February 27, 2019

क्या होता है अगर युद्ध में पकड़ा जाए सैनिक

क्या होता है अगर युद्ध में पकड़ा जाए सैनिक

युद्ध के दौरान यदि कोई सैनिक दूसरे देश की सीमा के अंदर पकड़ा जाता है तो उस पर किस तरह कार्यवाही की जाती है ?





द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद युद्ध के दौरान पकड़े गए सैनिकों को लेकर एक संधि की गई जिसे जिनेवा समझौता भी कहा जाता है ।





युद्धबंदी (POW) prisoner of war को लेकर कई नियम बनाए गए जिसे हस्ताक्षर करने वाले सभी देशों को मानना होता है ।





जिनेवा सम्मेलनों में चार संधियां और तीन अतिरिक्त प्रोटोकॉल (मसौदे) शामिल हैं जो युद्ध के मानवीय उपचार के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के मानकों को स्थापित करते हैं।





मानवता को बरकरार रखने के लिए पहली संधि 1864 में हुई थी।  इसके बाद दूसरी और तीसरी संधि 1906 और तीसरी 1929 में हुई ।





द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1949 में 194 देशों ने मिलकर चौथी संधि पर हस्ताक्षर किए ।





चौथे जिनेवा सम्मेलन 1949 के अनुच्छेदों में बड़े पैमाने पर कैदियों के युद्धकालीन बुनियादी अधिकारों को परिभाषित किया गया ।





युद्ध के दौरान भी मानवीय मूल्यों को बनाए रखने के लिए जेनेवा समझौता हुआ था। इसमें युद्धबंदियों के अधिकार तय किये गये हैं।





उसके खिलाफ मुकदमा भी इन्हीं नियमों के तहत चलाया जा सकता है। युद्धबंदी को लौटाना भी होता है।





जेनेवा समझौते के तहत किसी युद्धबंदी के साथ अमानवीय बर्ताव नहीं किया जा सकता है।





युद्ध बंदी को डराया-धमकाया नहीं जा सकता है। उसे किसी तरह से अपमानित नहीं किया जा सकता है।





1971 की लड़ाई में पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों को भारत ने युद्धबंदी बना लिया था। जिन्हें बाद में सुरक्षित छोड़ दिया गया था।





कारगिल युद्ध के दौरान फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता  पाकिस्तान में उतरे और पाक सेना द्वारा उन्हें पकड़ने के बाद वापस आए थे ।





जिनेवा संधि के तहत युद्धबंदी से कुछ पूछने के लिए उसके साथ जबरदस्ती नहीं की जा सकती। उनके खिलाफ धमकी या दबाव का इस्तेमाल नहीं हो सकता।





पर्याप्त खाने और पानी का इंतजाम करना उन्हें बंधक रखने वालों की जिम्मेदारी होगी।





साथ ही सैनिकों को कानूनी सुविधा भी मुहैया करानी होगी। ज





इस संधि के तहत घायल सैनिक की उचित देखरेख की जाती है ।





किसी देश का सैनिक जैसे ही पकड़ा जाता है उस पर ये संधि लागू होती है ।





युद्धबंदी की जाति, धर्म, जन्‍म आदि बातों के बारे में नहीं पूछा जाता ।


February 21, 2019

क्या है धारा 370 ?

क्या है धारा 370 ?

धारा 370 (article370)भारतीय संविधान का एक विशेष अनुच्छेद है जिसके द्वारा जम्मू एवं कश्मीर राज्य को भारत मे अन्य राज्यों के मुकाबले विशेष दर्ज़ा प्राप्त है।





यह धारा भारतीय राजनीति में बहुत विवादित रही है, इसे जम्मू कश्मीर में व्याप्त अलगाववाद के लिये जिम्मेदार माना जाता है इसे समाप्त करने की माँग समय समय पर उठती रही है ।





अनुच्छेद 370 (article370) जवाहरलाल नेहरू के विशेष हस्तक्षेप से तैयार किया गया था।





धारा 370 (article370) के प्रावधानों के अनुसार, संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है लेकिन किसी अन्य विषय से सम्बन्धित क़ानून को लागू करवाने के लिये केन्द्र को राज्य सरकार का अनुमोदन चाहिये।





इसी विशेष दर्ज़े के कारण जम्मू-कश्मीर राज्य पर संविधान की धारा 356 लागू नहीं होती। जिसकी वजह से राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्ख़ास्त करने का अधिकार नहीं है।





370 की वजह से भारत के दूसरे राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में ज़मीन नहीं ख़रीद सकते।





जम्मू कश्मीर राज्य को इसके अंतर्गत ये विशेष अधिकार मिले:





1.जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है।





2.जम्मू-कश्मीर का राष्ट्रध्वज अलग होता है।





3.जम्मू - कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है जबकि भारत के अन्य राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।





4.जम्मू-कश्मीर के अन्दर भारत के राष्ट्रध्वज या राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान अपराध नहीं होता है।





5.भारत के उच्चतम न्यायालय के आदेश जम्मू-कश्मीर के अन्दर मान्य नहीं होते हैं।





6.भारत की संसद को जम्मू-कश्मीर के सम्बन्ध में अत्यन्त सीमित क्षेत्र में कानून बना सकती है।





7.जम्मू-कश्मीर की कोई महिला यदि भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से विवाह कर ले तो उस महिला की नागरिकता समाप्त हो जायेगी। इसके विपरीत यदि वह पकिस्तान के किसी व्यक्ति से विवाह कर ले तो उसे भी जम्मू-कश्मीर की नागरिकता मिल जायेगी।





8.धारा 370 (article370) की वजह से कश्मीर में आरटीआई (RTI) और सीएजी (CAG) जैसे कानून लागू नहीं होते है।





9.कश्मीर में महिलाओं पर शरियत कानून लागू है।





10.कश्मीर में पंचायत को अधिकार प्राप्त नहीं है।





11.कश्मीर में चपरासी को 2500 रूपये ही मिलते है





12. कश्मीर में अल्पसंख्यकों [हिन्दू-सिख] को 16% आरक्षण नहीं मिलता।





13. धारा 370 (article370) की वजह से कश्मीर में बाहर के लोग जमीन नहीं खरीद सकते हैं।





