कहा कि कर्मचारियो के हितों और ब्रांड इक्विटी का संरक्षण किया जाएगा

गौरतलब है कि सरकार ने बजट पेश करने के दौरान बैंकों के एकीकरण का खाका पेश किया था। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बैंकों के एकीकरण का फैसला हमारे एजेंडे के मुताबिक है और इस दिशा में पहले कदम की घोषणा की गई है।

 

September 16, 2018

जन्मदिन पर 557 करोड़ की सौगात

जन्मदिन पर 557 करोड़ की सौगात

प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी में


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर वाराणसी का दौरा करेंगे तथा जन्मदिन के उपलक्ष्य पर काशीवासियों को उपहार स्वरूप 557 करोड़ की योजनाओं की सौगात देंगे.

बच्चों के साथ मनाएँगे जन्मदिन


उनके आगमन को लेकर युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू हो गई है. माननीय मोदी जी वाराणसी हवाईअड्डे से हेलीकॉप्टर से डीरेका जाएंगे. वहां से वह काशी विद्यापीठ ब्लॉक के नरउर पहुचंकर प्राथमिक पाठशाला के बच्चों के बीच केक काटकर अपना 68वां जन्मदिन मनाएंगे.

बच्चों के बीच अपना जन्मदिन मनाने के बाद डीरेका में जिला प्रशासन प्रधानमंत्री को काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण, वाराणसी में बीते चार साल में हुए अब तक के बदलाव, प्रवासी भारतीय दिवस की तैयारियों और शहर में चल रहे विकास कार्यों के संबंध में प्रेजेंटेशन देगा. फिर डीरेका के सिनेमाहॉल में मोदी बच्चों के साथ ‘चलो जीते हैं’ फिल्म देखेंगे.

काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन


देर रात प्रधानमंत्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना भी करेंगे. रात्रि विश्राम के बाद मोदी अगले दिन बीएचयू के एम्फी थियेटर में जनसभा को संबोधित करेंगे. इस दौरान वह विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे. जनसभा के बाद पीएम मोदी दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे.

तैयारी में जुटे हैं कार्यकर्ता और सुरक्षा एजेंसी


महापुरुषों के मूर्ति स्‍थलों को विद्युत झालरों से सजाया गया है। सफाई अभियान चलने से शहर की सड़कें भी चमकने लगी हैं। डिवाइडरों को ठीक करने के साथ रंग-रोगन किया गया है। प्रधानमंत्री सुरक्षा में जमीन से आसमान तक अभेद्य सुरक्षा के इंतजाम हैं। सुरक्षा में 8000 जवानों की तैनात किए जा रहे हैं। सुरक्षा दस्‍ते में 20 आईपीएस अधिकारी शामिल हैं। रविवार को प्रसतावित कार्यक्रम स्‍थलों पर हेलिकॉटरों की लैडिंग से लेकर सड़क मार्ग पर फ्लीट का रिहर्सल हुआ। शहर के बाहरी इलाकों और वाराणसी-इलाहाबाद हाइवे पर रूट डायवर्जन किया जाएगा।

September 15, 2018

सहमा हुआ है SC ST Act से पीड़ित परिवार

सहमा हुआ है SC ST Act से पीड़ित परिवार

एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग


उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के अंतर्गत गाँव भैरई में एक्ट के दुरुपयोग की खबर अखबारों में मुख्य पृष्ठ पर है । इस गाँव की एक महिला ने गांव के ही एक ब्राह्मण परिवार को इसका निशाना बनाया है । इस मामले में महिला के साथ उसका देवर भी शामिल है जिसके साथ मिलकर उसने जुलाई में अपने बेटे की हत्या भी कर दी । मामला पैसे के लालच में निर्दोषों को फँसाने का है ।

 

SC ST Act बना कमाई का जरिया


गाँव भैरई जिला मथुरा की एक एस सी की महिला ने अपने देवर के साथ मिलकर ऐसा ताना बाना बना दिया कि एक ब्राह्मण परिवार के लोगों को फंसा दिया और उनसे लाखों रुपए मुआवजे के एवज में ऐंठ लिए  ।

 

आयोग अध्यक्ष ने दिए निर्देश


उप्र Scst आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने कहा कि एफआईआर होने से कोई मुल्जिम नहीं हो जाता , मथुरा जैसे गंभीर मामले में झूठी रिपोर्ट करने वालों पर कार्यवाही की जाएगी । साथ ही डी एम को कहा महिला से मुआवजे की रकम की बसूली करें ।

 



आ रहीं एक्ट में झूठी  शिकायतें 






एक साल पहले एक अनुसूचित व्यक्ति की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई थी, जिसमें हत्या की एफआइआर दर्ज कराई गई। शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं था, तो जांच कराई गई। जांच में शराब पीने से मौत की पुष्टि हुई।


दोनों ही मामलों में कार्रवाई कर मदद की गुहार लगाने वालों को सिर्फ चेतावनी दी गई । कई अन्य मामलों में भी निजी स्वार्थ के लिए एक्ट के दुरुपयोग की बात सामने आई है।


 

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कश्मीर: मुठभेड़ में 5 आतंकी ढ़ेर

कश्मीर: मुठभेड़ में 5 आतंकी ढ़ेर

कुलगाम मुठभेड़ में मार गिराए आतंकी


सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर के चौगाम में हिज्ब और लश्कर के आतंकियों से मुठभेड़ में पाँच आतंकियों को मार गिराया ।इस मुठभेड़ में तीन जवान भी घायल हो गए ।

