June 21, 2020

Fathers's day celebration of middle class family



Today is fathers day. Mostly Middle class families celebrated fathers day at home or in park as a picnic . Surprise your father by gift or handmade card and cake . happiness of father can be felt by face after getting card/ cake. being Sunday today is holiday as well which increased happiness as father and son will enjoy together whole day.
if you want to prepare cake then links are here:

Black forest cake recipe https://youtu.be/eU3pIK4V81o which i prepared yesterday for fathers day .

If you dont have ovan try this mango mousse cake recipe https://youtu.be/QZX06NZtBV4

we believe that every day is fathers or mothers day but we have strong belief that we should celebrate these specific days as it increase love among family and bring us more closer as at least to celebrate this we spent time together. moreover kids love this type of day celebrations and enjoy so we should celebrate it.

We should respect our elders specially parents and its our duty and responsibility to keep our parents happy always. Displaying DP or status on social media is good but best is to keep parents happy 24×7.

Mujhe ham sath sath hai movie ka gana yad aata h :

yeh to sach hai ki bhagwan hai

hai magar fir bhi anajan hai

dharti pe rup maa-baap ka

us vidhata ki pehchan hai

janmadata hai jo, naam jinse mila

thamkar jinki ungali hai bachpan chala

kandhe par baith ke, jisne dekha jaha

nyan jinse mila, kya bura, kya bhala

itani upkar hai kya kahe

ye batana na assan hai

dharti pe rup maa-baap ka

us vidhata ki pehchan hai...

ye song hmen bhut kuchh btata aur sikhata hai , jrurat hai to bs ise jivan me apnane ki , apno ko pyar aur samman dene ki , unki ijjat krne ki.

Pita kya hai iska ahsas unke jane k bad aur jyada hota hai. Pita vo ped hai jiski chhaya mein hm bina preshani plte h . we should love and care our parents. hope all are doing and will do in future too.

happy father's day 2020 to all of you. By this video we are sharing enjoyment of middle class family on the ocassion of father's day .

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day)

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day)

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) कब होता है


अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है। यह दिन वर्ष का सबसे लम्बा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है।

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण से की थी और 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र के 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।

पहली बार यह अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) 21 जून 2015 को मनाया गया ।


योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है।

यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन- शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है।

आपका मन अगर अशांत है या शरीर की क्रियाशीलता कम हो गई है, तो इससे लिए आपको अपने जीवन का कुछ वक्त योग को समर्पित करना चाहिए जिससे कि आप न सिर्फ स्वस्थ रह सकें बल्कि अंदरूनी शांति से भी जुड़ सके। योग को प्राचीन भारतीय कला का एक प्रतीक माना जाता है भारतीय योग को जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जावान बनाए रखने के लि‍ए महत्वपूर्ण मानते हैं। इस दिन को मनाने का उद्देश्य योग के प्रति लोगों में जागरुकता पैदा करने के साथ लोगों को तनावमुक्त करना भी है।

भारतीय संस्कृति के अनुसार योग का अर्थ है जोड़ना, जीवात्मा का परमात्मा से मिल जाना, पूरी तरह से एक हो जाना ही योग है। हमारे ऋषि मुनियों ने योग के द्वारा शरीर मन और प्राण की शुद्धि तथा परमात्मा की प्राप्ति के लिए आठ प्रकार के साधन बताएँ हैं, जिसे अष्टांग योग कहते हैं..

ये निम्न हैं- यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रात्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि

आसन का विशेष महत्व:


एक ही स्थिति में अधिक से अधिक समय तक बैठने की क्षमता को आसन कहते हैं।

योग शास्त्रों के परम्परानुसार चौरासी लाख आसन हैं और ये सभी जीव जंतुओं के नाम पर आधारित हैं। इन आसनों के बारे में कोई नहीं जानता इसलिए चौरासी आसनों को ही प्रमुख माना गया है. और वर्तमान में बत्तीस आसन ही प्रसिद्ध हैं।

योग से फायदे:


जहाँ जिम आदि से शरीर के किसी खास अंग का ही व्यायाम होता है वहीँ योग से शरीर के समस्त अंग प्रत्यंगों,ग्रंथियों का व्यायाम होता है जिससे अंग प्रत्यंग सुचारू रूप से कार्य करने लगते हैं |

योग का प्रयोग शारीरिक , मानसिक और आध्यत्मिक लाभों के लिए हमेशा से होता रहा है। आज की चिकित्सा शोधों ने ये साबित कर दिया है की योग शारीरिक और मानसिक रूप से मानवजाति के लिए वरदान है |

योगासन मांस पेशियों को पुष्टता प्रदान करते हैं जिससे दुबला पतला व्यक्ति भी ताकतवर और बलवान बन जाता है वहीँ दूसरी ओर योग के नित्य अभ्यास से शरीर से फैट कम भी हो जाता है इस तरह योग कृष और स्थूल दोनों के लिए फायदेमंद है |

योगासनों के नित्य अभ्यास से मांसपेशियों का अच्छा व्यायाम होता है | जिससे तनाव दूर होकर अच्छी नींद आती है, भूख अच्छी लगती है, पाचन सही रहता है|