14. धारा 370 (article370) की वजह से ही कश्मीर में रहने वाले पाकिस्तानियों को भी भारतीय नागरिकता मिल जाती है।





धारा 370 (article370) में अब तक कुछ संशोधन भी हुए हैं
संशोधित किये हुये प्रावधान इस प्रकार के हैं-





1954 में चुंगी, केंद्रीय अबकारी, नागरी उड्डयन और डाकतार विभागों के कानून और नियम जम्मू-कश्मीर को लागू किये गये।





1958 से केन्द्रीय सेवा के आई ए एस तथा आय पी एस अधिकारियों की नियुक्तियाँ इस राज्य में होने लगीं। इसी के साथ सी ए जी (CAG) के अधिकार भी इस राज्य पर लागू हुए।





1959 में भारतीय जनगणना का कानून जम्मू-कश्मीर पर लागू हुआ।





1960 में सर्वोच्च न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के निर्णयों के विरुद्ध अपीलों को स्वीकार करना शुरू किया, उसे अधिकृत किया गया।





1964 में संविधान के अनुच्छेद 356 तथा 357 इस राज्य पर लागू किये गये। इस अनुच्छेदों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में संवैधानिक व्यवस्था के गड़बड़ा जाने पर राष्ट्रपति का शासन लागू करने के अधिकार प्राप्त हुए।





1966 में लोकसभा में प्रत्यक्ष मतदान द्वारा निर्वाचित अपना प्रतिनिधि भेजने का अधिकार दिया गया। तथा जम्मू-कश्मीर की विधानसभा ने अपने संविधान में आवश्यक सुधार करते हुए- ‘प्रधानमन्त्री’ के स्थान पर ‘मुख्यमन्त्री’ तथा ‘सदर-ए-रियासत’ के स्थान पर ‘राज्यपाल’ इन पदनामों को स्वीकृत कर उन नामों का प्रयोग करने की स्वीकृति दी।





‘सदर-ए-रियासत’ का चुनाव विधानसभा द्वारा हुआ करता था, अब राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होने लगी।





1968 में जम्मू-कश्मीर के उच्च न्यायालय ने चुनाव सम्बन्धी मामलों पर अपील सुनने का अधिकार सर्वोच्च न्यायालय को दिया।





क्या हट सकती है धारा 370 (article370) ? :





जबाब है हाँ





धारा 370 (article370) में ही उसके सम्पूर्ण समाप्ति की व्यवस्था बताई गयी है। धारा 370 (article370) का उप अनुच्छेद 3 बताता है कि ‘‘पूर्ववर्ती प्रावधानों में कुछ भी लिखा हो, राष्ट्रपति प्रकट सूचना द्वारा यह घोषित कर सकते है कि यह धारा समाप्त की जा सकती है।"


मोदी सरकार द्वारा अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 (article370) समाप्त कर दिया गया है ।


धारा 370 सबसे अधिक चर्चा में

धारा 370 सबसे अधिक चर्चा में

पुलवामा आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश फैला हुआ है । अपने शहीदों को विदाई और श्रद्धांजलि देने के बाद अब सिर्फ बदले की बात हर किसी की जुबान पर है ।





कश्मीर में आतंकियों पर कार्यवाही के समय एक बार फिर सैनिकों पर पत्थर बाजी की घटनाओं के बाद अब शोशल मीडिया पर हर व्यक्ति की एक ही पोस्ट नजर आ रही है कि धारा 370 को हटाया जाए ।





गौरतलब है कि इसी 370 के कारण भारतीय लोग वहाँ बस नहीं पाते और कश्मीर में पिछड़ेपन की हदें पार होती जा रही हैं वहाँ रहने वाले अलगाववादी तत्व युवाओं को भारत के प्रति हिंसा के लिए प्रेरित करते हैं ।





ऐसे में लोगों का सोचना है कि जब भारतीय वहां रहने और बसने लगेंगे तो कुछ हद तक आसपास बसने वालों में देश के प्रति व्यवहार में बदलाव अवश्य आएगा ।





इस बीच राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने भी केंद्र सरकार से मांग की कि वह इस हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करे ।





कल्याण सिंह जी ने कहा कि अब समय आ गया है जब केंद्र की सरकार धारा 370 को हटाने को लेकर फैसला करे इसकी वजह से ही अलगाववादी नेता देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा पैदा करते रहते हैं ।





कल्याण सिंह के साथ राजस्थान के सैनिक कल्याण मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी केंद्र सरकार से जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने की मांग की है।





खाचरियावास ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि केंद्र सरकार अनुच्छेद 370 को हटाए ।





झुंझुनूं जिले के टीबा खेतड़ी गांव में शहीद श्योराम को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मंत्री ने कहा कि राजग सरकार को अनुच्छेद 370 को हटाना चाहिए। केंद्र द्वारा इस बारे में फैसला किए जाने का यह सही समय है।





सरसरी निगाह डालें तो आजकल शोशल मीडिया पर हर चौथा पोस्ट धारा 370 हटाने के लिए जो रहा है ।





370 के अलावा पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए, उसके खिलाफ युद्ध छेड़ना चाहिए, बलूचिस्तान को आजादी दिलाने में मदद करनी चाहिए , ये सारी पोस्ट भी जोर पकड़ रही हैं ।





एक तरफ जहाँ सभी 370 हटाने की माँग कर रहे हैं तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी जी से आस लगा रहे हैं , मोदी की एक पुरानी फोटो 370 के लिए आंदोलन की वायरल हो रखी है ।





लोगों ने ये भी लिखा है कि CM मोदी PM मोदी से अलग थे बेबाक थे । फोटो पर तीखी टिप्पणी भी देखी गईं । सभी की निगाह मोदी जी पर टिकी हुई है ।





फेसबुक पर पोस्ट है कि अधिक से अधिक 370 को हटाने के बारे में लिखें सरकार तक बात जरूर पहुंचेगी ।





तो एक पोस्ट में लिखा है मोदी जी रैली करने की जरूरत नहीं सिर्फ 370 हटा दो फिर देखो पिछली बार से अधिक सीटें गारंटी से ले लो ।





हालांकि सरकार की तरफ से इस मुद्दे पर कोई बात अभी तक सुनाई नहीं दे रही । इंतजार है मोदी जी इस मुद्दे पर कुछ बोलते हैं या नहीं ।


February 17, 2019

क्या हो रहा है पाक पर एक्शन ?