जबकि कुछ अन्य हिस्सों में प्रदर्शनकारियों से हुई हिंसक झडपों में एक प्रदर्शनकारी की भी मौत हो गई और 26 घायल हो गए , इस दौरान 4 जवान भी घायल हुए । तनावग्रस्त इलाके में इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई है ।

 

अलगाववादियों का फिर प्रदर्शन


विभिन्न अलगाववादी संगठनों ने सोमवार को कश्मीर बंद का आवाहन किया है ।  मुठभेड़ के बाद हिंसक प्रदर्शन हुए और राष्ट्र विरोधी जुलूस निकाला, जवानों पर पत्थर बाजी और हमला किया गया ।

September 14, 2018

Dalhausie , Himachal Pradesh डलहौजी , हिमाचल प्रदेश

Dalhausie , Himachal Pradesh डलहौजी , हिमाचल प्रदेश

डलहौजी , हिमाचल प्रदेश


धौलाधार पर्वत श्रृंखलाओं के मध्य स्थित 'डलहौजी' एक बहुत की मनमोहक पर्यटन स्थल है। यह हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में स्थित है । जो यहां आने वाले पर्यटकों के लिए स्वर्ग के सामान है। यह पुराने विश्व आकर्षण का प्रतीक है, जो अपने प्राकृतिक परिदृश्य, फूलों, घास के मैदान, शानदार धुंध के पहाड़ से हर किसी को अपनी ओर खींचता है।

अंग्रेजों के तत्कालीन वायसराय लार्ड डलहौजी के नाम पर इस जगह का नाम डलहौजी रखा गया। डलहौज़ी हिमांचल प्रदेश की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली जगहों में से एक है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और प्राचीन आकर्षण के लिए प्रसिद्ध है।

यहाँ प्रदूषण मुक्त वातावरण प्रदान करता है। अगर आप हिमाचल प्रदेश की यात्रा करने जा रहे हैं तो  इस प्राकृतिक सुंदरता वाले शहर डलहौजी और इसके आसपास की जगहों की यात्रा जरुर करना चाहिए।

डलहौजी की जलवायु साल भर सुखद रहती है। मार्च से जून महीने में घूमने के लिए सर्वश्रेष्ठ समय है । सर्दियों में यहां का तापमान 1 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है और बर्फबारी होती है।

दर्शनीय स्थल Tourist Spots :




डलहौजी क्षेत्र में कई पर्यटन स्‍थल हैं जहां पर्यटक घूमने जा सकते हैं। सेंट फ्रांसिस चर्च, सेंट जॉन चर्च आदि प्रसिद्ध चर्च हैं। सुभाष बाओली में भारत की आजादी के लिए अजीत सिंह और सुभाष चंद्र बोस ने कई प्रयास किए थे। त्रिउंद , देनकुंड, खज्जियार, चंबा, व पंचपुला जैसे रमणीक पॉइंट हैं ।

पंचपुला:




पंचपुला हरे देवदार के पेड़ों के आवरण से घिरा एक झरना है जो डलहौजी के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। पंचपुला वो जगह है जहां पर पाँच धाराएँ एक साथ आती हैं। पंचपुला में एडवेंचर प्‍वांइट हैं जिप लाइन , रोक क्लाइम्बिंग ,ट्रेकिंग , कैम्पिंग , वेली क्रासिंग आदि एडवेंचर पर्यटकों के बीच लोक प्रिय हैं। पंचपुला वाटर फॉल पर खानपान , बच्चों के झूले आदि की भी सुविधाएँ हैंI पंचपुला मार्ग में सतधारा फाल भी पड़ता है ।


सतधारा फाल्स:




सतधारा झरना (सतधारा फाल्स) चंबा घाटी में स्थित है,जो बर्फ से ढके पहाड़ों और ताज़े देवदार के पेड़ों के शानदार दृश्यों से घिरा हुआ है। ‘सतधारा’ का मतलब होता है सात झरने, इस झरने का नाम सातधारा सात खूबसूरत झरनों के जल के एक साथ मिलने की वजह से रखा गया है।

भूरी सिंह संग्रहालय:


डलहौजी में भूरी सिंह संग्रहालय स्थित है यहां आकर सुंदर चित्रों को देख सकते हैं। इस संग्रहालय में मूल्‍यवान शारदा लिपि भी रखी हुई है।


कालाटोप :


कालाटोप खज्जियर अभयारण्य इसे कालाटोप वन्यजीव अभयारण्य भी कहा जाता है और डलहौजी के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। यह वनस्पति और जीवों से काफी समृद्ध है और इसकी प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को अपनी तरफ बेहद आकर्षित करती है।

बकरोटा हिल्स:


बकरोटा हिल्स इसे अपर बकरोटा के नाम से भी जाना जाता है, यह डलहौज़ी का सबसे ऊँचा इलाका है यह खज्जियर के रास्ते की तरफ पड़ती है। यह क्षेत्र चारों तरफ से देवदार के पेड़ों और हरी-भरी पहाड़ियों से घिरा हुआ है।

सुभाष बावली:




सुभाष बावली डलहौजी में गांधी चौक से 1 किमी दूर स्थित एक ऐसे जगह है जिसका नाम प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखा गया। यहाँ पर सुभाष चंद्र बोस 1937 में स्‍वास्‍थ्‍य की खराबी के चलते आये थे और 7 महीने तक रहे थे।