ध्यान यानि मेडिटेशन का प्रचार हमारे देश से भी ज्यादा विदेशों में हो रहा है आज की भौतिकता वादी संस्कृति में दिन रात भाग दौड़, काम का दबाव, आदि से तनाव बहुत बढ़ गया है | ऐसी स्तिथि में मेडिटेशन से बेहतर और कुछ नहीं है ध्यान से मानसिक तनाव दूर होकर गहन आत्मिक शांति महसूस होती है, कार्य शक्ति बढती है ,नींद अच्छी आती है | मन की एकाग्रता एवं धारणा शक्ति बढती है |

(International Yoga Day)

पिता दिवस या फादर्स डे ( Father’s Day ) कब क्यों कैसे

पिता दिवस या फादर्स डे ( Father’s Day ) कब क्यों कैसे

कब और कैसे मनाते हैं पिता दिवस या फादर्स डे ( Father’s Day ):


हर वर्ष जून माह के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाते हैं और पिता के प्रति प्रेम व्यक्त करते हैं। इस दिन खास तौर पर अपने पिता के प्रति उनके द्वारा दिए गए लाड़ प्यार और उनके द्वारा की गई परवरिश के लिए उनको खास सम्मान देने के लिए मनाया जाता है ।

यह खास दिन उन लोगों के लिए अधिक मायने रखता है जो अपने पिता से अलग रहते हैं लेकिन ऐसा नहीं सोचना है कि सिर्फ एक दिन ही फादर्स डे को मनाकर ख़ुशी होती है, पिता हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। फादर्स डे पिता का सम्मान करने का दिन है।

एक पिता-पुत्र, या पिता-पुत्री का रिश्ता बहुत ही अंतरंग होता है और यह दिन इस रिश्ते को और मजबूत करता है। फादर्स डे हमें पिता के प्रति अपने प्यार, प्रशंसा कृतज्ञता को व्यक्त करने का अवसर देता है। यह दिन दुनिया भर में पिता के बलिदानों की सराहना करता है।

पिता रोटी है पिता कपड़ा है पिता मकान है पिता नन्हे से परिन्दे का बड़ा सा आसमान है

फादर्स डे ( Father’s Day ) की शुरुआत कैसे हुई ?


माना जाता है कि फादर्स डे सर्वप्रथम 19 जून 1910 को वाशिंगटन में मनाया गया। इसके पीछे भी एक रोचक कहानी है सोनेरा डोड की।

सोनोरा के पिता एक सेवानिवृत्त सैनिक थे तथा उन्होंने अपनी पत्नी की मृत्यु के बाद सोनोरा और उसके भाई बहन की अकेले परवरिश की थी

वाशिंगटन में सोनोरा डोड को सेंट्रल मेथोडिस्ट एपिस्कोपल चर्च के बिशप द्वारा मदर्स डे पर दिए गए एक धर्मउपदेश को सुनने के बाद लगा कि जब मदर्स डे है तो पिता दिवस भी होना चाहिए ।

फादर्स डे मनाने की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। वॉशिंगटन के स्पोकेन शहर में सोनोरा डॉड ने अपने पिता की याद में इस दिन की शुरुआत की थी।

सोनेरा डोड की मां का देहांत के बाद पिता विलियम स्मार्ट ने सोनेरो के जीवन में मां की कमी नहीं महसूस होने दी और उसे मां का भी प्यार दिया।

1966 में राष्ट्रपति लिंडन जानसन ने जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाने की आधिकारिक घोषणा की।1972 में अमेरिका में फादर्स डे पर स्थायी अवकाश घोषित हुआ।

फि‍लहाल पूरे विश्व में जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है। भारत में भी धीरे-धीरे इसका प्रचार-प्रसार बढ़ता जा रहा है।

पिता दिवस या फादर्स डे ( Father’s Day ) क्यों है महत्वपूर्ण:


पिता परिवार का मसीहा होता है। वह परिवार की भलाई के जिम्मेदार होता है। यह दिन पिता को प्यार दिखाने के लिए मनाया जाने वाला दिन है और यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि पिता वह व्यक्ति है जो अपने बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कार्यालय में अथक प्रयास करता है और फिर अपने बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करता है।
ऐसे सभी पिताओं की भावना का सम्मान करने के लिए हर साल फादर्स डे के रूप में एक विशेष दिन मनाया जाता है ताकि समाज में पिताओं के प्रयासों और योगदान को याद किया जा सके।

पिता को उनके सभी बिना शर्त प्यार, स्नेह, योगदान और बलिदानों के लिए धन्यवाद व्यक्त करने का अवसर देता है।

फादर्स डे मनाने के अलावा, बच्चे अपने पिता के करीब आते है। अक्सर बच्चे, अपने माँ-बाप से प्यार का इजहार करते है। फादर डे मनाने से उन्हें अपने जीवन में पिता की महत्वपूर्ण भूमिका याद आती है।

किसी नए बहुत ही सुन्दर कविता में लिखा है: 