क्या हो रहा है पाक पर एक्शन ?

पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान परस्तों पर क्या एक्शन लिए जा रहा है आइए देखते हैं एक नजर में





अलगाववादियों की सुरक्षा छिनी :





केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा था कि पाकिस्तान और आईएसआई से आर्थिक मदद लेने वालों की सरकारी सुरक्षा पर भी नए सिरे से विचार किया जाएगा ।





इसी बयान के बाद अब हुर्रियत नेताओं से सुरक्षा छीने जाने की खबर आई है





राजनाथ सिंह ने कहा था ‘’पाकिस्तान और आईएसआई से पैसा लेने वाले कुछ लोग कश्मीर में हैं । इन लोगों को मिली सुरक्षा पर पुनर्विचार किए जाने की जरूरत है । ’’





अब जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मीरवाइज उमर फारूक समेत पांच अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली है ।





इनमें फारूक के अलावा शबीर शाह, हाशिम कुरैशी, बिलाल लोन और अब्दुल गनी भट की सुरक्षा वापस ली गई है ।





अधिकारियों के अनुसार इन पांच नेताओं और अन्य अलगाववादियों को किसी भी चीज की आड़ में सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाएगी ।जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यह कदम पुलवामा आतंकी हमले के बाद उठाया है ।





पाक को लाना है काली सूची में :-





भारत ने पाकिस्तान को काली सूची में डालकर इंटरनेशनल मदद रोकने की मुहिम तेज कर दी है ।





भारत पुलवामा हमले में पाकिस्तान का हाथ होने से जुड़े दस्तावेज अंतरराष्ट्रीय संस्था एफएटीएफ को देगा जिससे आतंकवाद समर्थक पाक को काली सूची में डालने की मांग की जा सके ।





अलग थलग करेंगे पाक को :





इसके अलावा हमले के बाद अब भारत ने पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर अलग-थलग करने के लिए काम शुरू कर दिया है ।





आयात शुल्क में बढ़ोत्तरी :





पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने शनिवार कड़ा कदम उठाते हुये पाकिस्तान से आयातित सभी सामानों पर सीमाशुल्क तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया ।





पाक से आयात होने वाली सभी वस्‍तुओं पर 200 फीसदी का सीमा शुल्‍क तत्‍काल रूप से लागू हो गया है।





वापस लिया MFN का दर्जा :





भारत सरकार ने इससे पहले पाकिस्तान को दिये गये ‘सबसे तरजीही देश’ Most Favoured Nation (MFN ) का दर्जा वापस ले लिया है ।





वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर कहा, ‘‘पुलवामा की घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान से व्यापार के लिहाज से सबसे तरजीही देश का दर्जा वापस ले लिया है । इसके बाद पाकिस्तान से भारत में आयात किए जाने वाले सभी तरह के सामान पर सीमाशुल्क तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया गया है ’।





पाकिस्तान प्रमुख तौर पर भारत को ताजे फल, सीमेंट, खनिज , अयस्क और तैयार चमड़ा निर्यात करता है ।





सीमाशुल्क में बढ़ोत्तरी से पाकिस्तान से भारत को किया जाने वाले निर्यात पर काफी बुरा असर पड़ेगा ।





और अब आज जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अलगाववादी नेताओं मीरवाइज उमर फारुक के अलावा अब्दुल घनी भट्ट, बिलाल लोन, हाशिम कुरैशी और शबीर शाह की सुरक्षा वापस ली है।


February 14, 2019

कश्मीर में आतंकियों का सबसे बड़ा हमला

कश्मीर में आतंकियों का सबसे बड़ा हमला

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा बलों के काफिले पर बड़ा आतंकी हमला हुआ है जिसमें अब तक 44 जवान शहीद हो गए जबकि 45 जवान घायल हुए हैं ।





दोपहर 3:30 बजे यह हमला सुरक्षा बलों के एक काफिले पर हुआ इस काफिले में सुरक्षा बलों की 20 से अधिक बस, ट्रक और अन्य गाडियां थीं ।





जैश आतंकी ने 350 किलो विस्फोटकों से लदी कार से सीआरपीएफ जवानों को ले जा रही बस को टक्कर मार दी । धमाका इतना जबरदस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए ।





हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान के प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने लेते हुए उस स्थानीय कश्मीरी आतंकी का वीडियो जारी किया जिसे फिदायीन बताया जा रहा है ।









खबर के मुताबिक टक्कर मारने वाली कार को जैश-ए-मोहम्मद का आतंकवादी आदिल अहमद डार चला रहा था ।आतंकी आदिल अहमद डार घाटी का ही रहने वाला था । वह पिछले साल ही आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ था ।





जिस काफिले पर हमला हुआ उसमें 2500 जवान शामिल थे जो अलग-अलग बसों ट्रकों से जा रहे थे । तभी जैश-ए- मोहम्मद के आतंकी ने स्कॉर्पियो से सीआरपीएफ के काफिले में से एक बस में टक्कर मार दी ।





खुफिया एजेंसियों को हमले की आशंका थी, 8 फरवरी को जारी अलर्ट में साफ कहा था कि कश्मीर में सुरक्षाबलों पर आतंकी IED से हमला कर सकते हैं ।