गंजी पहाड़ी:


गंजी पहाड़ी पठानकोट रोड पर डलहौजी शहर से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक सुंदर पहाड़ी है। इस पहाड़ी पर वनस्पतियों की अनुपस्थिति के कारण इसे गंजी पहाड़ी बोला गया। यह पहाड़ी एक पसंदीदा पिकनिक स्थल स्थल है।

डलहौजी कैसे पहुंचे How To Reach Dalhousie:


डलहौजी, दिल्ली से 563 , अमृतसर से 191 , चंबा से 56 और चंडीगढ़ से 300 किमी. की दूरी पर है। निकटतम एयरपोर्ट पठानकोट डलहौजी से 80 किमी. व कांगड़ा का गग्गल हवाई अड्डा निकटतम दूरी पर है। ट्रेन के लिए पठानकोट रेलवे स्‍टेशन नजदीक है । बस से आने वालों को दिल्‍ली या चंडीगढ़ से बस मिल जाएगी।

हवाई जहाज से डलहौजी पहुंचने के लिए कांगड़ा में गग्गल हवाई अड्डा 13 किमी , चंडीगढ़ 250 किमी, अमृतसर 205 किमी ।

डलहौजी का सबसे निकटतम रेल स्टेशन पठानकोट है। जो इस पहाड़ी शहर से 80 किमी दूर स्थित है और भारत के विभिन्न शहरों, जैसे दिल्ली, मुंबई और अमृतसर से कई ट्रेनों के माध्यम से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

डलहौजी सड़क मार्ग की मदद से आसपास के प्रमुख शहरों और जगहों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। हिमाचल राज्य बस सेवा और लक्जरी कोच डलहौजी को आसपास की सभी प्रमुख जगहों और शहरों से जोड़ते हैं।

September 12, 2018

khajjiar , Himachal Pradesh खज्जियार ,हिमाचल प्रदेश

khajjiar , Himachal Pradesh खज्जियार ,हिमाचल प्रदेश

खज्जियार, हिमाचल प्रदेश


भारत का मिनी स्विट्जरलैंड


खज्जियर हिमाचल प्रदेश का ख़ूबसूरत पहाड़ी पर्यटन स्थल है। चीड़ और देवदार के ऊँचे-लंबे, हरे-भरे पेड़ों के बीच बसा खज्जियार जिसे भारत का 'मिनी स्विटजरलैंड' भी कहते हैं। यह हिमाचल प्रदेश की चम्बा बेली में स्थित है ।

घने चीड़ और देवदार जंगलों से घिरा हुआ एक छोटा सुरम्य तश्तरी-आकार का पठार ,खज्जियार आने के लिए चंबा या डलहौज़ी से आधा घंटे का समय लगता है। एक हरी भरी चीड़ और देवदार के पेड़ों से घिरी हुई छोटी और अतिमनमोहक पिकनिक स्पॉट जिसे देखने दूर दूर से लोग आते हैं ।



एक ऐसा पर्यटन स्थल जो छोटा जरूर है मगर जिसकी लोकप्रियता बड़े बड़े हिल स्टेशन को भी मात देती नजर आती है ।

तश्तरी के आकार का खज्जियार का मैदान जो हरी भरी घास और बीच मे छोटी सी झील से सुसज्जित है आगंतुकों को एक विशाल और लुभावनी छटा का अनुभव देता है ।

 

खज्जियार लोकप्रिय खजजी नागा मंदिर के लिए प्रसिद्ध है जिसे सर्प देव को समर्पित किया गया है, जहां से माना जाता है कि यह नाम व्युत्पन्न हुआ है। यह मंदिर 10 वीं शताब्दी पूर्व का है, छत और लकड़ी के खूटी पर अलग-अलग पैटर्न और छवियां बनी है।

खज्जियार को आधिकारिक तौर पर 7 जुलाई, 1992 को स्विस राजदूत द्वारा 'मिनी स्विटरजरलैंड' के नाम से नवाजा गया था ।

खज्जियार पठानकोट रेलवे स्टेशन से लगभग 95 किमी और जिला कांगड़ा में गगल हवाई अड्डे से 130 किलोमीटर दूर है।



खज्जियार लोकप्रिय खजजी नागा मंदिर के लिए प्रसिद्ध है जिसे सर्प देव को समर्पित किया गया है, जहां से माना जाता है कि यह नाम पड़ा है ।

इसके अलावा पास ही शिव और हडिम्बा देवी के अन्य मंदिर भी हैं। भगवान शिव की अति विशाल मूर्ति के दर्शन का लाभ अवश्य लें 85 फुट की भगवान शिव की यह प्रतिमा अद्भुत और भव्य नजर आती है ।



एडवेंचर पसंद पर्यटकों के लिए भी पैराग्लाइडिंग, जॉर्बिंग, हॉर्स राइडिंग इत्यादि प्रमुख एडवेंचर उपलब्ध हैं ।

यहाँ जाने वाले पर्यटकों को बताना चाहेंगे क्योंकि डलहौजी बहुत ही नजदीक है तो डलहौजी , कालाटोप, डैन कुंड पीक, पंचपुला जैसी रमणीक हिल स्टेशन पॉइंट्स जाकर देखना ना भूलें ।

आसपास की रमणीक पहाड़ियों का लुत्फ उठाएँ , बच्चों के साथ हैं तो खज्जियार लेक गार्डन में मस्ती कर सकते हैं ।



 

कैसे पहुँच सकते हैं?