पिता रोटी है पिता कपड़ा है पिता मकान है,
पिता ननेसे परिन्दे का बड़ा आसमान है,


पिता है तो हर घर मे हर पल राग है,
पिता से माँ चूड़ी है बिन्दी है सुहाग है,

पिता है तो बच्चों के सारे सपने है ,
पिता है तो बाज़ार में सारे खिलोने अपने है,

सुबह सवेरे घर से निकल जाते है
मेरे पापा दाना पानी लाते है ॥

खून पसीना एक करके कमाते है ॥
कभ जागते कभ सोते है पता नही ॥
किस वक्त कहा होते है पता नही ॥
एक अकेले घर का बोज उठाते है ॥
मेरे पापा दाना पानी लाते है ॥

खुद बीमार हो अपनी चिंता नही करते ॥
हम को छिक भी आये पापा बहुत डरते ॥
खुद दवाई लेने बागे जाते है ॥
मेरे पापा दाना पानी लाते है ॥

सब के पापा सुखी रहे खुशहाल रहे॥
चंचल बनके बच्चों की वो डाल रहे ॥
हर संकट से पापा हमें बचाते है ॥
मेरे पापा दाना पानी लाते है ॥

Important Days and Dates in the Month of June

June 15, 2020

आत्महत्या कोई समाधान नहीं है

आत्महत्या कोई समाधान नहीं है

आत्महत्या कोई समाधान नहीं है। एक फाइटर बनो , स्थिति से लड़ना ही समाधान है ।।


 

प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक बार ऐसे समय का सामना करता है जब वह भावनात्मक रूप से कमजोर महसूस करता है।

उस स्थिति में कोई रास्ता नहीं दिखता, कोई उम्मीद नहीं नजर आती , सिर्फ विफलता का दबाब दिखाई पड़ता है ।

ऐसे समय मे शांत रहें और इस समय को बिना कुछ किए बिना सोचे गुजरने दें क्योंकि कभी-कभी हाथ पैर मारने के बजाय शांति से बैठ जाना सबसे अच्छा समाधान होता है।

इस समय कभी भी अकेले न रहें, अपने जीवन के सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति के साथ अपना कठिन समय साझा करने का प्रयास करें। अपने जीवन का ख्याल रखना, क्योंकि यह केवल तुम्हारा है।

जीवन में आपके पास हमेशा दूसरा मौका हो सकता है लेकिन जीवन के लिए कोई दूसरा मौका नहीं। कोई रीटेक नहीं ... कोई विकल्प नहीं...

सफलता, सम्मान, प्यार, रिगार्ड, पावर, पैसा, नाम, प्रसिद्धि…सब कुछ आप बाद में भी पा सकते हैं लेकिन जीवन अमूल्य है जिसे सवकुछ चुकाकर भी दुबारा पाप्त नहीं किया जा सकता ।

सफल होने का जीवन में हर व्यक्ति का एक सपना होता है, कुछ लोग इसे हासिल करते हैं और कुछ लोगों के लिए यह एक सपना ही रह जाता है।

सफलता, सम्मान, प्यार, रिगार्ड, पावर, पैसा, नाम, प्रसिद्धि जैसे सभी शब्द हमें बहुत आकर्षित करते हैं। लेकिन कुछ भी मुफ्त नहीं आता है, हमें इन्हें हासिल करने के बदले में एक बड़ा भुगतान करना होगा।

और यह भुगतान है हमारा सबसे मूल्यवान समय, हमारे संबंध, परिवार, कुछ व्यक्तियों के लिए यह सब प्राप्ति जीवन का अंतिम लक्ष्य है और वे इसे किसी भी कीमत पर हासिल करने के लिए तैयार हैं।

वे व्यक्ति कड़ी मेहनत करते हैं, चाहे दिन हो या रात, कोई फर्क नहीं पड़ता अकेले या परिवार / दोस्त, घर के पास या अपने स्थानों से दूर कोई फर्क नहीं पड़ता। प्रदर्शन, प्रतियोगिता आदि का दबाव रहता है ।

लेकिन मुद्दे जीवन में तब आते हैं जब सफलता के लिए शॉर्टकट की राह की तरफ बढ़ने लगते हैं, धोखा, अनैतिक तरीकों की मदद लेना क्योंकि जैसा कि प्रत्येक अधिनियम किसी चीज को बदले में मांगता है सफलता के लिए ये बुरे तरीके स्पष्ट रूप से जीवन में कहीं न कहीं प्रतिकूल प्रभाव छोड़ते हैं।

एक दृष्टिकोण के अनुसार यह एक उपलब्धि पाने के लिए एकदम सही है, लेकिन दूसरा दृष्टिकोण बोलता है कि सफलता के लिए अकेले होते जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है । जब तक जीवन मे दोस्त यार परिवार आदि आपके साथ न हों तो सफल जीवन को भी समाप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं।

हाल ही में बॉलीवुड उद्योग के एक प्रमुख अभिनेता द्वारा आत्महत्या की निराशाजनक खबर। उसके चौंकाने वाले कदम के पीछे वास्तविक कारण उसके साथ चला गया। लेकिन स्पष्ट रूप से कुछ बहुत हास्यास्पद था उसके जीवन में या यह एक की धारणा पर निर्भर करता है इस विशेष मामले पर विचार करें।