पुलवामा में सुरक्षाबलों के काफिले पर हुआ यह आत्मघाती हमला साल 2016 में उरी सेक्टर में सेना के कैंप पर हुए हमले से भी बड़ा है जिसमें 19 जवानों की मौत हुई थी ।





हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार उरी के बाद यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है, यह हमला श्रीनगर से सिर्फ 20 किलोमीटर की दूरी पर हुआ है ।









इस बीच पीएम मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सहलाहकार अजीत डोभाल से भी बात की है । हमले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने गृह मंत्रालय के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं ।





पुलवामा आतंकी हमले की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की 12 सदस्यीय टीम बनाई गई है यह टीम शुक्रवार सुबह तक विशेष विमान से घाटी पहुंचेगी ।





प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पुलवामा में सीआरपीएफ कर्मियों पर हमला कायरता है । मैं इस नृशंस हमले की कड़ी निंदा करता हूं । घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं । सेना के जवानों की शहादत जाया नहीं जाएगी ।





केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने कहा कि जवानों के खून के एक-एक कतरे का बदला लिया जाएगा।





कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हमले की निंदा करते हुए ट्वीट किया शहीदों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं । मैं घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं । उन्होंने शोक व्यक्त किया । प्रियंका गांधी ने जवानों की शहादत पर शोक व्यक्त करते हुए गुरुवार होने वाली प्रेस कॉन्फेंस स्थगित कर दी ।


February 13, 2019

फिर प्रधानमंत्री बनें मोदी : मुलायम

फिर प्रधानमंत्री बनें मोदी : मुलायम

आज लोकसभा के बजट सत्र का आज आखिरी दिन है । जिस दौरान सभी सांसद इस लोकसभा का अपना आखिरी भाषण दे रहे थे ।





तब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संरक्षक पूर्व सपा सुप्रीमो और मैनपुरी से सांसद मुलायम ने लोकसभा में कहा है कि नरेंद्र मोदी को फिर से पीएम बनना चाहिए। मुलायम ने जब यह बात कही, तब मोदी भी संसद में मौजूद थे।





मुलायम ने कहा मेरी कामना है कि यहां जितने भी सदस्य हैं, वे फिर से चुनकर आएं। हम इतना बहुमत हासिल नहीं कर सकते हैं, इसलिए प्रधानमंत्री जी आप फिर प्रधानमंत्री बनकर आएं।





मुलायम सिंह के इतना कहते ही सदन में ठहाके गूंजने लगे और तालियां बजने लगीं । आपको बता दें कि जिस समय मुलायम सिंह यादव अपना बयान दे रहे थे, तो उनके साथ यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी बैठी थीं ।





मुलायम सिंह यादव ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि हमारी कामना है कि जितने सदस्य मौजूद हैं, वह सभी जीत कर आएं । मुलायम के इतना कहते ही लोकसभा में जय श्री राम के नारे लगे ।





मुलायम सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया और वो इस प्रयास में सफल भी हुए हैं ।





सपा संरक्षक ने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार विपक्ष के लोगों को साथ लेकर चल रहे हैं। इस दौरान उन्होंने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को भी अच्छे तरीके से सदन चलाने के लिए बधाई दी ।





अब लोकसभा चुनाव होने में कम समय बचा है चुनाव के लिए सबसे बड़ी जंग उत्तर प्रदेश में ही लड़ी जा रही है ऐसे में मुलायम का यह बयान अहम है ।





उधर उनके बेटे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। अखिलेश ने मायावती के साथ मिलकर मोदी के खिलाफ प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर गठबंधन किया है।


February 11, 2019

लखनऊ में रोड शो छाई रही प्रियंका

लखनऊ में रोड शो छाई रही प्रियंका

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ लखनऊ में रोड शो किया ।





इस दौरान राहुल ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, 'अगर इस देश का कोई दिल है तो यह उत्तर प्रदेश है ।





प्रियंका गांधी लोगों के दिलो दिमाग पर छा गईं। हजरतगंज चौराहे पर स्थित महात्मा गांधी, सरदार पटेल व डॉ. अंबेडकर की मूर्तियों पर माला चढ़ाईं और कांग्रेस मुख्यालय के बाहर राजीव गांधी की मूर्ति पर भी पुष्प अर्पित किए।





लखनऊ आगमन पर रोड शो के लिए हवाईअड्डे से कांग्रेस कार्यालय तक के करीब 12 किलोमीटर मार्ग को होर्डिंगों, पोस्टरों और बैनरों से पाट दिया गया है।





होर्डिंग-बैनरों में प्रियंका को मां दुर्गा के रूप में दिखाया गया । पोस्टरों में लिखा है- 'मां दुर्गा का रूप बहन प्रियंका जी.'    





'प्रियंका जी का लखनऊ आगमन पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है। '





‘दहन करो झूठे मक्कारों की लंका, बहन प्रियंका, बहन प्रियंका.'





एयरपोर्ट से पार्टी मुख्यालय तक की पांच घंटे की यात्रा में उनकी एक झलक के लिए सड़क पर दोनों ओर बेकरार नजर आए।





आज प्रियंका ने कुछ नहीं बोला लेकिन, उनके हाव-भाव व अंदाज ने लोगों का मन मोह लिया ।





ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट किया, जन जन की यही पुकार, अब अलविदा जुमला सरकार ।





' सरकार जाने को है, बदलाव आने को है' जैसे नारे गूंजे'
प्रियंका रास्ते भर लगातार हाथ हिलाकर लोगों में जोश भरती रहीं।





लाल बाग में लोगों को संबोधित करते हुए राहुल गाँधी ने चौकीदार चोर के नारे भी लगवाए और कहा कि हम अब फ्रंट फुट पर खेलेंगे।





राहुल ने प्रदेश में नई टीम खड़ी करने का इशारा दिया । और कहा कि जमीनी कार्यकर्ताओं को ही आगे लाया जाए। हवा हवाई नेता अब नहीं चलने चाहिए। राहुल की घोषणा का प्रदेश भर से आए हजारों कार्यकर्ताओं ने तालियां बजा कर जोरदार स्वागत किया ।