  • निकटतम हवाई अड्डा पठानकोट में है जो की खज्जियार से 95 किलोमीटर दूर है। कांगड़ा हवाई अड्डा लगभग 130 किमी, अमृतसर 220 किलोमीटर हैं।

  • निकटतम रेलवे स्टेशन भी पठानकोट ही है जो की खज्जियार से 95 किलोमीटर दूर है।

  • बस द्वारा आने के लिए हिमाचल परिवहन निगम की बस सेवाएं पुरे प्रदेश में मुख्य बस अड्डो जैसे शिमला,सोलन, काँगड़ा,धर्मशाला और पठानकोट एवं आसपास के राज्यों से चलती हैं।

  • टैक्सी सेवा से भी आप खाज्जिअर और आसपास का भ्रमण कर सकते हैं।

September 10, 2018

वो सुहानी यादें -4

क्या आपने बचपन में तीन पहिए वाली लकड़ी की गाड़ी पकड़कर चलना सीखा या किसी बच्चे को चलते देखा है ?


तब वॉकर नहीं थे साहब चलना सीखने को बच्चों को वो तीन पहिए की गाड़ी फेमस थी , जो आजकल भी कहीं कहीं बिकती तो है पर लेने वाले नहीं मिलते ।

जो पालना आप बाजार से खरीदकर बच्चों को झुलाते हो , क्या आपने कभी देखा है गांव में एक छोटी चारपाई जिसे खटोला कहते हैं उसके चार पाए को रस्सी से बांधकर उसी को पालना बनाकर माँ अपने बच्चे को रस्सी से झुलाती हुई ।


वो साइकिल के पहिए से निकले खराब टायर को छोटी सी लकड़ी का टुकड़ा लेकर दौड़ाना , और देखना चल किसकी गाड़ी आगे निकलती है ।

एक खेल था शायद बहुतों ने नाम भी न सुना हो 'हुर का दंड' ये खेल सिर्फ और सिर्फ गाँव में ही खेला जाने वाला खेल था जो विलुप्त से हो गया , क्योंकि इसे खेला जाता था जहाँ पेड़ अधिक हों , एक बच्चा एक लकड़ी ( दंड) को अपनी टाँगों के नीचे से फेंकता था और उस सहित बाकी सभी आसपास के पेड़ों पर चढ़ जाते थे , जिस पर दांव होता था उसे किसी भी एक बच्चे को छूना होता था पर शर्त ये थी कि उसे उस फेंकी हुई लकड़ी की हिफाजत भी करनी होती थी यानी वो किसी एक को छूने गया दूसरे ने पेड़ से उतर कर लकड़ी ले ली तो फिर से दांव उसी पर और लकड़ी तक किसी के पहुँचने में वो छू लिया तो दांव दूसरे पर ।


हालांकि अन्य भी कई खेल धीरे धीरे विलुप्ति की कगार पर हैं जैसे कंचा गोली , गुल्ली डंडा, छान छान चलनी आदि


चोर सिपाही और सामूहिक रस्सी कूद व लँगड़ी टांग भी अब लगभग खत्म से हैं ।


सावन के महीने में किसी भी गाँव मे जाते थे तो शायद ही किसी पेड़ की मजबूत डाली होती थी जिस पर झूला न पड़ा हो । क्या छोटे बच्चे, बच्ची और क्या उस गाँव की बड़ी बेटियां जो सावन में मायके आई हुई होती थीं मिलकर झूले का लुत्फ उठाते थे , साथ साथ गाने भी गाए जाते थे एक गाना तो बड़ा फेमस था ''झूला तो पड़ गए , अमुआ की डाल पे जी" ।


आज के समय में कहीं भी जाओ झूले तो शायद मिल जाएं एक दो जगह पर वो आपसी तालमेल वो हँसी ठिठोली वो मस्ती अब वो बात नहीं ।

आपने देखे हों या न देखे हों पर पुराने समय में मेले भी बहुत ही मस्त हुआ करते थे आधुनिक कुछ नहीं था । झूला जिसे लोग रहँट भी बोलते थे लकड़ी का बना हुआ जिसे झूले वाले धक्के देकर ही चलाते थे ।


मेले की पहचान जलेबी हुआ करती थी मतलब मेले गए और जलेबी न खाई या घर न लाए तो कैसा मेला ? बच्चों के लिए मेले में जाना और खिलौने न लाना ऐसा कैसे हो सकता है पर जरा ध्यान दीजिए खिलौने ज्यादातर लकड़ी और मिट्टी के बने हुए ही मिलते थे ।


इन खिलौनों में जैसे जान होती थी , आजकल बच्चे नए नए आधुनिक खिलौनों जो रिमोट से चलते हैं उनसे भी उतने खुश नहीं होते जितना वो मिट्टी और लकड़ी से बने खिलौने उस समय बच्चों को मनोरंजन देते थे । लड़कियों की वो घर में ही कपड़ों से बनी गुड़िया गुड्डा तो कमाल थे बस पूछिए मत ...


वो दिन भी क्या दिन थे


                     ........ क्रमशः


..वो सुहानी यादें 1 पढ़ें

September 09, 2018

वो सुहानी यादें -3

क्या आपके समय की बात है ?