एक अग्रणी अभिनेता, सफल, प्रसिद्ध, समृद्ध, युवा आइकन। यह उसकी पहचान है जो आम तौर पर लोग उसके बारे में जानते हैं।

लेकिन दृश्य के पीछे एक गैर-अभिनय पृष्ठभूमि, घर की बीमारी, महत्वाकांक्षाएं, सामाजिक दबाव, तनावपूर्ण कामकाजी जीवन शैली, उद्योग में निरंतर संघर्ष, अकेलापन ... बहुत सारे कारक सार्वजनिक जीवन में सफलता की लागत के रूप में काम करते हैं।

कुछ और भी कारक हैं जो मनोरंजन उद्योग के बुरे पक्ष हैं जैसे कि छिपे हुए वित्तीय ऋण, प्रतिस्पर्धा के खतरे, हताशा इत्यादि। ये सबसे आम कारक हैं जो किसी व्यक्ति को ऐसे जीवन समाप्त करने वाले कदम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।

हालाँकि इस विशेष मामले के पीछे के वास्तविक कारण को कोई नहीं जानता है या हम ज्यादातर मामलों के बारे में ऐसा ही कह सकते हैं। लेकिन इस तरह की घटनाएं हमें कुछ महत्वपूर्ण सीख देती हैं;जैसे
* कुछ भी अपनी खुद की जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं है। * यह बिना चाबी के डिजाइन किया गया कोई लॉक नहीं है, यह जीवन के साथ काम करता है। हर समस्या का समाधान समय पर ढूंढना होता है।

* सफलता का बुराई पक्ष हमेशा आकर्षित करता है और इसे हासिल करना आसान लगता है लेकिन जल्दी या बाद में यह आपके जीवन को बनाने के लिए सबसे कठिन बलिदान मांगता है, कुछ समय यह मृत अंत है इसलिए कृपया सफलता के लिए कभी भी शॉर्टकट का पालन न करें।

* हमेशा अपनी वृत्ति का पालन करें, यह आपको आपके लिए सबसे अच्छी सलाह देगा।

* कम से कम एक दोस्त है ऐसा हो जो वास्तविक दोस्त है। एक वास्तविक दोस्त जो आपको किसी भी स्थिति में कभी निराश नहीं करे।

* सामाजिक बनें, कोई बात नहीं आप शीर्ष पर हैं। लेकिन कुछ समय आपको एक समाज का हिस्सा बनने की आवश्यकता होती है।

source:

https://aarunkush.blogspot.com

June 14, 2020

कुछ समय के लिए बैंकों का निजीकरण नहीं होने की खबर

कुछ समय के लिए बैंकों का निजीकरण नहीं होने की खबर

कुछ समय के लिए बैंकों का निजीकरण नहीं होने की खबर


कुछ प्रमुख समाचार पत्र और अन्य माध्यमों से आ रही खबर के अनुसार कोरोना वायरस के कारण पैदा हुए आर्थिक हालात की वजह से चालू वित्‍त वर्ष में कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों  के निजीकरण  की उम्‍मीद नहीं है।

खबरों में अभी निजीकरण न होने की वजह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के घटे मूल्‍यांकन और स्‍ट्रेस्‍ड एसेट्स में बढ़ोतरी को बताया गया है।

खबर में चार बैंकों इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (CBI), यूको बैंक (UCO Bank) और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (UBI) पर पीसीए (प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन PCA) का हवाला देकर कहा गया है कि मौजूदा हालात में प्राइवेट बैंकिंग सेक्‍टर से उन्‍हें कोई खरीदार मिलना मुश्किल होगा।

ऐसे में सरकार की ओर से फिलहाल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण नहीं करने का फैसला लिया जा सकता है।

लेकिन यहाँ सोचनीय विषय यह है कि दिए गए बैंक में से यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (UBI) का विलय पहले ही हो चुका है जबकि इन्हीं समाचार पत्रों की पिछली खबर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (CBI) को लेकर निजीकरण की कोई खब़र नहीं थी।

एक अन्य बैंक बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र (BOM) जो कि पिछली खबरों में शामिल था उसका कोई जिक्र नहीं किया गया है जो एक संशय पैदा करता है।

हालाँकि श्री रघुराम राजन, श्री मनमोहनसिह से लेकर कई अन्य आर्थिक विषयों के विशेषज्ञों का पहले से ही मानना है कि सरकार का बैंकों के निजीकरण के बारे में सोचना फिलहाल बहुत ही गलत कदम है।

Bank DA from May 2020 to July 2020

एम् एस धोनी फेम अभिनेता सुशांत सिंह नहीं रहे

एम् एस धोनी फेम अभिनेता सुशांत सिंह नहीं रहे
उन्होंने सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय टीम के पूर्व कप्तान एम एस धोनी का किरदार निभा कर बटोरी थी।

जी हाँ नीरज पांडे द्वारा निर्देशित एम एस धोनी की बायोपिक सुशांत के करियर की पहली फिल्म थी जिसने सौ करोड़ का कलेक्शन किया था।


पता नही क्या हुआ क्या बात हुई कि इतना अघात हुआ जो ऐस कदम उठाना पड़ा ?