वंदे भारत 15 से दौड़ेगी , इतना है किराया

वंदे भारत 15 से दौड़ेगी , इतना है किराया

वंदे भारत पूरी तरह वातानुकूलित और आरामदायक ट्रेन जिसको नई दिल्ली से वाराणसी पहुँचने में केवल आठ घंटे लगेंगे। यह केवल कानपुर और प्रयागराज में रुकेगी ।





इस सेमी हाईस्पीड ट्रेन को 15 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे ।





देश की सबसे तेज गति से दौड़नेवाली ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन -18) का किराया सामने आ गया है ।





Train 18 से सफर करने के लिए प्रीमियम ट्रेनों के किराए से ज्यादा देना होगा । यात्रियों को शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों के फेयर से 1.5 गुना ज्यादा किराया देना पड़ेगा ।





वंदे भारत एक्सप्रेस का किराया तेजस एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के जैसा होगा ।





ट्रैन 18 में दिल्ली से कानपुर के सीसी का किराया 1,150 व ईसी का किराया 2,245 होगा। दिल्ली से प्रयागराज के सीसी का किराया 1,480 व ईसी का 2,935 होगा।





कानपुर से प्रयागराज जाने वाले यात्रियों को सीसी के लिए 630 व ईसी के लिए 1,254 रुपये भुगतान करने होंगे। कानपुर से वाराणसी के लिए सीसी टिकट 1,065 व ईसी टिकट 1,925 रुपये का होगा।





दिल्ली से वाराणसी तक यात्रा की इच्छा रखने वाले लोगों को चेयर कार के लिए 1,850 रुपये और एक्जीक्यूटिव क्लास के लिए 3,520 रुपये खर्च करने होंगे।





इस किराये में खानपान सेवा शुल्क भी शामिल है।यात्रियों के लिए Train 18 का खाना ऑप्शनल नहीं होगा । केवल इलाहाबाद से वाराणसी तक का सफर करने वाले ट्रेन के खाने को हां या न कर सकेंगे ।





वंदे भारत एक्सप्रेस में चेयर कार के लिए दिल्ली से वाराणसी के बीच किराया टैक्स और केटरिंग चार्ज के साथ 1850 व वाराणसी से दिल्ली लौटने पर चेयर कार का किराया 1795 रुपये रहेगा ।





CC व EC दोनों क्लास के लिए खाने की कीमत भी अलग-अलग होगी । एग्जीक्यूटिव क्लास से नई दिल्ली से वाराणसी तक सफर करने वाले यात्रियों को सुबह की चाय, नाश्ते और लंच के लिए 399 रुपये देने होंगे । वहीं चेयर कार के यात्रियों को इन सबके लिए 344 रुपये देने होंगे ।





नई दिल्ली से कानपुर और प्रयागराज की यात्रा करने वाले लोगों को ईसी और सीसी के लिए क्रमश: 155 और 122 रुपये देने होंगे।





वाराणसी से नई दिल्ली आने वाले यात्रियों को ईसी और सीसी के लिए क्रमश: 349 व 288 रुपये बतौर खानपान शुल्क देने होंगे। जिसमें शाम की चाय, स्नैक्स और डिनर सर्व किया जाएगा ।


February 10, 2019

क्या होता है CRR और SLR

क्या होता है CRR और SLR

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीतियों की समीक्षा के दौरान इस्तेमाल किए गए शब्द CRR और SLR क्या होते हैं आइए समझते हैं :-





सीआरआर Cash Reserve Ratio  or CRR





देश में लागू बैंकिंग नियमों के तहत हर एक बैंक को अपनी कुल नकदी का एक निश्चित हिस्सा रिजर्व बैंक के पास रखना होता है ।





इसे ही कैश रिजर्व रेशियो (CRR) या नकद आरक्षित अनुपात कहते हैं ।





RBI द्वारा सीआरआर बढ़ाए जाने पर बैंकों को ज़्यादा हिस्सा रिजर्व बैंक के पास रखना होता है और उनके पास नकदी कम रह जाती है ।





इसी के विपरीत बाज़ार में नकदी बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक सीआरआर को घटा देता है ।





इससे आप समझ सकते हैं कि रिजर्व बैंक द्वारा सीआरआर में बदलाव तभी किया जाता है, जब बाज़ार में नकदी की तरलता पर कंट्रोल करने की जरूरत अधिक हो ।





ऐसा इसलिए क्योंकि रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में बदलाव की तुलना में सीआरआर में किए गए बदलाव से बाज़ार पर असर ज़्यादा समय में पड़ता है।





एसएलआर SLR





कमर्शियल बैंकों को एक खास रकम जमा करानी होती है जिसका इस्तेमाल किसी इमरजेंसी लेन-देन को पूरा करने में किया जाता है ।





आरबीआई जब ब्याज दरों में बदलाव किए बगैर नकदी की तरलता कम करना चाहता है तो वह सीआरआर बढ़ा देता है, इससे बैंकों के पास लोन देने के लिए कम रकम बचती है ।





RBI नकदी की तरलता को नियंत्रित करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है ।


February 09, 2019

पहले भारतीय बनो

पहले भारतीय बनो

क्या आप भारतीय हैं ? क्या आप अपने देश भारत को खुद से भी पहले रखते हैं ? यदि हाँ तो याद रखिए हमें अपने देश को दुनियां के सामने अलग तरीके से लाना होगा ।





एक बहुत ही पुरानी शोशल मीडिया पर छाई कहानी बताते हैं जो आपको समझाएगा कि आपको पहले भारतीय बनना होगा ।





यदि आप भारतीय बन गए अपने अहम और स्वार्थ छोड़ दिए तो देश को तरक़्क़ी और बुलंदियों पर जाने से और विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता ।





तो आइए बताते हैं वो पुरानी वायरल स्टोरी





एक विदेशी जोड़ा भारत में घूमने के लिए आयाऔर भारत मे करीब 2 सप्ताह बिताने के बाद जब अपने देश बापस पहुंचा तो वहाँ उसका एक भारतीय मूल के मित्र ने उससे पूछा "और कैसा रहा भारत का टूर ??"