जब कैमरे में एक रील ड़ाला जाता था जिसमें मात्र 36 फोटो ही खींचे जा सकते थे , किसी भी प्रोग्राम के फोटो लेने में फोटोग्राफर को कुछ लाइन कई कई बार और कई लोगों से सुननी पड़ती थीं जैसे "यार फ्लैश मारकर तो खुश नहीं कर दिया" और "कैमरा में रील तो डाली है ना , भूल तो नहीं गया "


साहब उस समय पढ़ाई का बड़ा क्रेज था पढ़ाई वो भी कॉमिक्स की , किराए पर लाई जाती थीं 2 तू ला और 2 मैं लाता हूँ कल धीरू की और सोनू की बारी है , मतलब किराए पर कॉमिक्स लाकर सारे दोस्त बदल बदल कर एक ही दिन में छः सात कॉमिक्स निपटा देते थे । और अगर पढ़ाई के दिनों में कॉमिक्स के साथ पकड़े गए तो घर में भूचाल आ जाता था और शिकायत तो सभी दोस्तों के घरों तक सेकेंडो में पहुंच जाती थी , मतलब एक पकड़ा तो सब गए ।


शाम ढलते ही पढ़ाई के लिए रोशनी के साधन मिट्टी के तेल की लेम्प, और लालटेन हुआ करती थीं, थोड़ा स्टैंडर्ड अच्छा है तो पेट्रोमैक्स (गैस वाला हंडा) जिनके मेन्टल हिलने भर से या कीड़ों के टकराने से तुरंत टूट जाया करते थे , दो चार मेन्टल पहले से रखे रहते थे इसी वजह से , गर्मियों के दिन में पेट्रोमैक्स की गर्मी में पढ़ाई करना बड़ा मुश्किल था , एक तो कीड़े बहुत आते थे ऊपर से पसीने में तरबतर , और गर्मी में पढ़ाई का मतलब नींद के झोंके आना तुरंत शुरू , और फिर जिसको नींद के झोंके आ रहे उसको देख अगल बगल सबका खिलखिलाना ।


स्कूल से आते ही बस्ता फेंका खाना वाना इतना जरूरी नहीं था जितना जरूरी थी क्रिकेट , बस बहाना भर ढूँढते थे फील्ड तक पहुंचने का , जो घर से नहीं निकला उसे बुलाने दोस्त यार घर तक पहुंच जाते थे । बल्ले तो किसी किसी पर ही थे और बॉल के लिए होता था चंदा । विकेट का काम हमेशा ईंट लगाकर ही होता था , और कभी कभी तो दीवार पर लाइन बनाकर भी , जहाँ कीपर की भी जरूरत नहीं होती थी । अब खिलाडियों की संख्या विषम होने पर एक बनता था बीच का कौआ जिसे कभी कभी डबल फायदा होता था दोनों साइड से बैटिंग का और कभी कभी नंबर ही नहीं आता था । यहाँ नियम भी अपने खुद के होते थे अगर बॉल को जोर से मारा तो चौका और छक्का तो हो ही सकता था साथ साथ आउट भी संभव था अगर बॉल निषिद्ध क्षेत्र में गई मतलब आउट और अब बॉल भी वही उठाकर लाएगा ।

हादसे भी अक्सर हो ही जाते थे किसी के हाथ मे बॉल लगना तो किसी के पैर में , कभी ऊँगली चोटिल तो कभी अँगूठा । एक बार तो बाउंड्री पर खड़े छोटे बच्चे के दिल पर बॉल लगी और वो बेहोश , शॉट मारने वाले को फरार कर दिया मतलब घर भेज दिया और बच्चे को लेकर सीधा डॉक्टर पर थोड़ी टेंशन बाद में जय हो प्रभु सब ठीक हुआ, और दो दिन बाद फिर से वही सब कुछ खेल शुरू ।

घरों के सीढ़ियां न हुईं क्लास रूम हो गए , जिसे देखो सीढ़ियों पर ही पढ़ने बैठता था अपने कमरों में नहीं , अब 4 या 6 इकट्ठे बैठे हों तो पढ़ाई कैसी होगी सब जानते ही होंगे खैर हर चीज का अपना स्वाद और मजा होता है ।

हमारे दोस्त तो तहकीकात जैसे जासूसी धारावाहिक देख देख कर जासूस स्टाइल के हो गए थे कौन क्या कर रहा है, कहाँ जा रहा है , किससे किसकी दोस्ती और किससे किसकी लड़ाई सब खबरें साहब खबरी लाल के पास । और तो और ये नाम भी कोड वर्ड में लिखा करते थे । जैसे A को 1 और B को 2 , पूरे पूरे नाम कोडिंग में ।

ग्रुप लॉबी भी खूब हुआ करती थी जैसे अपने मोहल्ले में अपने ही मोहल्ले वालों को खिलाने की कोशिश फालतू लोगों की एंट्री बेन , हालाँकि एक दो को ग्रीन कार्ड भी दे रखा था जो अपनी मोहल्ले में कम और इनके मोहल्ले में ज्यादा खेला करते थे ।

अब ना तो खाली प्लाट रहे ना ही वो बड़े मैदान हर तरफ घनी बस्ती नजर आती है जिन जगहों पर चोर सिपाही खेलते खेलते जाने कहाँ कहाँ पहुँच जाते थे वहाँ गलियां और घर ही नजर आते हैं । नई पीढ़ी खेले भी तो कहाँ खेले , शहरों के हालात तो ऐसे हैं कि एक ही मैदान में पाँच या 7 क्रिकेट मैच चल रहे होते हैं मैदान के साइज के हिसाब से , एक हम थे जो बोलते थे इस मैदान पर हम खेलते हैं तुम दूसरे पर जाकर खेल लो । खेत खाली प्लॉट खाली कहीं भी ईंट लगाई खेल शुरू ।