सुशांत सिंह राजपूत का निधन सभी स्तब्ध, कोई सफल युवा ऐसा कैसे कर सकता हैं?

क्या समस्यों का बोझ जिंदिगी से भी ज्यादा हो सकता हैं।


मशहूर एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने मुंबई में अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी है।

34 साल के  सुशांत बॉलीवुड के बेहद लोकप्रिय एक्टर थे।


खब़र के अनुसार, सुशांत और उनके कुछ दोस्त उनके घर पर थे । बीच में ही सुशांत अपने कमरे में गए । दरवाजा ना खुलने पर उनके कमरे के दरवाजे को जब तोड़ा गया तो रूम में सुशांत हरे रंग के कपड़े से लटके पाए गए।

सुशांत पिछले छह महीनों से डिप्रेशन से गुजर रहे थे।


उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी एक्टर के तौर पर की थी । उन्होंने धारावाहिक 'किस देश में है मेरा दिल' और एकता कपूर के धारावाहिक पवित्र रिश्ता में काम किया।


वे फिल्म काय पो छे में लीड एक्टर के तौर पर नजर आए थे और उनके अभिनय की तारीफ भी हुई थी। इसके बाद वो शुद्ध देसी रोमांस में वाणी कपूर और परिणीति चोपड़ा के साथ दिखे थे।  फिल्म सोनचिड़िया और छिछोरे में भी काम किया था। उनकी आखिरी फिल्म केदारनाथ थी ।


उनकी मौत की खबर से बहुत दुखी दिखीं फ़िल्मी हस्तियाँ।

June 13, 2020

बढ़ता जा रहा साइबर अपराध

बढ़ता जा रहा साइबर अपराध

साइबर अपराधियों द्वारा दिन पर दिन अपनाया जा रहा नया सिस्टम


साइबर अपराधियों से जुड़ा एक नया तरीका सामने आ रहा है अब वे आपके मोबाइल की स्पीड के लिए आपके मोबाइल कार्ड 3 जी को 4 जी में अपडेट करने के लिए कहते हैं और इसके लिए आपको लिंक द्वारा अथवा आपसे ओटीपी के लिए पूछते हैं जब आप लिंक खोलते हैं तो गड़बड़ शुरू।

वे आपको यह भी सूचित करते हैं कि इसके बाद आपका मोबाइल कुछ समय के लिए बंद हो जाएगा। तब आपका मोबाइल हैक किया जा चुका होता है  और हैकर नए क्लोन कार्ड बनाते हैं । मोबाइल बैंकिंग / नेट बैंकिंग का  दिए गए ओटीपी का उपयोग करते हैं।

अहमदाबाद के एक निजी बैंक में एक मामला सामने आया है जहाँ 5 एनईएफटी ट्रांजैक्शन  द्वारा जेएंडके, यूपी, बिहार में 5 जनधन खातों में जमा किया गया और एसबी खाते से नकद राशि की निकासी कर ली गई ।

इसी प्रकार फेसबुक पर भी आपके ही फोटो को चुराकर आपके ही नाम की नई आईडी बनाकर फिर मेसेंजर द्वारा आपके दोस्तों से अपने खातों में पैसे मांगने का तरीका भी सामने आया है ।

यह जानकारी आपको जागरूक करने और रोकथाम के लिए है ।

साइबर क्राइम



  • वे अपराध जिनमें कंप्यूटर पर हमला किया जाता है।  उदाहरण: हैकिंग, वायरस आदि ।अथवा

  • वे अपराध जिनमे कंप्यूटर को  उपयोग कर अपराध किया जाता है। इस प्रकार के अपराधों में साइबर आतंकवाद, आईपीआर उल्लंघन, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, पोर्नोग्राफी आदि आते हैं ।

क्या कोरोना में पहले स्थान पर होगा भारत ?

क्या कोरोना में पहले स्थान पर होगा भारत ?
भारत देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है । देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) के तीन लाख से अधिक मामले सामने आए  हैं । और अब भारत कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित 10 देशों की सूची में ब्रिटेन को पछाड़कर चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

लगातार बढ रहे संक्रमान को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं भारत में अमेरिका जैसे हालात न हो जाएँ । अब तक भारत में 800 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। जबकि अमेरिका का आंकड़े काफी अधिक और कई लाख में हैं ।

भारत में लगातार प्रतिदिन आने वाले मामलों कि संख्या में इजाफा हो रहा है फिलहाल भारत में लगभाग ग्यारह हजार मामले प्रतिदिन नए  सामने आ रहे हैं और एक दिन में मृतक संख्या भी लगभग चार  सौ के पास पहुंच रही है।

एक समय जब लॉक डाउनशुरू हुआ था तब देश के हालात काफी बेहतर और कंट्रोल में नजर आ रहे थे लेकिन जैसे जैसे समय बीत रहा है मामले बढ़ते चले जा रहे हैं अब जबकि कई जगह व्यवस्थाओ में कमी आ रही है तो राजनीतिक आपसी खींचतान भी साफ दिखाई दे रही है ।