उसने कहा - "वास्तव में भारत एक अद्वितीय जगह है । वहाँ रहने के दौरान मैंने खूबसूरत ताजमहल देखा, दिल्ली, मुंबई से लेकर भारत की हर वह छोटी बड़ी जगह देखी जो प्रसिद्द है।





"वास्तव में भारत केवल एक ही है, कोई दूसरा नहीं ।Incredible India , टूर का मजा ही आ गया ।"





भारतीय अपने देश की तारीफ सुनकर बहुत खुश हुआ ।





और फिर आगे पूछा "हमारे भारतीय कैसे हैं ?"





विदेशी बड़े ध्यान से देखने लगा, और काफी सोचते हुए फिर बोला "वहां तो मैंने कोई भारतीय देखा ही नहीं ।"





भारतीय पुरुष उसका मुह देखने लगा !!





उस व्यक्ति ने आगे बोला "मैं जब एअरपोर्ट पर उतरा तो सबसे पहले मेरी भेट मराठिओं से हुई, आगे बढा तो पंजाबी, हरियाणवी, गुजरती, बिहारी, तमिल और आसामी जैसे बहुत से लोग मिले ।





कहीं हिन्दू मिले तो कहीं सिक्ख, मुस्लिम और इसाई मिले…





छोटी जगहों पर गया तो बनारसी, जौनपुरी, सुल्तानपुरी, बरेलवी मिले…





नेताओं से मिला तो कांग्रेसी, भाजपाई, बसपाई, सपाई, आप वाले मिले…





गाँव में गया तो ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शुद्र मिले ।





परन्तु भारतीय तो कहीं मिले ही नही… ।"





हालाँकि यह स्टोरी सिर्फ स्टोरी है और हर कोई समझता है कि भारत मे रहने वाले भारतीय होते हैं किंतु फिर भी सोचनीय विषय है ।





वाकई हम सब एक भारतीय की तरह व्यवहार करने के बजाय अलग अलग तरीके के गुटों में बंटे हुए हैं आंदोलन आदि करके देश का नाम बदनाम करते हैं ।





हम सिर्फ अपना और अपनी कम्युनिटी का फायदा सोचते हैं पर इस सब के लिए ये नहीं सोचते कि देश का कितना बड़ा नुकसान के साथ इमेज भी खराब होती है।


February 08, 2019

क्या होता है रेपो रेट

क्या होता है रेपो रेट

जब भी भारतीय रिजर्व बैंक आर्थिक समीक्षा यानि कि क्रेटिड पॉलिसी पर बैठक करता है तब रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट जैसे शब्द सुनने में आते हैं ।





लेकिन कई लोग इन शब्दों के मतलब नहीं जानते हैं ।





तो आइए रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की आर्थिक समीक्षा नीतियों से जुड़े इन शब्दों के बारे में जानिए ।





रेपो रेट





रेपो रेट वह व्याज दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है ।





जिसका उपयोग बैंक ग्राहकों को ऋण देने में करते हैं ।





रेपो रेट कम होने से बैंक को कम व्याज पर पैसा मिलता है जिससे बैंक ग्राहकों को लोन सस्ते व्याज दर पर दे पाते हैं ।





और फिर होम लोन, व्हीकल लोन आदि की EMI कम हो जाती हैं ।





रेपो रेट में कमी या बढ़ाने का फैसला रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा बैठक में किया जाता है ।





इसीलिए जब भी RBI की समीक्षा बैठक होती है अभी आर्थिक क्षेत्र व शेयर बाजार की नजर इस पर रहती है ।





रिवर्स रेपो रेट





इसके नाम से ही साफ पता लगता है कि यह रेपो रेट से बिल्कुल उलट होता है ।





यह वह दर होती है जिस पर बैंकों को उनकी ओर से आरबीआई में जमा धन पर ब्याज मिलता है ।





रिवर्स रेपो रेट बाजारों में नकदी की तरलता को नियंत्रित करने में काम आती है।





जब कभी बाजार में बहुत ज्यादा नकदी होती है तब आरबीआई रिवर्स रेपो रेट बढ़ा देता है जिससेबैंक ज्यादा ब्याज कमाने के लिए अपनी रकम रिजर्व बैंक के पास जमा कराती हैं । जिससे नकदी वापस रिजर्व बैंक पर पहुँच जाती है ।


February 07, 2019

आपकी बैंक लोन की EMI हो सकती है कम

आपकी बैंक लोन की EMI हो सकती है कम

मॉनेटरी पालिसी की समीक्षा बैठक के बाद RBI ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती कर 6.25 फीसदी कर दिया गया है ।





अब रिवर्स रेपो रेट भी 6.0 फीसदी हो गई है ।





रेपो रेट वह व्याज दर है जिस पर RBI द्वारा बैंकों को लोन दिया जाता है । अब क्योंकि इसके रेट में कमी हुई है तो घटी हुई व्याज रेट का फायदा बैंक ग्राहकों को होम और ऑटो लोन के सस्ते होने के तौर पर मिलेगा ।





रिजर्व बैंक के अनुसार रिटेल महंगाई दर के तय लक्ष्य के दायरे में रहने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने के चलते पॉलिसी दरों में कटौती का फैसला किया गया है ।





रिजर्व बैंक की ओर से ब्याज दरों में कटौती के बाद बैंकों द्वारा भी लोन व्याज कम होने की संभावना है जिससे होम लोन और ऑटो लोन की EMI कम होने की उम्मीद बढ़ गई है।





http://www.dekhoyaar.com/rbi-reduced-repo-rate-by-25-basis-points/

एनसीआर सहित उत्तर भारत में बारिस व ओले

एनसीआर सहित उत्तर भारत में बारिस व ओले

आज दिल्ली व एनसीआर में बारिश हुई व कुछ जगह पर ओले भी गिरे । हालांकि तापमान में कुछ बढ़ोतरी दर्ज की गई परंतु इसके बाद आज दिल्ली एनसीआर में कई स्थानों पर बारिश के साथ साथ नोएडा क्षेत्र में ओले गिरे हैं ।