घर के खेलों में आज की ही तरह लूडो, चेस, कैरम , चक्कन पै और चाइनीज चेकर के साथ साथ सही और कट्टा व राजा मंत्री चोर सिपाही खेलने में मजा आता था । छुपन छुपाई की बात ही कुछ और थी नाम था आस पास धप्पा ।

..............   क्रमशः

 

..वो सुहानी यादें 1 पढ़ें

September 08, 2018

वो सुहानी यादें -2

क्या आपके सामने ये सब हुआ है ?

आप सोचकर देखिए वो पुरानी यादें , मन प्रफुल्लित हो उठेगा , एक रोमांच सा जेहन में उतर आएगा । खुद ही सोचेंगे ऐसा भी हुआ था कभी , बच्चों को बताओगे तो उन्हें यकीन न आएगा ।

कम ही घरों में टीवी हुआ करती थी , टीवी वो भी ब्लैक एंड व्हाइट , दूरदर्शन के प्रसारण को देखने के लिए एंटीना एडजस्ट करना होता था , घर की छत पर एंटीना सही करने वाला एक, दूसरा बाहर खड़ा होकर निर्देश देने वाला और तीसरा टीवी पर चित्र साफ हुए या नहीं देखने वाला , आवाज छत से "आई क्या" , "अरे नहीं थोड़ा और घुमा " , "आई आई अरे पहले वाली साइड में ले थोड़ा , हाँ आ गई ", यहीं फिक्स करके उतर आ ।

 


 

सन सतासी दूरदर्शन पर रामायण का प्रसारण पूरे गांव में एक टीवी , बिजली तो कहीं कहीं थी तो टीवी बैटरी से चलती थी , बैटरी के चार्ज होने की फिक्र बैटरी वाले से ज्यादा सारे गाँव वालों को हुआ करती थी ।

याद है मामा जी का वो गाँव जहाँ ट्रैक्टर के बोनट पर रखकर उसकी बैटरी से टीवी पर रामायण का चलना और ट्रैक्टर के सामने पूरे गाँव की भीड़ एक टक निगाह टीवी पर ।

जिस दिन ट्रैक्टर खेत से आधा घंटे पहले ना पहुंचा तो सबको फिकर कहीं रामायण ना निकल जाए , बुलाने के लिए साइकिल सवार खेतों की दौड़ लगाते जुताई रुकवाकर ट्रैक्टर का वापस आना और सबका खुशी से चिल्लाना "आ गया आ गया "।

यही हालात रामायण के बाद दूरदर्शन पर रिलीज हुए दूसरे धारावाहिक महाभारत के साथ हुए । आज जब आप सोच भी नहीं सकते कि सिर्फ टीवी देखने दूसरे के घर जाना , उस समय लोग बुला लिया करते थे अरे मेरे पास व्यवस्था है आ जाना और साथियों को भी लेते आना , फॉर्मेलिटी तो जैसे थी ही नहीं कहीं , पैसा कम था पर दिल बहुत बड़े ।

समय बदला हालात बदल गए घर घर घर टीवी आ गईं , बिजली का दायरा बढ़ने लगा घरों में टीवी के साथ पंखे भी आ गए ।

वो दौर भी आया जब चन्द्रकान्ता, और शक्तिमान जैसे धारावाहिकों ने खूब लुभाया। रविवार को सुबह जल्दी तैयार होकर सीधा टीवी के सामने सुबह 7 बजे रंगोली के मधुर गानों।से शुरुआत करके धारावाहिक और कार्टून आदि लगभग 12 बजे तक और उसके बाद साप्ताहिक फ़िल्म शाम के समय , फिर से संडे का इंतजार ।

बीच बीच में कई जासूसी धारावाहिक जैसे एक दो तीन चार, सुपर सिक्स, व्योमकेश बख्शी, और तहकीकात का क्रेज बस देखने लायक होता था , तब बिजली जाने पर जिनके घरों में बैटरी होती थीं वहाँ की तरफ निकल आते थे बच्चे ।

पुराने लोगों को याद होगा गर्मियों में छत पर सोने के लिए पहले से दो बाल्टी पानी डालकर आना जिससे छत थोड़ा ठंडी हो जाए , और अपनी अपनी जगह निश्चित कर लेना कि कौन कहाँ सोएगा , बच्चे बच्चे एक साइड बड़े बड़े एक साइड , छत से मिली छत , अड़ोसी पड़ोसी से गप शप के बाद सुकून भरी नींद ।

आज के दौर में ऐसी हैं , कूलर हैं , किसी का छत पर जाकर सोने का मन नहीं होता , प्राइवेशी नाम के एक शब्द ने तो एक दूसरे के पास जाना ही कम कर दिया है ।

उस समय में डॉट फोन सिर्फ अपने नहीं पूरे मोहल्ले के नंबर हुआ करता था , पी पी नंबर देने में भी लोग अपने आप पर गर्व करते थे और रिश्तेदारों को बोल देते थे जब भी जरूरत हो फोन कर लेना ।