कोरोना वायरस ; लक्षण और बचाव के उपाय

भारतीय मिडिया भी खेमों में बंटी दिख रही है मीडिया द्वारा राज्यों के आंकड़े उनको चलाने वाली सरकार और पार्टियों के हिसब से दिखाए जा रहे और बहस दिखाई जा रहीं हैं।

हालाँकि ज्यादातर समझदार लोगों का मानना है कि मुम्बई के अधिक केस वहाँ अधिक अंतर्राष्ट्रीय उड़ाने आने के कारण और फिर मलिन बस्तियों में फैलने के कारण हुए है जबकि ज्यादा आंकड़ों के लिए दिल्ली का कहना है कि जहाँ टेस्ट ही कम हैं वहां कोरोना के मामले दबाए जा रहे हैं ।

परन्तु फ़िलहाल सोचनीय विषय यह है कि अब जब मामले छोटे गाँव और देहात में भी मिलने लगे हैं तो क्या भारत खुद को इसी चौथे स्थान पर बनाकर रख पाएगा या दूसरे अथवा कहीं पहले स्थान पर न पहुँच जाए ।

कोरोना को लेकर मनोचिकित्सकों की सलाह

भारत को कोरोना संक्रमण रोकने के लिए उसके ही नागरिकों का साथ चाहिए यदि हम चाहते हैं कि हमारी स्थिति और भयावह न हो तो हम सबको शोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना ही होगा , कोरोना का कोई इलाज नहीं लेकिन इसको फैलने से रोका जा सकता है ।

तो यदि हम सुधरेंगे और बिना काम के बाहर नहीं निकलेंगे, जरुरी काम के लिए जाने पार सावधानी बरतेंगे , समय समय पर हाथ धोएँगे  तो शायद हम खुद को  और देश को बचा लेंगे । अन्यथा हमारी जनसंख्या के हिसाब से हमें एक नंबर पर पहुँचने से हमारे अलावा कोई नहीं बचा सकता ।

Social Distancing in London

बैंकों का निजीकरण सही नहीं, विरोध शुरू

बैंकों का निजीकरण सही नहीं, विरोध शुरू

बैंकों का निजीकरण सही नहीं, विरोध शुरू


सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण खबर के आने के बाद से ही बैंक कर्मचारियों में सरकार के प्रति असंतुष्टि की भावना और विरोध जाग्रत हुआ है । उनका मानना है कि सर्वाजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण सही नहीं। यदि केवल चार बैंक रखने हैं तो बैंक विलय ही सही तरीका है।

बैंक कर्मचारियों के अनुसार जो सरकारी उपक्रम किसी जमाने में सरकार और देश की शान हुआ करते थे, वही इस नए दौर में सरकार को बोझ और बेकार लगने लगे हैं। हालाँकि आज तक सरकार की जितनी भी योजनाएं हैं वे इन्ही बैंकों के द्वारा ही कारगर साबित हुई हैं ।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा भारतीय मजदूर संघ भी अब मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतर आया है  विरोध में हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और मोदी सरकार पर मजदूरों के हितों के खिलाफ आर्थिक नीति बनाने का आरोप लगाया है।

XI BIPARTITE SETTLEMENT update 26 Apr 2020

बैंक कर्मियों ने सटीक उदाहरण दिया:


उन्होंने कहा जरा सोचिए कि एक पार्टी ने पहले चुनाव प्रचार में मेहनत की , फिर चुनाव लड़े , फिर जीतकर आए । और सरकार में आ गए । लेकिन फिर उनसे कहा जाए कि आपकी ये सरकार विपक्ष के अंडर में काम करेगी तो कैसा लगेगा ??

बिल्कुल वैसे ही बैंक कर्मियों ने पढ़ाई करके तैयारियां कीं, परीक्षा दीं, इंटरव्यू दिए , तब जाकर सार्वजनिक बैंक में नौकरी मिली और अब  सरकार कहती है कि अब आप प्राइवेट बैंक में काम करेंगे ।

एक युवा बैंक कर्मी के अनुसार उसकी शादी ही सरकारी नौकरी होने की वजह से फिक्स हुई है घर से ग़रीब है और जमीन जायदाद न होने से शादी नहीं हो रही थी। अब जब सारकारी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में नौकरी मिली तो शादी फिक्स हुई है लेकिन अगर निजीकरण हुआ तो ससुराल वाले धोखा समझेंगे या शायद शादी ही न होने पाए।

Bank DA from May 2020 to July 2020

रणनीतिक क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र की अधिकतम चार कंपनियां


हाल ही में वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने रणनीतिक क्षेत्रों सहित उद्योग के सभी क्षेत्रों को निजी पूंजी के लिए खोलने की केंद्र की घोषणा की थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी उल्लेख किया था कि रणनीतिक क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र की अधिकतम चार कंपनियां होंगी।

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार नीतिआयोग ने चुनिंदा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम का निजीकरण करने का प्रस्ताव दिया है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण पर चर्चा के लिए उच्च स्तरीय बैठकों की व्यवस्था की गई है। पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, IOB, आदि कुछ नाम हैं जिनका निजीकरण किया जा सकता है।