जैसा कि कल की खबर में पहले ही बताया गया था कि मौसम विभाग के अनुसार मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है और सर्दी बढ़ सकती है ।





उत्तर प्रदेश के भी कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे कई जगह पर हल्की बारिश और कई जगह गिरे ओलों की वजह से हवा में ठंडक बढ़ रही है ।





ओलों से पटी सड़क हुई सफेद




मौसम की खराबी के कारण आज शाम को दिल्ली में 14 डोमेस्टिक और 4 इंटरनेशनल फ्लाइट्स को डाइवर्ट कर दिया गया ।





9 फ्लाइट्स को जयपुर, 3 फ्लाइट्स को लखनऊ और 3 को अमृतसर, 2 फ्लाइट्स को वाराणसी और 1 फ्लाइट को इंदौर डाइवर्ट कर दिया गया।





कल भी मौसम की खराबी से श्रीनगर हवाई अड्डे पर आने वाली लगभग 15 उड़ानों को रद्द कर दिया गया ।





घाटी में बर्फबारी के कारण बुधवार को कश्मीर और देश के शेष हिस्सों के बीच यातायात प्रभावित हुआ है । हिमाचल में भी कई जगह बर्फबारी हुई है ।





अभी भी संपूर्ण उत्तर भारत मे बादल छाए हुए हैं और कई जगह पर बारिश की संभावना जताई गई है ।









http://www.dekhoyaar.com/snowfall-expected/

February 06, 2019

रोबर्ट वाड्रा से ED की लंबी पूछताछ

रोबर्ट वाड्रा से ED की लंबी पूछताछ

काँग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जीजा जी रॉबर्ट वाड्रा से ईडी ने आज पूछताछ की । रॉबर्ट वाड्रा को उनकी पत्नी और कांग्रेस नेता राजीव गाँधी जी की बेटी प्रियंका गांधी ईडी दफ्तर छोड़ने गईं थीं ।





प्रियंका ने रॉबर्ट वाड्रा को ED के दफ्तर के सामने करीब पौने चार बजे छोड़ा और वहां से फौरन अपनी गाड़ियों के काफिले के साथ निकल गईं ।





रॉबर्ट वाड्रा संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के आपराधिक आरोपों के मामले में जांच एजेंसी के समक्ष पेश हुए हैं ।मनीलांड्रिंग केस में ED ने पांच घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की। कल सुबह फिर से पूछताछ की जाएगी ।





मामला लंदन के 12 ब्रायंस्टन स्क्वायर पर स्थित एक संपत्ति की खरीद में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित है जिसे 19 लाख पाउंड में खरीदा गया था जिसके मालिक वाड्रा हैं ।





इसी विदेशी संपत्ति के मामले में उनके बयान मनी लांड्रिंग रोधक कानून के तहत ED के समक्ष हुए।





सूत्रों के अनुसार रॉबर्ट वाड्रा ने ED के समक्ष लंदन में किसी भी तरह की संपत्ति होने से साफ इनकार किया है और कहा है कि संजय भंडारी के साथ उनका कोई लेना-देना नहीं है ।





कुछ समय पहले मीडिया से वाड्रा ने आरोपों से इनकार किया था और कहा कि राजनीतिक बदले के लिए उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है ।





इससे पहले रॉबर्ट वाड्रा ने इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए दिल्ली की अदालत की दरवाजा खटखटाया था, कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा की अंतरिम जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें 16 फरवरी तक गिरफ्तारी से राहत दी थी ।





रॉबर्ट वाड्रा पर लग चुके हैं ये भी आरोप :





आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने 2012 में आरोप लगाए कि रॉबर्ट वाड्रा ने दिल्ली और आसपास में कई ज़मीन-खरीदी और उसके लिए धन डीएलएफ़ की ओर से दिया जो रियल एस्टेट कंपनी है । कंपनी ने रॉबर्ट वाड्रा को “ग़ैर ज़मानती ब्याज मुक्त कर्ज़” दिए । 
मामले में वाड्रा और डीएलएफ़ दोनो ने आरोपों से इंकार किया ।





आईएएस अफ़सर अशोक खेमका का आरोप था कि कांग्रेस सरकार ने उन पर इसलिए निशाना साधा और परेशान किया क्योंकि उन्होंने रॉबर्ड वाड्रा और डीएलएफ़ के बीच समझौते को रद्द कर दिया था ।





राजस्थान सरकार ने 2015 में 3744 हेक्टेयर जमीन की म्यूटेशन (लैंड ट्रांसफर) रद्द कर दी थी । लैंड डिपार्टमेंट की ओर से अवैध निजी आवंटन की शिकायत पर लैंड ट्रांसफर रद्द किए गए थे ।शिकायत में कहा गया था कि आवंटन गैरकानूनी तरीके से किए गए ।





यह मामला 34 गांवों की जमीन सरकारी अफसरों की साठगांठ से हथियाने का आरोप था कि रॉबर्ट वाड्रा ने यह जमीन खरीदी थी लेकिन बाद में बेच दी।


February 05, 2019

फिर बढ़ सकती है ठंड

फिर बढ़ सकती है ठंड

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की संभावना है । कुल्लू, चंबा, शिमला, जैसी टूटिस्ट पॉइंट्स पर जबरदस्त वर्फबारी हो सकती है ।





जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में  पहाड़ियों पर भारी बर्फबारी की संभावना के साथ साथ कुछ जगहों पर बारिश की संभावना भी जाहिर की गई है ।





जनवरी से फरबरी तक पिछले 15 से 20 दिनों के अंदर पहाड़ी इलाकों में रुक रुक कर बर्फबारी हो रही है जिससे पहाड़ियों से मैदानी इलाकों की तरफ चलने वाली शीत लहर से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है ।





उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है गौरतलब है कि पिछले कुछ दिन पहले भी उत्तरप्रदेश, दिल्ली आदि में बारिश की वजह से पारे में गिरावट दर्ज की गई थी ।





पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी ठंड बढ़ जाएगी इन इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती है । ऐसे में इन इलाकोें का पारा भी लुढ़क  सकता है ।





मौसम विभाग के अनुसार देश के पहाड़ी हिस्सों में भारी वर्फबारी के साथ अन्य क्षेत्रों में बारिश ओलावृष्टि की संभावना है । जबकि सुबह शाम कुहरा भी परेशान करेगा ।


February 04, 2019

क्या है शारदा चिट फण्ड

क्या है शारदा चिट फण्ड

सारदा चिटफंड घोटाले  को लेकर कोलकाता के पुलिस कमिशनर के यहाँ पहुंची सीबीआई की टीम को जहां कोलकाता पुलिस ने हिरासत में ले लिया ।





और फिर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के साथ धरने पर बैठ गई हैं ।





इस मुद्दे पर राजनीतिक तेज हो गई है । तो आखिर क्या है सारदा चिटफंड मामला :





सारदा चिटफंड घोटाला लगभग 40,000 करोड़ रुपये का है । इसमें पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम के लोगों को तीस गुना ज्यादा वापस करने का लालच देकर लगभग 10 लाख लोगों से पैसे ठगे ।





कुछ ही समय बाद कंपनी पैसे लेकर गायब हो गई । इसके बाद से केस चलने पर धीरे धीरे इसमें कई राजनीतिक नेताओं का नाम सामने आने लगे ।





2013 में सारदा और रोज़ वैली चिटफंड घोटाले की जांच के लिए SIT बनाई  गई । राजीव कुमार SIT के अध्यक्ष बने ।





साल 2014 में सुप्रीमकोर्ट ने CBI जांच के आदेश दिए ।सीबीआई का आरोप है कि राजीव कुमार ने जांच की गति धीमी और सूबतों से छेड़छाड़ की है ।


February 03, 2019

बिहार में रेल हादसा

बिहार में रेल हादसा

बिहार के सहदेई बुजुर्ग में रेल हादसे की खबर है ।
सहदेई बुजुर्ग में रविवार सुबह 3 बजकर 55 मिनट पर सीमांचल एक्सप्रेस की 9 बोगियां पटरी से उतर गईं ।





फिलहाल इसमें 7 की मौत और 24 लोगों के घायल होने की खबर है । बाद में मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है । घायलों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है ।





यह हादसा हाजीपुर-बठवाड़ा रेल खंड के सहदेई बुजुर्ग में हुआ है । यहाँ सीमांचल एक्सप्रेस के 9 कोच पटरी से उतर गए हैं ।





बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे पर दुख जाहिर किया है ।





यह हादसा रविवार सुबह करीब 3 बजकर 55 मिनट पर हुआ जब यह ट्रेन जोगबनी से दिल्ली जा रही थी ।





घटनास्थल पर राहत और बचाव टीम पहुंच चुकी है, रेलवे के आला अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं ।





भेजी गई डॉक्टरों की टीम और एम्बुलेंस भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी है ।









रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर हादसे की जानकारी दी है ।












हेल्पलाइन नंबर





सोनपुर- 06158221645





हाजीपुर- 06224272230





बरौनी- 06279232222





हादसे की वजह पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है, हादसे के बाद मौके पर पटरी टूटी हुई थी । हादसे के वक्त रात का अंधेरा था अतः राहत और बचाव कार्य थोड़ी देरी से शुरू हुआ ।





मंत्री द्वारा मुआवजे का एलान 





पीयूष गोयल ने हादसे में मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा, गंभीर रुपये घायलों के लिए 1 लाख रुपये व मामूली रुप से घायल लोगों को 50 हजार सहायता राशि का ऐलान किया है ।


February 01, 2019

Latest income tax slabs and rates

Latest income tax slabs and rates

The latest income tax slabs applicable for financial year 2019-20 (assessment year 2020-21) in india.


The basic tax exemption limit for an individual depends on their age . According to age taxpayers are divided into three categories:






1. Resident  Below the age of 60 years
2. Resident senior citizens ( 60 years to 80 years)
3. Resident super senior citizens above the age of 80 years




Income tax slabs for resident individual below 60 years of age


Up to Rs 2.5 lakh.                       Nil
Rs 2,50,001 to Rs 5,00,000.       5%
Rs 5,00,001 to Rs 10,00,000.    20%
Rs 10,00,001 and above.          30%


+4% cess



Income tax slabs for resident individual between 60 and 80 years of age (Senior Citizen)


Up to Rs 3 lakh.                        Nil
Rs 3,00,001 to Rs 5,00,000.       5%
Rs 5,00,001 to Rs 10,00,000    20%
Rs 10,00,001 and above.         30%


+4% cess



Income tax slabs for resident individual above 80 years of age (Super Senior Citizen)


Up to Rs 5 lakh.                             Nil
Rs 5,00,001 to Rs 10,00,000.      20%
Rs 10,00,001 and above.             30%


+ 4% cess


As per the Budget 2019 announcement, no changes in the income tax slabs and rates have been proposed. A rebate of Rs 12,500 will be available for all taxpayers with taxable income up to Rs 5 lakh.


This rebate will be available under Section 87A of the Income Tax Act. Also, standard deduction for financial year 2019-20 would be Rs 50,000.


For the FY 2019-20, new surcharge rates have been introduced for the super rich.


Surcharges to be levied for FY 2019-20:
Taxable IncomeSurcharge (%)


above Rs 50 lakh but below Rs 1 crore.   10
above Rs 1 crore but below Rs 2 crore.    15
above Rs 2 crore but below 5 crore.          25
Income above Rs 5 crore.                           37


For non-resident individuals (NRI), the basic exemption limit is of Rs 2.5 lakh in a financial year irrespective of their age. Surcharge as mentioned in the table above will be levied on the taxable income.