फोन आते भी थे और फिर एक बच्चा दौड़कर बुलाने जाता था अंकल जी आपका फोन आया है , जल्दी आओ वो 5 मिनट बाद फिर से करेंगे । और आज आदमी मोबाइल लेकर भी दूसरे से बात कराने न जाए , लगभग हर घर मे मोबाइल हैं और कुछ घरों में लगभग हर हाथ मे मोबाइल हैं ।

 


 

किसी भी बड़े फंक्शन या पार्टी के समय रात में दुकान वाले से VCR बुक करके आना वो भी कलर टीवी के साथ और एक साथ तीन या चार फिल्मों की कैसेट । पूरा कमरा भीड़ से ठसा ठस । फिर भी और लोगों के समाने की जगह दिल मे बहुत थी ।

 


 

रेडियो पर प्रसार भारती , गानों से पहले बताना कि इस गाने की फरमाइश की है बबलू, गुड्डू , गुड़िया और साथियों ने । कई घरों में टेप रिकॉर्डर पर बजते गाने , कैसेट में छाँट छाँट कर गाने रिकॉर्ड करा के लाना । यहां तक कि आपस मे कुछ समय के लिए कैसेटों का अदल बदल भी हुआ करता था ।


और भी बहुत कुछ .

...... क्रमशः

..वो सुहानी यादें 1 पढ़ें

September 07, 2018

वो सुहानी यादें -1

कुछ धुंधला धुंधला सा याद है सब कुछ जो गुजर गया । याद हैं कुछ मीठी मीठी सी बातें और कुछ कड़वे से पल जो भूल जाना ही बेहतर है । यादें तो अच्छी संजोना ही अच्छा लगता है ।

जिए हैं हमने वो लम्हे जो आने वाले भविष्य में लोग शायद ना ही जी पाएँगे , देखें हैं वो माहौल जो उनको नसीब न हो पाएँगे ।

जी हाँ हम अस्सी के दशक में जन्मे और गाँव से जुड़े कस्बो और शहर में रहने वाले वे लोग जिन्होंने हर तरह की जिंदगी को करीब से देखा है । देखी हैं वो खुशिया वो माहौल वो प्यार वो दुलार जो आज के रिश्तों में दिखाई ही नहीं देता ।

वो दिन भी क्या दिन थे साहब पैसा कम था खुशियाँ ज्यादा , गाँव में बिजली तो नहीं थी मगर सुकून बड़ा था , परेशानियां बहुत थीं मगर इंसान आज से ज्यादा सुखी था ।

आज भी याद है वो बचपन जब गर्मी की छुट्टियों का इंतजार सभी बच्चों को होता था , जाना होता था अपने गांव या नानी के घर । और ये इंतजार हमें ही नहीं उनको भी होता था जिनके पास हम जाने वाले होते थे ।

और छुट्टियां खत्म होते होते फिर से आपस में सभी कजिन के वादे अगली छुट्टियों में फिर से यहीं मिलेंगे । फोन तो थे नहीं तब तो पहले ही मिलने की प्लानिंग हो जातीं थीं और घर वाले कहीं भी जाएं मगर हमें वहीं जाने दें जहां हमें मजा आता है जिद मतलब जिद ।

आज हालात कुछ ऐसे हैं कि 1 घण्टे बिजली ना आए तो तुरंत परेशानी होने लगती है इन्वर्टर है मगर बिजली आने का इंतजार है बच्चों को बिना ऐसी नींद नहीं आती और बच्चे गाँव जाना पसंद ही नहीं करते ।

उनका तो चलता है बस कार्टून , कैरम, लूडो वो भी लिमिटेड पेरेंट्स खेलने दें तब ना । सभी पैरेंट्स को बच्चा क्लास में पहले नंबर पर चाहिए ।

एक समय था , कक्षा में पास होना होता था मतलब पास बस  , न तो मोटी मोटी किताब कॉपी थीं न इतना भारी बस्ता , माँ बाप की अभिलाषा जरूर होती थी कि हमारा बच्चा पढ़े मगर ऐसी जिद न होती थी कि मार्क्स कितने आएं ।

पढ़ाई की शुरुआत होती थी पहले एक लकड़ी की पट्टी को काला घोंटा करके उस पर खड़िया से अ आ इ ई लिखने से जिसे ओलम कहा जाता था । काली लकड़ी की घोंटा लगी पट्टी लेकर जाते थे।

गाँव के स्कूल के विद्यार्थी ओर साथ ले जाते थे बैठने को एक बोरी । कुर्सी बस मास्टर साहब के लिए ही हुआ करती थी । उस काली पट्टी पर खड़िया गीली कर धागे से सीधी लाइन बनाना और फिर लिखना ।

अंग्रेजी के A और B यो पता भी नहीं होते थे । पढ़ाई की आवाज तो स्कूल से 100 मीटर दूरी पर सुनाई पड़ जाए , छोटे अ से अनार बड़े आ से आम छोटी इ से इमली और बड़ी ई से ईख , कोई दूर से भी समझ ले कि यहाँ क्लास लग रही है ।

 


 

थोड़ा स्तर बढ़ा तो स्लेट और चौक से पढ़ाई जारी रही , मास्टर जी के हाथ मे डंडा होता था जो सिर्फ दिखाने को नहीं सजा बदस्तूर देता था और किसी को उस सजा पर आपत्ति भी नहीं थी । सर्दियों में मास्टर जी धूप के खुले मैदान में तो गर्मियों में पेड़ की छांव में क्लास लगाया करते थे ।