'दिया और बाती हम' फेम एक्ट्रेस की मम्मी कोरोना पॉजिटिव

'दिया और बाती हम' फेम एक्ट्रेस की मम्मी कोरोना पॉजिटिव
हाल ही में 'दिया और बाती हम' धारावाहिक से फेमस हुई एक्ट्रेस दिपिका सिंह  की मम्मी भी कोरोना से संक्रमित निकलीं हैं, इस बात का जानकारी एक्ट्रेस ने खुद ही अपने एक वीडियो के जरिए दी है।

दीपिका की मम्मी कोरोना से संक्रमित हैं लेकिन उन्हें किसी भी अस्पताल में भर्ती नहीं करवाया गया है, जिसके कारण एक्ट्रेस दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल  से मदद की गुहार एक विडिओ के जरिए लगाई।

क्या कोरोना में पहले स्थान पर होगा भारत ?

वीडियो में एक्ट्रेस दीपिका सिंह ने कहा है  " मेरी मम्मी की उम्र 59 साल है और वह दिल्ली में मेरे पापा के साथ हैं।  उनकी आज कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।  मगर रिपोर्ट अभी तक हाथ में नहीं दी है सिर्फ पापा को बोला की रिपोर्ट की फोटो खिंचकर ले जाइये। रिपोर्ट नहीं है, तो हम उन्हें किसी अस्पताल में भी नहीं दिखा सकते।  मेरी मम्मी जोइंट फैमिली में रहती हैं वह पहाड़ गंज में है वहां 45 लोग एक साथ रहते हैं मेरी दादी को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और पापा भी ससपेक्टेड हैं।

कोरोना को लेकर मनोचिकित्सकों की सलाह

समझ नहीं आ रहा मम्मी को यह कैसे हुआ है हम उनका चेस्ट एक्स रे कैसे करवाएंगे कहीं से कोई गाइडेंस नहीं मिल रही है। मैंने जहां भी बात की है वहां सभी कह रहे हैं कि बैड फुल हैं। सब लोग डरे हुए हैं, इसलिए हमें आपकी मदद की जरूरत है।"

 

June 09, 2020

A place, every girl want after marriage


A place, every girl loves after marriage in a joint family




Here my views about a place which loves most by every girl. it’s her favourite place which is her room.
When a girl entered in a big house after marriage she don’t feel comfortable. She always lost in her previous memories. She left a home where she was like princess. But when she comes in new house after marriage she don’t feel the treatment like princess. Although People in new house treated her like queen but princess is far more better than this new queen.


After some time she self introduced her to her room by the way she is living in this house since her first day after marriage but  after many days she feels that this room belongs to her actually , It’s her room. No one is going to make restrictions. Than she decorate her room with her favourite things.
A girl can feel this feeling only when she gets the room where no one interfares. She can do what she wants. Now she feels like princess here.


If I talk about myself, my in-laws house is very big and most important thing no one is restricting me. Still I love only my room. I feels like heaven here. I love to click pictures and frame it. I have places many pictures in my room.
I can sing here, I can dance here, I can act here like no one is watching me. I can sit here like I want. I can sleep here like I want. I can lying here back and use my phone while shaking my legs . I can talk to my friends and family and no one will going to listen our talks.


Folks, If anyone tried to spy on you, trust me girls go and raise your voice, because it’s your right to privacy.
It’s a favourite place of every girl I am sure about this.  That is second favourite place of every girl after her parents house.


Every girl needs this place after marriage for settling down. She came here after leaving her own house where she has been born and brought up. She came here for a boy,  she expected to treat her like princess. If he will not behave her properly what will she do? Where she will go?


Can u guys just  imagine what a girl feels when she leaves her home, her parents, her brother and sister? I am sure u can’t even imagine but a girl do this. So it’s a duty of every husband to make a heaven for her. You can start this by doing it in just a room with her opinion.

If you want to take respect from a girl, first you have to give respect to her.


June 06, 2020

How safe is London’s Transport in covid-19???



London transport run by TFL is safe or not in corona is a big question.

what are safety measures in London trains?

Social Distancing followed? used by key workers? passenger wearing mask?

London underground , london bus , national rail all have same arrangements ?

Travel by bus and train safe in London? safety instructions ?

Answer of all these questions you will find in this video yourself . All are requested to share this video as much as u can so people will learn from it. Team of Priyanka's times Files visited Woodside park, whestone , blackfire , embakement , east finchley , finchley central , euston , charing cross, archway , tuffnel park etc stations visited to make this video.

few stations found closed like temple. All are requested to share this video as much as u can so people will learn from it. Dont forget to like , share ,comment and subscribe my channel.