बात अगर अच्छे स्कूलों की करें तो उनमें कक्षा कमरों में लगती थीं और बैठने को सुतली से बनी टाट की पट्टियाँ स्कूल द्वारा ही मुहैया कराई जाती थीं , क्लास में दीवार पर एक जगह को काला करके बोर्ड बना होता था और मास्टर जी के पास चोक और डस्टर ।  बच्चों को लाने ले जाने के लिए स्कूल रिक्शों का इंतजाम अच्छे स्कूलों में ही होता था ।

अंग्रेजी की पढ़ाई यूपी बोर्ड में कक्षा 6 से शुरू होती थी जबकि कक्षा 5 और कक्षा 8 के बोर्ड के पेपर हुआ करते थे । और ये बोर्ड के पेपर भी बड़े अजीब होते थे एक ही दिन में एक के बाद एक लगातार पेपर बोर्ड ना हुआ हउआ हो गया ।

पढ़ाई के साथ साथ खेल भी हुआ करते थे लंच ब्रेक में पॉपुलर खेल कबड्डी , डऊ (कबड्डी का ही दूसरा रूप) , पैदा मारना आदि मशहूर खेल थे । लड़कियों में खो खो का अपना अलग जी मजा था ।

 


 

कक्षा 8 में बोर्ड की परीक्षा पास किए हुए बच्चों को एक नई बीमारी मिलती थी जो आज भी है तू कौन सी साइड लेगा साइंस साइड या आर्ट साइड जिसे समझ न आने पर ऑक्साइड बोलते थे बच्चे क्योंकि पेरेंट्स उतने पढ़े तो नहीं यह आज की बात अलग है शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है

...... क्रमशः

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September 06, 2018

भारत बंद 6 सितंबर SCST Act के विरोध में

भारत बंद 6 सितंबर SCST Act के विरोध में

6 सितंबर भारत बंद


माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने SCST Act के दुरुपयोग को देखते हुए , एक न्याय की बात रखी कि SCST Act तो ठीक है परंतु उसके तहत निर्दोष लोगों को प्रताड़ना न झेलनी पड़ी अतः पहले जाँच की कार्यवाही करके दोषी को जेल भेज दिया जाए , जिसके विरोध में SCST के संगठनों ने भारत बंद का आव्हान किया ।


सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरुद्ध जाकर भाजपा की  मोदी सरकार ने वोट बैंक को देखते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध जाकर कानून पास किया जो और भी अधिक कड़ा कर दिया गया । जिसकी वजह से तुरंत ही इसके दुरुपयोग के कुछ मामले मीडिया में आ गए ।


सामान्य वर्ग, ओबीसी वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग आदि ने इस कानून को काला कानून करार दिया जिसके कारण किसी भी निर्दोष को आसानी से महीनों के लिए उसकी बेगुनाही साबित करने तक जेल में रहना पड़े , इसी कानून के विरोध में विभिन्न संगठनों ने 6 सितंबर 2018 को शांतिपूर्ण ढंग से भारत बंद का आव्हान किया ।


भारत बंद में शहरों के अलावा छोटे कस्बा भी शामिल हुए , कुछ एक जगह पर लोगों में आपसी झड़प भी देखने को मिलीं ।


कुल मिलाकर भारत के उत्तरी राज्यों में भारत बंद पूर्ण रूप से सफल दिखाई दिया । भाजपा के मंत्री , प्रतिनिधि , व अन्य नेता सरकार के इस कानून पर असहज महसूस कर रहे हैं ।


हालांकि लोगों के बीच मोदी के खुद को पिछड़ा बोलने की चर्चा जोर पकड़ रही है , अब लोग कहने लगे हैं कि मोदी ने पिछड़ा होने की वजह से जानबूझ कर SC ST Act में सामान्य वर्ग की अनदेखी कर पक्षपात का कार्य किया है ।


इस मुद्दे पर कोई भी विपक्षी दल खुलकर सामान्य वर्ग के साथ आने के मूड में नहीं दिखाई दिया क्योंकि उनको भी पिछड़ा वोट बैंक खिसकने का खतरा दिखाई दे रहा है । हालाँकि काँग्रेस सहित सभी विपक्षी पार्टी घुमा फिराकर मोदी सरकार को इस मुद्दे पर  घेरने में जुटी रहीं ।


बात उठी है तो दूर तक जाएगी , बात आर्थिक आधार पर आरक्षण तक आएगी ।


लगभग सभी व्यापारी संगठनों ने बन्द का खुला समर्थन करते हुए बाजार बन्द रखे ।


बन्द का आव्हान करने वाले संगठनों ने बंद को पूर्ण सफल घोषित करते हुए , भविष्य में काले कानून के विरुद्ध लड़ाई लड़ते रहने का फैसला किया है ।

September 04, 2018

What is bipartite settlement

What is bipartite settlement

What is the bipartite settlement?


Salary is very important  for on job working person. and Everybody wants increment in salary on a regular interval.

Just like pay commission in central government jobs in Banks there is another option called bipartite settlement.

In the public sector banks wage revision takes place on the basis of bipartite settlement.

This settlement takes place between Indian Banks Association (IBA) and United Forum of Bank Unions (UFBU).

IBA is representing bank managements on behalf of government while UFBU is representing bank employees.

It will take place after every five years.

11th Bipartite settlement is due since November 2017 .