June 04, 2020

बैंकों के निजीकरण की खबर कर्मचारी परेशान

बैंकों के निजीकरण की खबर कर्मचारी परेशान

"टॉप मैसनेजमेंट और यूनियन मर्जर के लिए मनाएं सरकार को "


यूनियन और टॉप मैनेजमेंट की सोच थी बैंक मर्ज होगी तो जिसमें मर्ज होगी उसमें परेशानी आएगी । इसलिए मर्जर बेकार है नहीं होना चाहिए ।

परेशानी किसको आती टॉप मैनेजमेंट को जिनको थोड़ा अधिक काम करना पड़ता और रॉब थोड़ा कम हो जाता । या फिर यूनियन के नेताओं को जो दूसरे बैंक में मर्ज होने से यूनियन नेता नहीं रह जाते क्योंकि जिसमे मर्ज हो रहे हैं उसमें पहले से यूनियन नेता मौजूद थे ।

बैंक मर्ज हो रही थीं । कर्मचारी यूनियन विरोध कर रहे थे । कर्मचारियों ने विरोध में हड़तालें कीं जिससे उनका ही वेतन कटा। फिर भी कई बैंक मर्ज हो गईं।

कुछ बड़ी बड़ी बैंक मर्ज हुईं जो बचे खुशी मना रहे थे कि हम बच गए । पर सरकार ने प्लान के तहत बड़े बड़ों को सिर्फ खदेड़ा और छोटों को चक्रव्यूह में घेरा ।

जो समझदार थे उस समय भी बोल रहे थे कि छोटी बैंक अकेले रह गईं तो उनकी बोली आसानी से लग सकती है । बड़ी बैंकों को खरीदना इतना आसान न होगा ।

बैंक निजीकरण की खबर से परेशान हैं कर्मचारी


अब जबकि कुछ बैंकों के निजीकरण की खबर आ रही है तो उन बैंकों के कर्मचारियों के चेहरे उदास हैं परेशान हैं । वे जमकर उस यूनियन को कोस रहे हैं जो मर्जर के विरोध में हड़ताल करके सेलरी कटवाती आई हैं । जिसका कोई नतीजा नहीं बैंक लगातार मर्ज हुईं और अब निजीकरण की तरफ जा रही हैं

अब जबकि सरकार ने फिर से  ऐसी बात रखी है तब हर कर्मचारी के अंदर से आवाज आ रही है कि काश कोई बड़ी बैंक हमारी बैंक को भी अपने साथ ले ले ।

वक्त अभी भी है टॉप मैनेजमेंट और यूनियन सरकार से जाकर बात करें कि हम मर्जर को तैयार हैं किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक में मर्ज कर दीजिए । अन्यथा एक बार निजीकरण की फ़ाइल आगे बढ़ गई तो बैंक कर्मियों को मर्जर के विरोध की सजा जिंदगी भर झेलनी होगी । जबकि मर्जर से दो चार साल ही परेशानी होगी ।

मर्जर के बाद अब बैंकों का निजीकरण

मर्जर के बाद अब बैंकों का निजीकरण
इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर के अनुसार कुछ बैंकों का निजीकरण किया जा सकता है । रिपोर्ट की मानें तो वित्त मंत्रालय शीर्ष सरकारी अधिकारियों की एक टीम गठित की जा चुकी है जो इस प्रस्ताव पर काम कर रही है।

नीति आयोग ने सरकार को सुझाव दिया है कि वह बैंकों के निजीकरण को अपनी हरी झंडी दे दे। साथ ही ये सुझाव भी दिया गया है कि कुछ चुनिंदा उद्योग घरानों को ही बैंकों का लाइसेंस दे, साथ ही उन्हें इस बात की स्पष्ट निर्देश दिया जाए कि वह ग्रुप कंपनियों को कर्ज ना दें।

कई बैंक एनपीए की वजह से अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर करने में विफल हो रहे हैं और इनकी स्थिति बेहतर नहीं हो रही है। ऐसे में सरकार इन बैंकों के निजीकरण पर विचार कर रही है।

इन बैंकों का हो सकता है निजीकरण


ET की खबर के अनुसार सरकार पंजाब एंड सिंड बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इंडियन ओवरसीज बैंक के निजीकरण पर विचार कर रही है।

सरकार द्वारा हाल ही में कई बैंकों का मर्जर किया गया था। 10 क्षेत्रीय बैंकों को 4 बड़े बैंकों में मर्ज किया जा चुका है ।

June 01, 2020

How to wash groceries & vegetables/fruits in covid-19


Cleaning or washing eatables like fruits , vegetables , grocery etc is very important to avoid corona virus risk during this covid-19 period . We should clean all eatables i.e. groceries by
anti germ wipes and clean all fruits/ vegetables / and other items with little warm water . In this Video i will show you how to clean /wash items to protect yourself and your loved ones from corona virus . Cleanliness of items is very important . Specially as we eat these items hence risk of corona to reach our body is higher if we will not clean these items in proper manner . Lets start how to clean all items in proper way in this video .Friends please watch my video & plz like ,share , comment on this & subscribe my channel...Thanku

Aalu Patties (Potato Puffs) Recipe



How to make Aalu Patties ( Potato Puffs ) in home is objective of this Video .

Aalu Patties is very delicious dish liked by all group of age specially children.

Aalu Patties is famous in northern India . Making this aalu Patties dish will make your loved ones happy specially your kids .

This dish is easily available in school /college canteens , street food market , various small stores in northern India but making at home will be a great experience for you . So let us see by this video how we make aalu patties at home : Priyanka's Times Files